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बदलते मौसम में बीमारियां का प्रकोप
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जिला अस्पताल में मरीजो की लगी लंबी लाइन
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। मौसम बदल रहा है। दिन में गर्मी बनी हुई तो, रात में ठंड है। न्यूनतम तापमान 18 तक आ रहा है, जबकि दिन में यही तापमान बढ़कर 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। मौसम का यह बदला मिजाज और लोगों की लापरवाही बीमारी बढ़ा रही है। यही वजह है कि फिजीशियन की ओपीडी में खांसी, जुकाम, वायरल, बुखार और बीपी के मरीज बढ़ गए हैं।
एसबीडी जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अनिल कुमार वोहरा ने बताया कि बदलते मौसम में ठंडी चीजों का सेवन और पंखा या एसी का गलत इस्तेमाल लोगों को बीमार बना रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी ओपीडी में बीते 15 दिन में मरीजों की संख्या बढ़ी है। प्रतिदिन करीब 200 मरीज आ रहे हैं, जिनमें ज्यादातर खांसी, बुखार, वायरल फीवर और बीपी के हैं। उनकी सलाह है कि लोग खानपान का विशेष ध्यान रखें। तबीयत बिगाड़ने वाली चीजों को खाने से परहेज करें।
होम्योपैथिक पर बढ़ा भरोसा
बेशक ज्यादातर लोग जल्दी ठीक होने के लिए एलोपैथिक दवाओं पर भरोसा करते हों, मगर बीते कुछ वर्षों में होम्योपैथिक दवाओं की ओर उनका रुझान बढ़ा है। होम्योपैथी के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आरएस त्यागी ने बताया कि बीते करीब एक दशक में लोगों का होम्योपैथिक दवाओं पर भरोसा बढ़ा है। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में बीमारियों का बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में उनके पास भी बड़ी संख्या में जुकाम और वायरल बुखार के मरीज आ रहे हैं।
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आयुर्वेद पर कम कर रहे भरोसा
आयुर्वेदाचार्य हर्षवर्धन ने बताया कि सर्दियों की शुरुआत में खांसी, जुकाम, बुखार का बढ़ना आम बात है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में किसी भी बीमारी की एक नहीं अनेक प्रकार की दवाएं होती हैं। बुखार की ही करीब 350 प्रकार की दवाएं हैं, मगर मरीज की प्रकृति के हिसाब से अलग-अलग दवाएं दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास मौसमी बीमारियों के मरीज कम आ रहे हैं।
बीमारियों से बचने को यह करें
- आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, पेस्ट्री और फ्रीज का पानी पीने से बचे।
- एसी का इस्तेमाल बंद कर दें, कूलर से पानी निकाल दें।
- रात में ठंड होने पर पंखा कम कर दें और पूरे कपड़े पहनकर सोएं।
- खांसी, जुकाम या बुखार होने पर अच्छे चिकित्सक से संपर्क करें।
- खांसी और जुकाम होने पर गर्म पानी का सेवन शुरू करें।
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एसबीडी जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अनिल कुमार वोहरा ने बताया कि बदलते मौसम में ठंडी चीजों का सेवन और पंखा या एसी का गलत इस्तेमाल लोगों को बीमार बना रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी ओपीडी में बीते 15 दिन में मरीजों की संख्या बढ़ी है। प्रतिदिन करीब 200 मरीज आ रहे हैं, जिनमें ज्यादातर खांसी, बुखार, वायरल फीवर और बीपी के हैं। उनकी सलाह है कि लोग खानपान का विशेष ध्यान रखें। तबीयत बिगाड़ने वाली चीजों को खाने से परहेज करें।
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होम्योपैथिक पर बढ़ा भरोसा
बेशक ज्यादातर लोग जल्दी ठीक होने के लिए एलोपैथिक दवाओं पर भरोसा करते हों, मगर बीते कुछ वर्षों में होम्योपैथिक दवाओं की ओर उनका रुझान बढ़ा है। होम्योपैथी के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आरएस त्यागी ने बताया कि बीते करीब एक दशक में लोगों का होम्योपैथिक दवाओं पर भरोसा बढ़ा है। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में बीमारियों का बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में उनके पास भी बड़ी संख्या में जुकाम और वायरल बुखार के मरीज आ रहे हैं।
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आयुर्वेद पर कम कर रहे भरोसा
आयुर्वेदाचार्य हर्षवर्धन ने बताया कि सर्दियों की शुरुआत में खांसी, जुकाम, बुखार का बढ़ना आम बात है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में किसी भी बीमारी की एक नहीं अनेक प्रकार की दवाएं होती हैं। बुखार की ही करीब 350 प्रकार की दवाएं हैं, मगर मरीज की प्रकृति के हिसाब से अलग-अलग दवाएं दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास मौसमी बीमारियों के मरीज कम आ रहे हैं।
बीमारियों से बचने को यह करें
- आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, पेस्ट्री और फ्रीज का पानी पीने से बचे।
- एसी का इस्तेमाल बंद कर दें, कूलर से पानी निकाल दें।
- रात में ठंड होने पर पंखा कम कर दें और पूरे कपड़े पहनकर सोएं।
- खांसी, जुकाम या बुखार होने पर अच्छे चिकित्सक से संपर्क करें।
- खांसी और जुकाम होने पर गर्म पानी का सेवन शुरू करें।