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Saharanpur News: स्टेशनरी घोटाले में फिर जांच के आदेश, एक माह में देनी होगी रिपोर्ट

Fri, 09 Jan 2026 01:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Fri, 09 Jan 2026 01:05 AM IST
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Order for investigation again in stationery scam, report to be submitted within a month
सहारनपुर। शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज में वित्तीय वर्ष 2018-19 में हुए स्टेशनरी घोटाले का जिन्न एक बार फिर जाग गया है। अब शासन की तरफ से अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को जांच अधिकारी नामित किया है। प्रथम दृष्टया मेडिकल कॉलेज के दो इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर दोषी पाए गए हैं।
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अंबाला रोड स्थित शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज में नवंबर 2018 में करीब 51 लाख रुपये की स्टेशनरी और कंटीजेंसी के सामान खरीदने के ऑर्डर हुए थे। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया के जरिए सामान खरीदा गया था। नौ अगस्त 2019 में वित्त नियंत्रक ने स्टेशनरी खरीद की जांच की। इसमें पाया गया कि सफेद कागज का रिम 693 रुपये, कार्बन पेपर का पैकेट 434, स्टांप पैड इंक 154 रुपये, कंप्यूटर पेपरों की 7540 रुपये में खरीद हुई थी। इसके अलावा अन्य सामान भी अधिक दामों पर खरीदा गया।
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स्टेशनरी क्रय किए जाने में की गई वित्तीय अनियमितता के आरोप में प्रथम दृष्टया राजकीय मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. नितिन जैन व डॉ. मैनपाल दोषी पाए गए हैं। अब शासन ने आरोपों की जांच के लिए अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को नामित किया है। निर्देश दिए गए कि एक महीने में जांच कर आख्या उपलब्ध कराई जाए। दोनों ईएमओ को भी जांच में सहयोग और अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए। उधर, ईएमओ डॉ. नितिन जैन व डॉ. मैनपाल सिंह का कहना है कि स्टेशनरी मामले में जो भी जानकारी मांगी गई थी, वह उपलब्ध करा दी गई है।
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-- तत्कालीन प्राचार्य भी जांच में मिले थे दोषी
स्टेशनरी घोटाले में राजकीय मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी भी जांच में दोषी मिले थे। तत्कालीन प्राचार्य से सभी बिंदुओं पर साक्ष्य मांगे गए थे। अब मेडिकल कॉलेज के दो ईएमओ भी प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। इनमें से ईएमओ डॉ. मैनपाल का कासगंज स्थानांतरण हो गया है। ईएमओ डॉ. नितिन जैन वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में कार्यरत हैं।

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स्टेशनरी घोटाले के मामले में राजकीय मेडिकल कॉलेज के दो ईएमओ को लेकर शासन की तरफ से जांच आई है। प्रथम दृष्टया जांच में दोनों को दोषी माना गया है। इस संबंध में दोनों से साक्ष्य लिए जाएंगे, जिसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी जाएगी।

- डॉ. रामानंद, अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
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