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इंसपेक्टर और दो दरोगा की गिरफ्तारी के आदेश
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सहारनपुर। अदालत से चार साल पहले तलब किए गए इंस्पेक्टर और दो सब इंस्पेक्टर कोर्ट में पेश नहीं हुए। सीजेएम अनिल कुमार ने एसएसपी को पत्र भेज कर तीनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
देवबंद निवासी एक महिला ने 8 मई 2017 को अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला का आरोप था कि 27 जुलाई 2015 की रात सात बजे जब वह अपने परिवार वालों के साथ खाना खा रही थी, तभी घर पर पुलिस आई और उसके पति नरेंद्र को उठाकर ले गई। कई दिन तक नरेंद्र को मारा पीटा गया और एक अगस्त 2015 को नरेंद्र को एक झूठे मामले में जेल भेज दिया। पति की पैरवी कर रही महिला को छह अगस्त 2015 को पुलिस के एक सिपाही ने घर आकर कहा कि इंस्पेक्टर साहब से जाकर मिलो। आरोप है कि इस पर महिला अपनी सास व ननद के साथ थाने पहुंची। वहां सास को अलग बिठा दिया गया, जबकि पीड़िता व ननद कोतवाल से मिलने के लिए आगे बढ़े। कोतवाल ने पीड़िता को अपने कक्ष में बुलवाया और पति को बचाने के लिए उस पर अनैतिक कार्य करने का दबाव बनाया। आरोप है कि पीड़िता के मना करने पर वहां मौजूद इंस्पेक्टर बृजमोहन यादव और दरोगा पंकज धामा एवं वेदपाल तथा एक अज्ञात सिपाही ने मिलकर उसके साथ दुराचार किया। इस मामले में पीड़िता ने सुनवाई नहीं होने पर 8 मई 2017 को अदालत में परिवाद दायर किया। पीड़िता व अन्य साक्षियों का बयान दर्ज करने के बाद 17 दिसंबर 2018 को अदालत ने इंस्पेक्टर ब्रजमोहन यादव, दरोगा पंकज धामा तथा वेदपाल को तलब किया था, मगर आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए। अब सीजेएम ने एसएसपी को पत्र भेज कर सभी आरोपियों को अगली तिथि 22 मार्च को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं।
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देवबंद निवासी एक महिला ने 8 मई 2017 को अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला का आरोप था कि 27 जुलाई 2015 की रात सात बजे जब वह अपने परिवार वालों के साथ खाना खा रही थी, तभी घर पर पुलिस आई और उसके पति नरेंद्र को उठाकर ले गई। कई दिन तक नरेंद्र को मारा पीटा गया और एक अगस्त 2015 को नरेंद्र को एक झूठे मामले में जेल भेज दिया। पति की पैरवी कर रही महिला को छह अगस्त 2015 को पुलिस के एक सिपाही ने घर आकर कहा कि इंस्पेक्टर साहब से जाकर मिलो। आरोप है कि इस पर महिला अपनी सास व ननद के साथ थाने पहुंची। वहां सास को अलग बिठा दिया गया, जबकि पीड़िता व ननद कोतवाल से मिलने के लिए आगे बढ़े। कोतवाल ने पीड़िता को अपने कक्ष में बुलवाया और पति को बचाने के लिए उस पर अनैतिक कार्य करने का दबाव बनाया। आरोप है कि पीड़िता के मना करने पर वहां मौजूद इंस्पेक्टर बृजमोहन यादव और दरोगा पंकज धामा एवं वेदपाल तथा एक अज्ञात सिपाही ने मिलकर उसके साथ दुराचार किया। इस मामले में पीड़िता ने सुनवाई नहीं होने पर 8 मई 2017 को अदालत में परिवाद दायर किया। पीड़िता व अन्य साक्षियों का बयान दर्ज करने के बाद 17 दिसंबर 2018 को अदालत ने इंस्पेक्टर ब्रजमोहन यादव, दरोगा पंकज धामा तथा वेदपाल को तलब किया था, मगर आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए। अब सीजेएम ने एसएसपी को पत्र भेज कर सभी आरोपियों को अगली तिथि 22 मार्च को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं।
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