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हंगामे के बीच डेढ़ सौ करोड़ से अधिक का बजट पास
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जनमंच में नगर निगम बोर्ड की बैठक में हंगामा करते पार्षद
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। जनमंच प्रेक्षागृह में हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में बसपा पार्षद दल के नेता की ओर से महापौर और नगरायुक्त को चूड़ी भेंट करने पर अन्य पार्षद बिगड़ गए। इसे लेकर काफी हंगामा हुआ, जिसके बाद बसपा पार्षद दल नेता और कई पार्षद बैठक का बहिष्कार कर बाहर चले गए। इसके बाद चली बैठक में 2019-20 के लिए सर्वसम्मति से एक अरब 69 करोड़, 27 लाख 54 हजार रुपये का बजट पास किया गया।
नगर निगम बोर्ड की बैठक पूर्वाह्न 11:30 बजे जनमंच में शुरू हुई। बसपा पार्षद दल के नेता चंद्रजीत सिंह निक्कू ने मकर संक्रांति और किसी भी पर्व के दिन बोर्ड बैठक नहीं रखने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने सीवर के ढक्कन, एक कंपनी के मोबाइल टावरों को हटाने, निगम में लगे प्राइवेट वाहनों और घंटाघर स्थित एक होटल के टैक्स से जुड़े चेक गायब होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि वह महापौर और नगरायुक्त के लिए एक गिफ्ट लेकर आए हैं। उन्होंने जैसे ही बेग से चूड़ियों का डिब्बा निकालकर महापौर और नगरायुक्त की ओर किया तो सबसे पहले महापौर ने इस पर एतराज जताया और चंद्रजीत को मर्यादा में रहने की सलाह दी। इसके बाद अन्य पार्षद अपनी सीटों से खड़े हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। एक पार्षद ने चंद्रजीत के हाथ से चूड़ियों का डिब्बा छीनकर जमीन पर पटक दिया। हंगामे और नोकझाेंक के बीच चंद्रजीत अपने साथी पार्षदों के साथ बैठक का बहिष्कार कर सदन से बाहर चले गए। इसके बाद महापौर ने बैठक शुरू करने के आदेश दिए, मगर सपा और कई निर्दलीय पार्षद चंद्रजीत और उनके साथी पार्षदों को मनाने के लिए बाहर चले गए। बाहर भी पार्षदों के बीच तीखी बहस हुई। सदन ने निर्णय लिया कि चंद्रजीत निक्कू यदि सदन में माफी मांगें तो ही सदन में बैठने की अनुमति मिलेगी। टिंकू अरोड़ा ने महापौर से कहा कि चंद्रजीत अलग से मिलकर माफी मांग लेंगे। इस पर भी पार्षद नहीं माने और सदन के बीच में ही माफी मांगने की बात कही। इसके बाद चंद्रजीत बाहर से ही चले गए। उनकी जगह बसपा पार्षद अनिल कुमार ने माफी मांगी मगर महापौर ने इससे मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि गलती जिसने की है माफी वही मांगे। हंगामे और शिकायतों के बीच एक अरब 69 करोड़ 27 लाख 54 हजार रुपये का बजट सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।
प्रमुख खर्च
प्रस्तावित कार्य-------------------------------------प्रस्तावित खर्च
सामान्य प्रशासन व कर संग्रह-------------------------2477 लाख
मार्ग प्रकाश---------------------------------------445 लाख
जलकल व जन स्वास्थ्य--------------------------- 8040 लाख
चिकित्सा एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य------------------- 245 लाख
सार्वजनिक निर्माण कार्य----------------------------4268 लाख
कार्यों की गुणवत्ता पर पार्षदों ने उठाए सवाल
सहारनपुर। बोर्ड बैठक में हंगामे और बजट के अलावा तमाम पार्षदों ने अपनी बात रखी, किसी ने शिकायत, सुझाव और समस्याएं रखीं तो किसी ने सीधे तौर पर ठेकेदार और अधिकारियों पर गड़बड़ी के आरोप तक लगाए।
