{"_id":"60c25d4d8ebc3e7f68283b2c","slug":"only-1554-safai-karamcharis-per-20-lakh-population-saharanpur-news-mrt542167576","type":"story","status":"publish","title_hn":"20 लाख की आबादी पर मात्र 1554 सफाई कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
20 लाख की आबादी पर मात्र 1554 सफाई कर्मचारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। जनपद में देहात क्षेत्र की आबादी 20 लाख से ज्यादा है, मगर सफाई कर्मचारी 1554 ही तैनात हैं। सफाई कर्मचारियों का टोटा होने से स्वच्छ भारत मिशन के तहत चलाए जाने वाले अभियान और सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। वहीं, कोरोना संक्रमण के बीच सफाई न होने से ग्रामीणों को मुसीबत झेलनी पड़ रही है।
जनपद के 11 विकासखंडों की 884 ग्राम पंचायतों में जनगणना 2011 के आधार पर ही सफाई कर्मचारियों की भर्ती हुई थी। इसके पश्चात जनसंख्या तो बढ़ी, लेकिन सफाई कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ पाई। वहीं, केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों में प्रथम कड़ी सफाई कर्मचारी हैं। आबादी के हिसाब से बड़ी ग्राम पंचायतों में चार सफाई कर्मचारी भी कम पड़ जाते हैं। ऐसे में पंचायत राज विभाग को रोस्टर के हिसाब से सफाई व्यवस्था करानी पड़ती है। इसलिए बहुत सी ग्राम पंचायतों में नियमित सफाई भी नहीं हो पा रही है।
ब्लॉक और अफसरों के यहां भी हैं तैनात
देहात क्षेत्र में पहले ही सफाई कर्मचारियों की कमी है, बावजूद कुछ सफाई कर्मचारी ब्लॉकों में भी कार्य कर रहे हैं। ब्लॉक से सफाई कर्मचारियों को हटाने की शिकायत सफाई कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारी कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर कर चुके हैं।
विज्ञापन
ग्रामीण बोले, गंदगी से अटी हैं नालियां, मच्छरों से भी परेशानी
विकासखंड साढ़ौली कदीम के गांव रसूलपुर निवासी अरविंद सिंह का कहना है कि गंदगी से नालियां अटी पड़ी हैं। लंबे समय से सफाई कर्मचारी की नियुक्त नहीं है। वहीं, सफाई कर्मचारी ब्लॉकों और अधिकारियों के घरों पर काम कर रहे हैं, जिसकी शिकायत भी की गई है। गांव समसपुर नौगांवा निवासी सलीम मलिक का कहना है कि उनके गांव में तीन सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता है। पहले तीन सफाई कर्मचारी तैनात थे। इनमें से दो का तबादला हो गया। अब एक सफाई कर्मचारी है, जो गांव में पूरी तरह सफाई नहीं कर पाता है।
पुवांरका ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरकड़ी निवासी मोहित कुमार का कहना है कि गांव में नियमित सफाई न होने से बरसात और अन्य दिनों में ग्रामीणों को मुसीबत झेलनी पड़ती है। मच्छरों का प्रकोप बना है। मीरपुर मोहनपुर निवासी योगेंद्र सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायत की आबादी आठ हजार है, गांव में गंदगी के ढेर लगे हैं, जिस वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। गांव में दो सफाई कर्मचारी नियुक्त हैं, जो आबादी के हिसाब से कम है।
-----
वर्जन
सफाई कर्मचारियों की कमी की वजह से कार्य प्रभावित होते हैं, फिर भी विभाग का प्रयास रहता है कि प्रत्येक गांव में नियमित सफाई हो। रोस्टर के हिसाब से भी कार्य कराया जाता है। सफाई कर्मचारियों की भर्ती से जुड़ा मामला शासन स्तर का है। -- उपेंद्र राज सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी
विज्ञापन
जनपद के 11 विकासखंडों की 884 ग्राम पंचायतों में जनगणना 2011 के आधार पर ही सफाई कर्मचारियों की भर्ती हुई थी। इसके पश्चात जनसंख्या तो बढ़ी, लेकिन सफाई कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ पाई। वहीं, केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों में प्रथम कड़ी सफाई कर्मचारी हैं। आबादी के हिसाब से बड़ी ग्राम पंचायतों में चार सफाई कर्मचारी भी कम पड़ जाते हैं। ऐसे में पंचायत राज विभाग को रोस्टर के हिसाब से सफाई व्यवस्था करानी पड़ती है। इसलिए बहुत सी ग्राम पंचायतों में नियमित सफाई भी नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन
ब्लॉक और अफसरों के यहां भी हैं तैनात
देहात क्षेत्र में पहले ही सफाई कर्मचारियों की कमी है, बावजूद कुछ सफाई कर्मचारी ब्लॉकों में भी कार्य कर रहे हैं। ब्लॉक से सफाई कर्मचारियों को हटाने की शिकायत सफाई कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारी कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर कर चुके हैं।
विज्ञापन
ग्रामीण बोले, गंदगी से अटी हैं नालियां, मच्छरों से भी परेशानी
विकासखंड साढ़ौली कदीम के गांव रसूलपुर निवासी अरविंद सिंह का कहना है कि गंदगी से नालियां अटी पड़ी हैं। लंबे समय से सफाई कर्मचारी की नियुक्त नहीं है। वहीं, सफाई कर्मचारी ब्लॉकों और अधिकारियों के घरों पर काम कर रहे हैं, जिसकी शिकायत भी की गई है। गांव समसपुर नौगांवा निवासी सलीम मलिक का कहना है कि उनके गांव में तीन सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता है। पहले तीन सफाई कर्मचारी तैनात थे। इनमें से दो का तबादला हो गया। अब एक सफाई कर्मचारी है, जो गांव में पूरी तरह सफाई नहीं कर पाता है।
पुवांरका ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरकड़ी निवासी मोहित कुमार का कहना है कि गांव में नियमित सफाई न होने से बरसात और अन्य दिनों में ग्रामीणों को मुसीबत झेलनी पड़ती है। मच्छरों का प्रकोप बना है। मीरपुर मोहनपुर निवासी योगेंद्र सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायत की आबादी आठ हजार है, गांव में गंदगी के ढेर लगे हैं, जिस वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। गांव में दो सफाई कर्मचारी नियुक्त हैं, जो आबादी के हिसाब से कम है।
-----
वर्जन
सफाई कर्मचारियों की कमी की वजह से कार्य प्रभावित होते हैं, फिर भी विभाग का प्रयास रहता है कि प्रत्येक गांव में नियमित सफाई हो। रोस्टर के हिसाब से भी कार्य कराया जाता है। सफाई कर्मचारियों की भर्ती से जुड़ा मामला शासन स्तर का है। -- उपेंद्र राज सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी