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शिवरात्रि पर रही डाक कांवड़ियों की धूम
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हरिद्वार से डाक कांवड़ लेकर देहरादून रोड पर आता कांवड़िया
- फोटो : SAHARANPUR
शिवरात्रि पर रही डाक कांवड़ियों की धूम
सहारनपुर। श्रावण मास की शिवरात्रि पर डाक कांवड़ियों की धूम रही। कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन हजारों डाक कांवड़िये सहारनपुर के रास्ते पंजाब, हरियाणा और हिमाचल की ओर गए। इसके अलावा बड़ी संख्या में सहारनपुर के शिवभक्त भी कांवड़ लेकर लौटे। सीटी बजाते हुए डाक कांवड़ियों की टोलियां दिन और रात भर दौड़ती रही। इन्होंने पूरे श्रद्धाभाव के साथ शिवालयों में पहुंचकर जलाभिषेक किया।
मंगलवार को कांवड़ यात्रा संपन्न हो गई। कांवड़ियों के लिए जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त दोपहर 2:50 बजे शुरू हुआ, जो बुधवार सुबह 6.15 मिनट तक रहा। शिवरात्रि पर कांवड़ मार्ग डाक कांवड़ियों के हवाले रहा। नीले, पीले, हरे, लाल, केसरिया, काले रंग के परिधान पहने कांवड़ियों की टोलियां हरिद्वार से जल लेकर लौटती रहीं। सुबह से लेकर रातभर डाक कांवड़ियों का जल लेकर लौटने का सिलसिला जा रहा। दुपहिया और चार पहिया बड़े-छोटे वाहनों पर डीजे की धुन पर कांवड़िये झूमते हुए नजर आए। इनमें हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, सहारनपुर और पड़ोसी जनपदों के शिवभक्त शामिल रहे। साथ ही शिवालयों में शाम से लेकर रातभर कांवड़िये जलाभिषेक करने के लिए पहुंचते रहे। मंदिरों में कांवड़ियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई, ताकि उनको किसी तरह की दिक्कत न हो। कांवड़ियों के नहाने और खाने का पूरा ध्यान रखा गया।
गोमुख से 24वीं बार जल लेकर लौटा अनिल
सहारनपुर। ज्यादातर कांवड़ियों ने हरिद्वार से गंगाजल लिया है, लेकिन कुछ कांवड़िये गोमुख से भी गंगाजल लेकर आए हैं। मोहल्ला ब्रज विहार निवासी अनिल कुमार 24वीं बार गोमुख से जल लेकर लौटा और श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक किया। अनिल ने बताया कि वह 17 जुलाई को गंगाजल लेने रवाना हुआ था। हर वर्ष गोमुख से ही गंगाजल लेकर आता है।
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सहारनपुर। श्रावण मास की शिवरात्रि पर डाक कांवड़ियों की धूम रही। कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन हजारों डाक कांवड़िये सहारनपुर के रास्ते पंजाब, हरियाणा और हिमाचल की ओर गए। इसके अलावा बड़ी संख्या में सहारनपुर के शिवभक्त भी कांवड़ लेकर लौटे। सीटी बजाते हुए डाक कांवड़ियों की टोलियां दिन और रात भर दौड़ती रही। इन्होंने पूरे श्रद्धाभाव के साथ शिवालयों में पहुंचकर जलाभिषेक किया।
मंगलवार को कांवड़ यात्रा संपन्न हो गई। कांवड़ियों के लिए जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त दोपहर 2:50 बजे शुरू हुआ, जो बुधवार सुबह 6.15 मिनट तक रहा। शिवरात्रि पर कांवड़ मार्ग डाक कांवड़ियों के हवाले रहा। नीले, पीले, हरे, लाल, केसरिया, काले रंग के परिधान पहने कांवड़ियों की टोलियां हरिद्वार से जल लेकर लौटती रहीं। सुबह से लेकर रातभर डाक कांवड़ियों का जल लेकर लौटने का सिलसिला जा रहा। दुपहिया और चार पहिया बड़े-छोटे वाहनों पर डीजे की धुन पर कांवड़िये झूमते हुए नजर आए। इनमें हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, सहारनपुर और पड़ोसी जनपदों के शिवभक्त शामिल रहे। साथ ही शिवालयों में शाम से लेकर रातभर कांवड़िये जलाभिषेक करने के लिए पहुंचते रहे। मंदिरों में कांवड़ियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई, ताकि उनको किसी तरह की दिक्कत न हो। कांवड़ियों के नहाने और खाने का पूरा ध्यान रखा गया।
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गोमुख से 24वीं बार जल लेकर लौटा अनिल
सहारनपुर। ज्यादातर कांवड़ियों ने हरिद्वार से गंगाजल लिया है, लेकिन कुछ कांवड़िये गोमुख से भी गंगाजल लेकर आए हैं। मोहल्ला ब्रज विहार निवासी अनिल कुमार 24वीं बार गोमुख से जल लेकर लौटा और श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक किया। अनिल ने बताया कि वह 17 जुलाई को गंगाजल लेने रवाना हुआ था। हर वर्ष गोमुख से ही गंगाजल लेकर आता है।

हरिद्वार से डाक कांवड़ लेकर देहरादून रोड पर आता कांवड़िये- फोटो : SAHARANPUR

सिद्धपीठ श्री नागेश्वर महादेव मंदिर घ्याना में डीजे की धुन पर नाचते कांवडिए- फोटो : DEVBAND
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