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अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने पार्षदों के रिश्तेदार ठेकेदारों की जांच नहीं होने पर सवाल उठाया। उन्होंने स्लाटर हाउस से संबंधित अधिकारी पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कोरी पर्चियों पर हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। 150 पशुओं की जगह 500 से 600 पशु प्रतिदिन काटे जा रहे हैं। मंसूर बदर ने लक्ष्य के सापेक्ष आय नहीं होने तथा खर्चों पर जवाब मांगा। ज्योति अग्रवाल ने ठेकेदारों पर मनमानी करने का आरोप लगाया। पिंकी गुप्ता ने कहा ठेकेदारों द्वारा काम शुरू करने से पहले संबंधित पार्षद से भी बात करनी चाहिए। शाहिद ने कहा कि निगम द्वारा बनवाई जा रही सड़कों की गुणवत्ता इतनी खराब है कि बनते ही वह मिट्टी में मिल रही हैं। मुकेश गक्कड़ ने स्लाटर हाउस से निकलने वाली गंदगी का मामला उठाया। कंचन धवन ने माहीपुरा चौक का नाम शहीद फ्लाइंग ऑफिसर सुधीर त्यागी के नाम से रखने का प्रस्ताव रखा। प्रदीप उपाध्याय ने भी बात रखी। अमित त्यागी ने कहा कि यदि पार्षद और क्षेत्र की जनता सतर्क रहे तो ठेकेदार काम में गड़बड़ी नहीं कर सकता है। पुल खुमरान क्षेत्र की पार्षद ने पुल खुमरान पर तोड़ी गई दुकानों के दुकानदारों को नई जगह दुकानें मुहैया कराने की मांग रखी। हाजी बहार ने ट्यूबवेल पर कनेक्शन नहीं होने तथा सरकारी जमीन पर एक व्यक्ति द्वारा निर्माण कराने की शिकायत रखी। अशोक राजपूत ने सक्खुपुरा में सीवर लाइन डालने का प्रस्ताव रखा। पुनीत चौहान ने गांधी पार्क में सीसीटीवी लगवाने का प्रस्ताव रखा। अनिल कुमार ने नगर निगम को एक हजार पौधे भेंट किए, साथ ही उनके वार्ड में डाली जा रही पेयजल लाइन का पाइप एक फुट नीचे ही दबा दिए जाने का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की। इमरान सैफी समेत अन्य पार्षदों ने भी अपने-अपने क्षेत्र की शिकायत और समस्याएं रखीं।
एनआरसी और सीएए का विरोध
बोर्ड बैठक से पहले अनेक पार्षदों ने बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर एनआरसी और सीएए का विरोध किया। पार्षदों ने नए कानूनों को संविधान की भावना के विपरीत बताया और समाप्त करने की मांग सरकार से की। इनमें चंद्रजीत सिंह निक्कू, अनिल कुमार, गुलशेर, सलीम, चौधरी शहजाद आदि शामिल रहे।
बैठक में यह भी हुआ
-कंपनी बाग का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस बाग रखने का प्रस्ताव।
-माहीपुरा चौक का नाम शहीद सुधीर त्यागी के नाम से रखने का प्रस्ताव।
-पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए अभियान तेज करना।
-एमएनएलपी द्वारा महापौर और नगरायुक्त को संज्ञान में लिए बिना शासन को चिट्टियां लिखने की पर नाराज हुए महापौर।
-हाल ही में बनी सड़कों की गुणवत्ता की जांच कराएगा निगम।
-निक्कू द्वारा चूड़ी भेंट करने की निंदा।
-स्लाटर हाउस से निकलने वाली गंदगी की जांच होगी।
-निर्माण कार्यों के लिए बनने वाले एस्टीमेट की जांच।
-मोबाइल कंपनी द्वारा सड़कों पर गाड़े गए पोल की जांच।
-बोर्ड की बैठक हर दो माह में नियमित रूप से कराना आदि।
-नगर स्वास्थ्य अधिकारी बने रहेंगे डॉक्टर गीताराम।
बोर्ड बैठक में वर्ष 2019-20 के लिए अरब 69 करोड़ 27 लाख 54 हजार रुपये का बजट सर्वसम्मति से पास हो गया है। एक पार्षद को कुछ चीजों को लेकर आपत्ति थी, जिन्हें लेकर उनका विरोध करने का तरीका सही नहीं था। इसे लेकर थोड़ा हंगामा हुआ है। ऐसा नहीं होना चाहिए था। उम्मीद है कि आगामी बैठक में गलतियों में सुधार होगा। हम सभी का मकसद शहर का सर्वांगीण विकास होना चाहिए।
