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Saharanpur News: पूर्व सांसद फजलुर्रहमान की मीट फैक्टरी का संचालन बंद
Thu, 23 Jul 2026 12:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 23 Jul 2026 12:54 AM IST
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गागलहेड़ी (सहारनपुर)। पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान की हरोड़ा स्थित एएलएम मीट फैक्टरी में गैस रिसाव की घटना के बाद बुधवार को श्रम विभाग, प्रदूषण नियंत्रण विभाग और कारखाना विभाग की संयुक्त टीम ने कई घंटे तक गहन निरीक्षण किया। घटना के बाद प्रशासन ने फैक्टरी का संचालन फिलहाल बंद करा दिया है।
बुधवार दोपहर पहुंची कारखाना विभाग की टेक्निकल टीम ने गैस रिसाव के संभावित कारणों की जांच करने के साथ-साथ फैक्टरी में स्थापित सभी प्रमुख मशीनों का तकनीकी परीक्षण किया। यह भी जांचा गया कि मशीनें निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित हो रही थीं या उनमें किसी प्रकार का जुगाड़ अथवा अनधिकृत बदलाव कर कार्य लिया जा रहा था। टीम ने फैक्टरी परिसर में बिछी गैस एवं अन्य पाइप लाइनों की भी बारीकी से जांच की।
उधर, श्रम विभाग की टीम ने फैक्टरी में कार्यरत श्रमिकों का रिकॉर्ड खंगाला। विशेष रूप से नाबालिग श्रमिकों की तैनाती की आशंका को देखते हुए संबंधित अभिलेखों की जांच की गई। बताया जा रहा है कि हादसे के समय कुछ नाबालिग श्रमिकों के भी फैक्टरी में कार्य करने की सूचना मिली थी। इसके मद्देनजर टीम ने फैक्टरी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज का भी परीक्षण किया।
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वहीं, प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने फैक्टरी के ईटीपी (इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि ईटीपी लंबे समय से बंद पड़ा है। इसके चलते फैक्टरी का अपशिष्ट जल हिंडन नदी के किनारे खेतों में बनाए गए कुंडों में एकत्र किए जाने की जानकारी भी टीम ने जुटाई।
बता दें कि मंगलवार को मीट फैक्टरी में अमोनिया गैस का रिसाव हो गया था, जिसमें 14 महिला श्रमिक बेहोश हो गईं थीं।
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बुधवार दोपहर पहुंची कारखाना विभाग की टेक्निकल टीम ने गैस रिसाव के संभावित कारणों की जांच करने के साथ-साथ फैक्टरी में स्थापित सभी प्रमुख मशीनों का तकनीकी परीक्षण किया। यह भी जांचा गया कि मशीनें निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित हो रही थीं या उनमें किसी प्रकार का जुगाड़ अथवा अनधिकृत बदलाव कर कार्य लिया जा रहा था। टीम ने फैक्टरी परिसर में बिछी गैस एवं अन्य पाइप लाइनों की भी बारीकी से जांच की।
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उधर, श्रम विभाग की टीम ने फैक्टरी में कार्यरत श्रमिकों का रिकॉर्ड खंगाला। विशेष रूप से नाबालिग श्रमिकों की तैनाती की आशंका को देखते हुए संबंधित अभिलेखों की जांच की गई। बताया जा रहा है कि हादसे के समय कुछ नाबालिग श्रमिकों के भी फैक्टरी में कार्य करने की सूचना मिली थी। इसके मद्देनजर टीम ने फैक्टरी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज का भी परीक्षण किया।
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वहीं, प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने फैक्टरी के ईटीपी (इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि ईटीपी लंबे समय से बंद पड़ा है। इसके चलते फैक्टरी का अपशिष्ट जल हिंडन नदी के किनारे खेतों में बनाए गए कुंडों में एकत्र किए जाने की जानकारी भी टीम ने जुटाई।
बता दें कि मंगलवार को मीट फैक्टरी में अमोनिया गैस का रिसाव हो गया था, जिसमें 14 महिला श्रमिक बेहोश हो गईं थीं।
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