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31 दिसंबर तक बढी एकमुश्त समाधान योजना
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सहारनपुर। सहकारी समितियों के लंबे समय से चले आ रहे बकाएदार किसानों के लिए एकमुश्त समाधान योजना की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है। बकाएदार किसानों को उनके छूट की धनराशि सहित सूचना उनकी सहकारी समितियों के माध्यम से दी जा रही है।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विजय प्रकाश वर्मा ने बताया कि एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत 31 मार्च 1997 से पूर्व के बकाएदारों से केवल मूलधन जमा कराया जाएगा। एक अप्रैल 1997 से 31 मार्च 2001 तक के बकाएदारों से मूलधन और मूलधन के 50 प्रतिशत के बराबर ब्याज, एक अप्रैल 2001 से 31 मार्च 2009 तक के बकाएदारों से मूलधन और मूलधन के बराबर ब्याज जमा कराया जाएगा। एक अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2013 तक के बकाएदारों से मूलधन और अवशेष ब्याज में 30 प्रतिशत की छूट, 31 मार्च 2013 से पूर्व के ऐसे खाते जो 30 जून 2020 को बकाया नहीं हुए थे, से मूलधन और अवशेष ब्याज में 30 प्रतिशत की छूट, 30 जून 2020 या इससे पूर्व के मृतक ऋणी सदस्यों के लिए मूलधन और अवशेष ब्याज में 30 प्रतिशत की छूट के साथ जमा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विभिन्न श्रेणियों में लागू एकमुश्त समझौता योजना में ऋण की मूल धनराशि 4188.63 लाख रुपये है। इस पर कुल ब्याज 9018.70 लाख बैठ रहा है। योजना के तहत समझौता योग्य धनराशि 13207.33 लाख रुपये है। यदि बकाएदार किसान इस योजना का लाभ उठाते हैं तो 4196.96 लाख रुपये की छूट का लाभ मिल सकेगा। जनपद में 5260 बकाएदार किसान इस योजना के दायरे में आ रहे हैं।
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सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विजय प्रकाश वर्मा ने बताया कि एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत 31 मार्च 1997 से पूर्व के बकाएदारों से केवल मूलधन जमा कराया जाएगा। एक अप्रैल 1997 से 31 मार्च 2001 तक के बकाएदारों से मूलधन और मूलधन के 50 प्रतिशत के बराबर ब्याज, एक अप्रैल 2001 से 31 मार्च 2009 तक के बकाएदारों से मूलधन और मूलधन के बराबर ब्याज जमा कराया जाएगा। एक अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2013 तक के बकाएदारों से मूलधन और अवशेष ब्याज में 30 प्रतिशत की छूट, 31 मार्च 2013 से पूर्व के ऐसे खाते जो 30 जून 2020 को बकाया नहीं हुए थे, से मूलधन और अवशेष ब्याज में 30 प्रतिशत की छूट, 30 जून 2020 या इससे पूर्व के मृतक ऋणी सदस्यों के लिए मूलधन और अवशेष ब्याज में 30 प्रतिशत की छूट के साथ जमा किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि विभिन्न श्रेणियों में लागू एकमुश्त समझौता योजना में ऋण की मूल धनराशि 4188.63 लाख रुपये है। इस पर कुल ब्याज 9018.70 लाख बैठ रहा है। योजना के तहत समझौता योग्य धनराशि 13207.33 लाख रुपये है। यदि बकाएदार किसान इस योजना का लाभ उठाते हैं तो 4196.96 लाख रुपये की छूट का लाभ मिल सकेगा। जनपद में 5260 बकाएदार किसान इस योजना के दायरे में आ रहे हैं।
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