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बीच परीक्षा में ही वापस लिया पेपर
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बीच परीक्षा में ही वापस लिया पेपर
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद जनपद में भी सभी 34 केंद्रों पर परीक्षा निरस्त कर दी गई। जिस समय परीक्षा के निरस्त होने की सूचना जनपद में आई। उस समय तक प्रश्न पत्र अभ्यर्थियों के हाथों में पहुंच चुका था। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी काफी प्रश्न पत्र हल भी कर चुके थे। अचानक प्रश्न पत्र निरस्त होने से अभ्यर्थियों को मायूसी हाथ लगी है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा की पहली पाली सुबह 10:30 बजे शुरू करा दी गई। अधिकारियों के पास करीब 10:15 बजे तक परीक्षा निरस्त होने की सूचना पहुंची। इस सूचना को केंद्रों तक पहुंचने में 11:30 तक बज गए।
शहरी क्षेत्रों में पूर्वाह्न 11 बजे सूचना केंद्रों पर पहुंची तो अभ्यर्थियों के हाथों से प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट ले ली गई, जबकि देहात के परीक्षा केंद्रों पर 11:30 बजे अभ्यर्थियों से प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट वापस ली गई। परीक्षा के निरस्त होने की सूचना से केंद्रों के भीतर खलबली का माहौल रहा। अभ्यर्थियों ने पूरे सिस्टम पर सवाल उठाते हुए अपनी भड़ास निकाली।
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अभ्यर्थियों में दिखा गुस्सा
- रुड़की निवासी इंदुबाला आर्य का परीक्षा केंद्र पाइनवुड पब्लिक स्कूल रहा। इंदु ने बताया कि वह सात सवाल हल कर चुकी थी। इसी समय कक्ष के भीतर सूचना आई कि परीक्षा निरस्त कर दी गई है। जिसके बाद उनके हाथों से प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट ले ली गई। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
- नीरज का परीक्षा केंद्र स्टार पेपर मिल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में था। नीरज ने बताया कि प्रश्न पत्र बेहद आसान था। जिस समय परीक्षा निरस्त होने की सूचना आई उसने 70 सवाल हल कर लिए थे। नीरज का कहना है कि वह बीएड प्रवेश परीक्षा में भी ऐसा ही झेल चुके हैं। सरकार को व्यवस्था दुरुस्त रखनी चाहिए।
- एल्पाइन स्कूल में परीक्षा देने पहुंची दिव्यांग प्रेमलता ने बताया कि बीते कई वर्ष से लगातार प्रश्न पत्र लीक हो रहे हैं, जिसके बाद भी सरकारें सबक नहीं ले रही हैं। युवा परीक्षाओं की तैयारी पर पैसा और समय खर्च करते हैं। जिसके बाद भी उनके हाथ खाली रह जाते हैं।
- दीपक दहिया ने पेपर लीक होने के लिए सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि इस तरह की घटनाएं बेरोजगारों के जीवन और उनकी भावनाओं से खिलवाड़ है। परीक्षा निरस्त होने के बाद वह खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
- शुभि गुप्ता ने बताया कि वह पूरी तैयारी के साथ परीक्षा देने पहुंची थी। प्रश्न पत्र भी आसान था, मगर अचानक परीक्षा निरस्त होने की सूचना ने उन्हें झटका दिया है। युुवा पहले ही परेशान हैं। ऐसे में सरकार को व्यवस्था दुरुस्त रखनी चाहिए।
- विकास ने बताया कि वह कई साल से अलग-अलग परीक्षाएं देते आ रहे हैं। यह तीसरी परीक्षा है, जो पेपर लीक होने की वजह से निरस्त हुई है। उन्होंने व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो जाने का आरोप लगाया।
जाम की स्थिति बनी
परीक्षा जनपद के 34 केंद्रों पर थी, जिसके लिए 32,095 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। पहली पाली में 18550 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे थे। दूसरी पाली के अभ्यर्थी भी केंद्रों पर ही पहुंच चुके थे। ऐसे में परीक्षा शुरू होने से पहले तो शहर में जाम रहा है। परीक्षा निरस्त होने के बाद भी शहर में जाम की स्थिति बनी रही।
यह भी रही समस्या
अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र के साथ ही बीएड की अटेस्टिड अंक तालिका भी लेकर पहुंचने को कहा गया था। बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी रहे, जिनकी मार्कशीट अटेस्टिड नहीं थी। ऐसे अभ्यर्थियों को केंद्रों में प्रवेश नहीं दिया गया। गौरी शंकर इंटर कॉलेज से बाहर किए गए अभ्यर्थी शिकायत लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। मगर वहां समस्या का समाधान होने की बजाय उन्हें परीक्षा निरस्त हो जाने की सूचना मिली।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी उत्तर प्रदेश के सचिव के आदेश पर पहली पाली की परीक्षा के सभी प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट सभी केंद्रों से इकट्ठा कराकर नेहरू मार्केट स्थित जीआईसी में सुरक्षित रखवा दी गई हैं। इसके अलावा चूंकि दूसरी पाली की भी परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। ऐसे में प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट कोषागार में ही रहे।
- रवि दत्त, जिला विद्यालय निरीक्षक
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सहारनपुर। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद जनपद में भी सभी 34 केंद्रों पर परीक्षा निरस्त कर दी गई। जिस समय परीक्षा के निरस्त होने की सूचना जनपद में आई। उस समय तक प्रश्न पत्र अभ्यर्थियों के हाथों में पहुंच चुका था। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी काफी प्रश्न पत्र हल भी कर चुके थे। अचानक प्रश्न पत्र निरस्त होने से अभ्यर्थियों को मायूसी हाथ लगी है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा की पहली पाली सुबह 10:30 बजे शुरू करा दी गई। अधिकारियों के पास करीब 10:15 बजे तक परीक्षा निरस्त होने की सूचना पहुंची। इस सूचना को केंद्रों तक पहुंचने में 11:30 तक बज गए।
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शहरी क्षेत्रों में पूर्वाह्न 11 बजे सूचना केंद्रों पर पहुंची तो अभ्यर्थियों के हाथों से प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट ले ली गई, जबकि देहात के परीक्षा केंद्रों पर 11:30 बजे अभ्यर्थियों से प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट वापस ली गई। परीक्षा के निरस्त होने की सूचना से केंद्रों के भीतर खलबली का माहौल रहा। अभ्यर्थियों ने पूरे सिस्टम पर सवाल उठाते हुए अपनी भड़ास निकाली।
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अभ्यर्थियों में दिखा गुस्सा
- रुड़की निवासी इंदुबाला आर्य का परीक्षा केंद्र पाइनवुड पब्लिक स्कूल रहा। इंदु ने बताया कि वह सात सवाल हल कर चुकी थी। इसी समय कक्ष के भीतर सूचना आई कि परीक्षा निरस्त कर दी गई है। जिसके बाद उनके हाथों से प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट ले ली गई। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
- नीरज का परीक्षा केंद्र स्टार पेपर मिल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में था। नीरज ने बताया कि प्रश्न पत्र बेहद आसान था। जिस समय परीक्षा निरस्त होने की सूचना आई उसने 70 सवाल हल कर लिए थे। नीरज का कहना है कि वह बीएड प्रवेश परीक्षा में भी ऐसा ही झेल चुके हैं। सरकार को व्यवस्था दुरुस्त रखनी चाहिए।
- एल्पाइन स्कूल में परीक्षा देने पहुंची दिव्यांग प्रेमलता ने बताया कि बीते कई वर्ष से लगातार प्रश्न पत्र लीक हो रहे हैं, जिसके बाद भी सरकारें सबक नहीं ले रही हैं। युवा परीक्षाओं की तैयारी पर पैसा और समय खर्च करते हैं। जिसके बाद भी उनके हाथ खाली रह जाते हैं।
- दीपक दहिया ने पेपर लीक होने के लिए सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि इस तरह की घटनाएं बेरोजगारों के जीवन और उनकी भावनाओं से खिलवाड़ है। परीक्षा निरस्त होने के बाद वह खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
- शुभि गुप्ता ने बताया कि वह पूरी तैयारी के साथ परीक्षा देने पहुंची थी। प्रश्न पत्र भी आसान था, मगर अचानक परीक्षा निरस्त होने की सूचना ने उन्हें झटका दिया है। युुवा पहले ही परेशान हैं। ऐसे में सरकार को व्यवस्था दुरुस्त रखनी चाहिए।
- विकास ने बताया कि वह कई साल से अलग-अलग परीक्षाएं देते आ रहे हैं। यह तीसरी परीक्षा है, जो पेपर लीक होने की वजह से निरस्त हुई है। उन्होंने व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो जाने का आरोप लगाया।
जाम की स्थिति बनी
परीक्षा जनपद के 34 केंद्रों पर थी, जिसके लिए 32,095 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। पहली पाली में 18550 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे थे। दूसरी पाली के अभ्यर्थी भी केंद्रों पर ही पहुंच चुके थे। ऐसे में परीक्षा शुरू होने से पहले तो शहर में जाम रहा है। परीक्षा निरस्त होने के बाद भी शहर में जाम की स्थिति बनी रही।
यह भी रही समस्या
अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र के साथ ही बीएड की अटेस्टिड अंक तालिका भी लेकर पहुंचने को कहा गया था। बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी रहे, जिनकी मार्कशीट अटेस्टिड नहीं थी। ऐसे अभ्यर्थियों को केंद्रों में प्रवेश नहीं दिया गया। गौरी शंकर इंटर कॉलेज से बाहर किए गए अभ्यर्थी शिकायत लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। मगर वहां समस्या का समाधान होने की बजाय उन्हें परीक्षा निरस्त हो जाने की सूचना मिली।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी उत्तर प्रदेश के सचिव के आदेश पर पहली पाली की परीक्षा के सभी प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट सभी केंद्रों से इकट्ठा कराकर नेहरू मार्केट स्थित जीआईसी में सुरक्षित रखवा दी गई हैं। इसके अलावा चूंकि दूसरी पाली की भी परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। ऐसे में प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट कोषागार में ही रहे।
- रवि दत्त, जिला विद्यालय निरीक्षक