संजीव वालिया, महापौर।
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नगर निगम बोर्ड की बैठक पूर्वाह्न 11:30 बजे जनमंच में शुरू हुई। बसपा पार्षद दल के नेता चंद्रजीत सिंह निक्कू ने मकर संक्रांति और किसी भी पर्व के दिन बोर्ड बैठक नहीं रखने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने सीवर के ढक्कन, एक कंपनी के मोबाइल टावरों को हटाने, निगम में लगे प्राइवेट वाहनों और घंटाघर स्थित एक होटल के टैक्स से जुड़े चेक गायब होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि वह महापौर और नगरायुक्त के लिए एक गिफ्ट लेकर आए हैं। उन्होंने जैसे ही बेग से चूड़ियों का डिब्बा निकालकर महापौर और नगरायुक्त की ओर किया तो सबसे पहले महापौर ने इस पर एतराज जताया और चंद्रजीत को मर्यादा में रहने की सलाह दी। इसके बाद अन्य पार्षद अपनी सीटों से खड़े हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। एक पार्षद ने चंद्रजीत के हाथ से चूड़ियों का डिब्बा छीनकर जमीन पर पटक दिया। हंगामे और नोकझाेंक के बीच चंद्रजीत अपने साथी पार्षदों के साथ बैठक का बहिष्कार कर सदन से बाहर चले गए। इसके बाद महापौर ने बैठक शुरू करने के आदेश दिए, मगर सपा और कई निर्दलीय पार्षद चंद्रजीत और उनके साथी पार्षदों को मनाने के लिए बाहर चले गए। बाहर भी पार्षदों के बीच तीखी बहस हुई। सदन ने निर्णय लिया कि चंद्रजीत निक्कू यदि सदन में माफी मांगें तो ही सदन में बैठने की अनुमति मिलेगी। टिंकू अरोड़ा ने महापौर से कहा कि चंद्रजीत अलग से मिलकर माफी मांग लेंगे। इस पर भी पार्षद नहीं माने और सदन के बीच में ही माफी मांगने की बात कही। इसके बाद चंद्रजीत बाहर से ही चले गए। उनकी जगह बसपा पार्षद अनिल कुमार ने माफी मांगी मगर महापौर ने इससे मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि गलती जिसने की है माफी वही मांगे। हंगामे और शिकायतों के बीच एक अरब 69 करोड़ 27 लाख 54 हजार रुपये का बजट सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।
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प्रस्तावित कार्य-------------------------------------प्रस्तावित खर्च
सामान्य प्रशासन व कर संग्रह-------------------------2477 लाख
मार्ग प्रकाश---------------------------------------445 लाख
जलकल व जन स्वास्थ्य--------------------------- 8040 लाख
चिकित्सा एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य------------------- 245 लाख
सार्वजनिक निर्माण कार्य----------------------------4268 लाख
कार्यों की गुणवत्ता पर पार्षदों ने उठाए सवाल
सहारनपुर। बोर्ड बैठक में हंगामे और बजट के अलावा तमाम पार्षदों ने अपनी बात रखी, किसी ने शिकायत, सुझाव और समस्याएं रखीं तो किसी ने सीधे तौर पर ठेकेदार और अधिकारियों पर गड़बड़ी के आरोप तक लगाए।
