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बढ़ेगी प्याज की खेती, उद्यान विभाग देगा निशुल्क बीज
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सहारनपुर। जनपद में प्याज की खेती के प्रति किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए उद्यान विभाग किसानों को निशुल्क बीज उपलब्ध कराएगा। जनपद को 45 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्याज की खेती कराने का लक्ष्य दिया गया है।
जनपद में प्याज की खेती का क्षेत्रफल लगभग 100 हेक्टेयर है। प्याज का उत्पादन जनपद की खपत से काफी कम रहता है। इसलिए स्थानीय खपत के लिए भी महाराष्ट्र के नासिक, राजस्थान के सीकर और अलवर आदि से प्याज की आपूर्ति की जाती है। इसके चलते उद्यान विभाग जनपद में प्याज की खेती को बढ़ावा देने में जुट गया है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत 45 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्याज की अतिरिक्त खेती कराई जाएगी। इसमें 35 हेक्टेयर सामान्य किसानों और 10 हेक्टेयर अनुसूचित जाति के किसानों को प्याज का निशुल्क बीज उपलब्ध कराया जाएगा। प्याज की रोपाई दिसंबर से जनवरी महीने में की जाती है। जबकि इसकी खोदाई का समय मार्च और अप्रैल है। समय पर प्याज की रोपाई करने पर प्याज की औसत पैदावार 200 से 250 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रहती है। इससे जनपद की स्थानीय मांग की पूर्ति आसानी से की जा सके।
निशुल्क दिया जाएगा उन्नतशील बीज
उद्यान विभाग जनपद में प्याज की खेती को बढावा दे रहा है। इसके लिए किसानों को उन्नतशील बीज निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। शरदकालीन गन्ने में प्याज की सहफसली करने से गन्ने की फसल में मृदा जनित रोग नहीं लगते। - अरुण कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।
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जनपद में मुख्य सब्जियों का क्षेत्रफल (हेक्टेयर) में
सब्जी रकबा
आलू 520
टमाटर 200
हरी मिर्च 250
गाजर 2000
करेला 2250
शलजम 500
मूली 550
फूल एवं पत्ता गोभी 5000
नोट: उद्यान विभाग के आंकड़ों के अनुसार।
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जनपद में प्याज की खेती का क्षेत्रफल लगभग 100 हेक्टेयर है। प्याज का उत्पादन जनपद की खपत से काफी कम रहता है। इसलिए स्थानीय खपत के लिए भी महाराष्ट्र के नासिक, राजस्थान के सीकर और अलवर आदि से प्याज की आपूर्ति की जाती है। इसके चलते उद्यान विभाग जनपद में प्याज की खेती को बढ़ावा देने में जुट गया है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत 45 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्याज की अतिरिक्त खेती कराई जाएगी। इसमें 35 हेक्टेयर सामान्य किसानों और 10 हेक्टेयर अनुसूचित जाति के किसानों को प्याज का निशुल्क बीज उपलब्ध कराया जाएगा। प्याज की रोपाई दिसंबर से जनवरी महीने में की जाती है। जबकि इसकी खोदाई का समय मार्च और अप्रैल है। समय पर प्याज की रोपाई करने पर प्याज की औसत पैदावार 200 से 250 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रहती है। इससे जनपद की स्थानीय मांग की पूर्ति आसानी से की जा सके।
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निशुल्क दिया जाएगा उन्नतशील बीज
उद्यान विभाग जनपद में प्याज की खेती को बढावा दे रहा है। इसके लिए किसानों को उन्नतशील बीज निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। शरदकालीन गन्ने में प्याज की सहफसली करने से गन्ने की फसल में मृदा जनित रोग नहीं लगते। - अरुण कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।
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जनपद में मुख्य सब्जियों का क्षेत्रफल (हेक्टेयर) में
सब्जी रकबा
आलू 520
टमाटर 200
हरी मिर्च 250
गाजर 2000
करेला 2250
शलजम 500
मूली 550
फूल एवं पत्ता गोभी 5000
नोट: उद्यान विभाग के आंकड़ों के अनुसार।