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पंचायत चुनाव: आरक्षण पर राजनीतिक दलों की निगाहें
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सहारनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत को लेकर इन दिनों सरगर्मी तेज है। राजनीतिक दलों की नजर आरक्षण पर है। इस बार मैनुअल की जगह ऑनलाइन आरक्षण तय होगा। इसको लेकर जिला पंचायत विभाग द्वारा फीडिंग की जा रही है। 26 जनवरी के बाद वोटर लिस्ट और दो से तीन दिनों परिसीमन फाइनल हो जाएगा।
जनपद में जिला पंचायत सदस्यों के 49, ब्लॉकों प्रमुख के 11 और 884 प्रधान पदों के लिए अप्रैल में चुनाव होगा। पहले 887 ग्राम पंचायतें थीं। इनमें छुटमलपुर नगर पंचायत बनी और फतेहपुर को इसमें शामिल किया गया। इसके अलावा रामपुर मनिहारान देहात को भी नगर पंचायत में मिलाया गया है। जिला पंचायत राज विभाग के मुताबिक पंचायत चुनाव 2020 के नाम से विशेष साफ्टवेयर के माध्यम से आरक्षण को लेकर ब्योरा दर्ज किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों की संख्या कम होने की वजह से परिसीमन भी चल रहा है, जो दो से तीन दिन और वोटर लिस्ट 26 जनवरी के बाद फाइनल होगी। इसका कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। किस वर्ग की कितनी आबादी है, इसी के आधार पर आरक्षण तय होगा। इसमें पिछले पांच पंचायत चुनाव का भी ब्योरा लिया जा रहा है। उधर, आरक्षण पर भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस की नजर है। आरक्षण तय होने के बाद ही राजनीतिक दल अपने समर्थित प्रत्याशियों की घोषणा करेंगे। इसको लेकर राजनीतिक दलों के शीर्ष नेता भी समीक्षा कर रहे हैं।
आरक्षण को लेकर बेचैनी
सहारनपुर। राजनीतिक दलों में आरक्षण को लेकर बेचैनी है। आरक्षण में सामान्य, ओबीसी और एससी सहित महिलाओं के लिए वार्ड, ब्लॉक और ग्राम पंचायतें रिजर्व होंगी। प्रशासन की ओर से चल रहे आरक्षण फीडिंग पर सभी राजनीतिक दलों की निगाहें हैं। मुख्य विकास अधिकारी प्रणय सिंह ने बताया चुनाव को लेकर आरक्षण, वोटर लिस्ट और परिसीमन का कार्य चल रहा है। जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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जनपद में जिला पंचायत सदस्यों के 49, ब्लॉकों प्रमुख के 11 और 884 प्रधान पदों के लिए अप्रैल में चुनाव होगा। पहले 887 ग्राम पंचायतें थीं। इनमें छुटमलपुर नगर पंचायत बनी और फतेहपुर को इसमें शामिल किया गया। इसके अलावा रामपुर मनिहारान देहात को भी नगर पंचायत में मिलाया गया है। जिला पंचायत राज विभाग के मुताबिक पंचायत चुनाव 2020 के नाम से विशेष साफ्टवेयर के माध्यम से आरक्षण को लेकर ब्योरा दर्ज किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों की संख्या कम होने की वजह से परिसीमन भी चल रहा है, जो दो से तीन दिन और वोटर लिस्ट 26 जनवरी के बाद फाइनल होगी। इसका कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। किस वर्ग की कितनी आबादी है, इसी के आधार पर आरक्षण तय होगा। इसमें पिछले पांच पंचायत चुनाव का भी ब्योरा लिया जा रहा है। उधर, आरक्षण पर भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस की नजर है। आरक्षण तय होने के बाद ही राजनीतिक दल अपने समर्थित प्रत्याशियों की घोषणा करेंगे। इसको लेकर राजनीतिक दलों के शीर्ष नेता भी समीक्षा कर रहे हैं।
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आरक्षण को लेकर बेचैनी
सहारनपुर। राजनीतिक दलों में आरक्षण को लेकर बेचैनी है। आरक्षण में सामान्य, ओबीसी और एससी सहित महिलाओं के लिए वार्ड, ब्लॉक और ग्राम पंचायतें रिजर्व होंगी। प्रशासन की ओर से चल रहे आरक्षण फीडिंग पर सभी राजनीतिक दलों की निगाहें हैं। मुख्य विकास अधिकारी प्रणय सिंह ने बताया चुनाव को लेकर आरक्षण, वोटर लिस्ट और परिसीमन का कार्य चल रहा है। जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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