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Saharanpur News: पंचक समाप्त, आज से सड़कों पर उमड़ेगी कांवड़ियों की भीड़
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ड्रोन कैमरों से रखी जाएगी कांवड़ मार्ग पर नजर
कांवड़ियों के भेष में तैनात की गई महिला पुलिसकर्मी
गागलहेड़ी। पंचक समाप्त होने के साथ ही आज से कांवड़ ला रहे शिव भक्तों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होगी। भीड़ बढ़ने की संभावना के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है। कांवड़ यात्रा मार्ग पर सीसी टीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
छह जुलाई से चल रहे पंचक की वजह से अभी तक कम संख्या में ही शिव भक्त हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर निकले रहे थे। दस जुलाई को शाम छह बजे पंचक समाप्त होने के साथ ही शिव भक्तों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। शिव मंदिर के पुजारी पंडित मदन गोपालाचार्य ने बताया कि पंचक में लकड़ी, बांस, घास, फूस का भंडारण करना निषेध है। कांवड़ में लकड़ी और बांस का प्रयोग किया जाता है, इसलिए पंचक लगने पर लकड़ी की बनी कांवड़ का प्रयोग नहीं किया जाता है। हालांकि तांबे या पीतल की बनी वस्तु पर पंचक का कोई दोष नहीं लगता है।
प्रशासन ने पंचक समाप्त होने से बढ़ी शिवभक्तों की संख्या को देखते हुए काली नदी चेक पोस्ट से कांवड़ यात्रा मार्ग पर कड़ी चौकसी बढ़ा दी है। पुलिस उत्तराखंड बॉर्डर से नौ गजा पीर तक सीसीटीवी कैमरे लगा कर हर आने जाने वाले की गतिविधि पर नजर रख रही है, साथ ही कांवड़िए की वेशभूषा में पुरुष और महिला पुलिसकर्मी कांवड़ मार्ग पर नजर रख रहे हैं। सीओ सदर अभितेश सिंह ने बताया की आज से भीड़ बढ़ने के साथ ही कांवड़ यात्रा मार्ग पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी था।
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कांवड़ियों के भेष में तैनात की गई महिला पुलिसकर्मी
गागलहेड़ी। पंचक समाप्त होने के साथ ही आज से कांवड़ ला रहे शिव भक्तों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होगी। भीड़ बढ़ने की संभावना के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है। कांवड़ यात्रा मार्ग पर सीसी टीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
छह जुलाई से चल रहे पंचक की वजह से अभी तक कम संख्या में ही शिव भक्त हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर निकले रहे थे। दस जुलाई को शाम छह बजे पंचक समाप्त होने के साथ ही शिव भक्तों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। शिव मंदिर के पुजारी पंडित मदन गोपालाचार्य ने बताया कि पंचक में लकड़ी, बांस, घास, फूस का भंडारण करना निषेध है। कांवड़ में लकड़ी और बांस का प्रयोग किया जाता है, इसलिए पंचक लगने पर लकड़ी की बनी कांवड़ का प्रयोग नहीं किया जाता है। हालांकि तांबे या पीतल की बनी वस्तु पर पंचक का कोई दोष नहीं लगता है।
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प्रशासन ने पंचक समाप्त होने से बढ़ी शिवभक्तों की संख्या को देखते हुए काली नदी चेक पोस्ट से कांवड़ यात्रा मार्ग पर कड़ी चौकसी बढ़ा दी है। पुलिस उत्तराखंड बॉर्डर से नौ गजा पीर तक सीसीटीवी कैमरे लगा कर हर आने जाने वाले की गतिविधि पर नजर रख रही है, साथ ही कांवड़िए की वेशभूषा में पुरुष और महिला पुलिसकर्मी कांवड़ मार्ग पर नजर रख रहे हैं। सीओ सदर अभितेश सिंह ने बताया की आज से भीड़ बढ़ने के साथ ही कांवड़ यात्रा मार्ग पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी था।
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