{"_id":"6088592e8ebc3e8d3b47fc95","slug":"one-is-sick-of-corona-inflation-is-hit-from-above-saharanpur-news-mrt5362576106","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक तो बीमार ऊपर से महंगाई की मार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक तो बीमार ऊपर से महंगाई की मार
विज्ञापन
सहारनपुर। कोरोना काल में कोरोना और संदिग्ध मरीजों पर डबल मार पड़ रही है। एक ओर तो लोग बीमार हैं, दूसरी तरफ महंगाई उनकी जेब को खाली कर रही है। ऐसे में लोग परेशान हुए घूम रहे हैं।
दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण लोगों के फेफड़ों पर हमला कर रहा है। फेफड़ों में संक्रमण होने की वजह से मरीजों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। इससे निजात दिलाने के लिए लोग नेब्युलाइजर और स्टीमर आदि का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिससे मरीज को भांप देकर राहत मिल जाती है। मगर मांग अधिक बढ़ने की वजह से इन उपकरणों की कीमत इतनी बढ़ गई है। गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों के लिए इनको खरीदना आसान नहीं हो रहा है। ऑक्सीमीटर भी दोगुने दाम तक चला गया है। बाजार की हालत ऐसी है कि ज्यादातर मेडिकल स्टोर पर उक्त उपकरण मिल नहीं रहे हैं। ऐसे में मरीज भटक रहे हैं।
इनकी बढ़ी मांग और कीमत
उपकरण-----------पुराने दाम----------नए दाम
ऑक्सीमीटर-------600 से 900--------1000 से 1400
नेब्युलाइजर-------800 से 1000-------1200 से 1500
स्टीमर-------------250 से 300---------400 से 500
इनकी मांग बढ़ी पर दाम नहीं
कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ ही मास्क, सैनिटाइजर और थर्मामीटर आदि की भी मांग बढ़ी है, मगर इनके दाम बीते वर्ष के समान ही हैं। मेडिकल स्टोर संचालकों ने बताया कि बाजार में सैनिटाइजर, मास्क आदि पर्याप्त मात्रा में हैं, जिसकी वजह से दाम नहीं बढ़े हैं।
विज्ञापन
स्टोर संचालकों की बात
- पूजा मेडिकल स्टोर संचालक अंकुर ने बताया कि बीते करीब 20 दिन से ऑक्सीमीटर, नेब्युलाइजर, स्टीमर आदि की मांग करीब दस गुना बढ़ गई है। इसकी वजह से उपकरणों के दाम पीछे से ही बढ़ा दिए गए हैं।
- जिला अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोर चलाने वाले आनंद ने बताया कि उपकरणों के दाम महंगे होने की वजह से उन्होंने इसको बेचना बंद कर दिया है, क्योंकि ग्राहक स्टोर संचालकों पर दाम बढ़ाने का शक करता है, जबकि दाम पीछे से ही बढ़े हैं।
विज्ञापन
दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण लोगों के फेफड़ों पर हमला कर रहा है। फेफड़ों में संक्रमण होने की वजह से मरीजों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। इससे निजात दिलाने के लिए लोग नेब्युलाइजर और स्टीमर आदि का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिससे मरीज को भांप देकर राहत मिल जाती है। मगर मांग अधिक बढ़ने की वजह से इन उपकरणों की कीमत इतनी बढ़ गई है। गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों के लिए इनको खरीदना आसान नहीं हो रहा है। ऑक्सीमीटर भी दोगुने दाम तक चला गया है। बाजार की हालत ऐसी है कि ज्यादातर मेडिकल स्टोर पर उक्त उपकरण मिल नहीं रहे हैं। ऐसे में मरीज भटक रहे हैं।
विज्ञापन
इनकी बढ़ी मांग और कीमत
उपकरण-----------पुराने दाम----------नए दाम
ऑक्सीमीटर-------600 से 900--------1000 से 1400
नेब्युलाइजर-------800 से 1000-------1200 से 1500
स्टीमर-------------250 से 300---------400 से 500
इनकी मांग बढ़ी पर दाम नहीं
कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ ही मास्क, सैनिटाइजर और थर्मामीटर आदि की भी मांग बढ़ी है, मगर इनके दाम बीते वर्ष के समान ही हैं। मेडिकल स्टोर संचालकों ने बताया कि बाजार में सैनिटाइजर, मास्क आदि पर्याप्त मात्रा में हैं, जिसकी वजह से दाम नहीं बढ़े हैं।
विज्ञापन
स्टोर संचालकों की बात
- पूजा मेडिकल स्टोर संचालक अंकुर ने बताया कि बीते करीब 20 दिन से ऑक्सीमीटर, नेब्युलाइजर, स्टीमर आदि की मांग करीब दस गुना बढ़ गई है। इसकी वजह से उपकरणों के दाम पीछे से ही बढ़ा दिए गए हैं।
- जिला अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोर चलाने वाले आनंद ने बताया कि उपकरणों के दाम महंगे होने की वजह से उन्होंने इसको बेचना बंद कर दिया है, क्योंकि ग्राहक स्टोर संचालकों पर दाम बढ़ाने का शक करता है, जबकि दाम पीछे से ही बढ़े हैं।