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अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने पार्षदों के रिश्तेदार ठेकेदारों की जांच नहीं होने पर सवाल उठाया। उन्होंने स्लाटर हाउस से संबंधित अधिकारी पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कोरी पर्चियों पर हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। 150 पशुओं की जगह 500 से 600 पशु प्रतिदिन काटे जा रहे हैं। मंसूर बदर ने लक्ष्य के सापेक्ष आय नहीं होने तथा खर्चों पर जवाब मांगा। ज्योति अग्रवाल ने ठेकेदारों पर मनमानी करने का आरोप लगाया। पिंकी गुप्ता ने कहा ठेकेदारों द्वारा काम शुरू करने से पहले संबंधित पार्षद से भी बात करनी चाहिए। शाहिद ने कहा कि निगम द्वारा बनवाई जा रही सड़कों की गुणवत्ता इतनी खराब है कि बनते ही वह मिट्टी में मिल रही हैं। मुकेश गक्कड़ ने स्लाटर हाउस से निकलने वाली गंदगी का मामला उठाया। कंचन धवन ने माहीपुरा चौक का नाम शहीद फ्लाइंग ऑफिसर सुधीर त्यागी के नाम से रखने का प्रस्ताव रखा। प्रदीप उपाध्याय ने भी बात रखी। अमित त्यागी ने कहा कि यदि पार्षद और क्षेत्र की जनता सतर्क रहे तो ठेकेदार काम में गड़बड़ी नहीं कर सकता है। पुल खुमरान क्षेत्र की पार्षद ने पुल खुमरान पर तोड़ी गई दुकानों के दुकानदारों को नई जगह दुकानें मुहैया कराने की मांग रखी। हाजी बहार ने ट्यूबवेल पर कनेक्शन नहीं होने तथा सरकारी जमीन पर एक व्यक्ति द्वारा निर्माण कराने की शिकायत रखी। अशोक राजपूत ने सक्खुपुरा में सीवर लाइन डालने का प्रस्ताव रखा। पुनीत चौहान ने गांधी पार्क में सीसीटीवी लगवाने का प्रस्ताव रखा। अनिल कुमार ने नगर निगम को एक हजार पौधे भेंट किए, साथ ही उनके वार्ड में डाली जा रही पेयजल लाइन का पाइप एक फुट नीचे ही दबा दिए जाने का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की। इमरान सैफी समेत अन्य पार्षदों ने भी अपने-अपने क्षेत्र की शिकायत और समस्याएं रखीं।
एनआरसी और सीएए का विरोध
बोर्ड बैठक से पहले अनेक पार्षदों ने बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर एनआरसी और सीएए का विरोध किया। पार्षदों ने नए कानूनों को संविधान की भावना के विपरीत बताया और समाप्त करने की मांग सरकार से की। इनमें चंद्रजीत सिंह निक्कू, अनिल कुमार, गुलशेर, सलीम, चौधरी शहजाद आदि शामिल रहे।
बैठक में यह भी हुआ
-कंपनी बाग का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस बाग रखने का प्रस्ताव।
-माहीपुरा चौक का नाम शहीद सुधीर त्यागी के नाम से रखने का प्रस्ताव।
-पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए अभियान तेज करना।
-एमएनएलपी द्वारा महापौर और नगरायुक्त को संज्ञान में लिए बिना शासन को चिट्टियां लिखने की पर नाराज हुए महापौर।
-हाल ही में बनी सड़कों की गुणवत्ता की जांच कराएगा निगम।
-निक्कू द्वारा चूड़ी भेंट करने की निंदा।
-स्लाटर हाउस से निकलने वाली गंदगी की जांच होगी।
-निर्माण कार्यों के लिए बनने वाले एस्टीमेट की जांच।
-मोबाइल कंपनी द्वारा सड़कों पर गाड़े गए पोल की जांच।
-बोर्ड की बैठक हर दो माह में नियमित रूप से कराना आदि।
-नगर स्वास्थ्य अधिकारी बने रहेंगे डॉक्टर गीताराम।
बोर्ड बैठक में वर्ष 2019-20 के लिए अरब 69 करोड़ 27 लाख 54 हजार रुपये का बजट सर्वसम्मति से पास हो गया है। एक पार्षद को कुछ चीजों को लेकर आपत्ति थी, जिन्हें लेकर उनका विरोध करने का तरीका सही नहीं था। इसे लेकर थोड़ा हंगामा हुआ है। ऐसा नहीं होना चाहिए था। उम्मीद है कि आगामी बैठक में गलतियों में सुधार होगा। हम सभी का मकसद शहर का सर्वांगीण विकास होना चाहिए।
संजीव वालिया, महापौर।

जनमंच में नगर निगम बोर्ड की बैठक में एनआरसी का विरोध करते पार्षद- फोटो : SAHARANPUR

जनमंच में नगर निगम बोर्ड की बैठक में हंगामा करते पार्षद- फोटो : SAHARANPUR

जनमंच में नगर निगम बोर्ड की बैठक में हंगामे भिंडते पार्षद- फोटो : SAHARANPUR