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जनपद की 884 पंचायतों में विकसित होंगी नर्सरी
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जिले में मनरेगा के तहत होगा कार्य, स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा रोजगार
फोटो 22
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जनपद की 884 ग्राम पंचायतों में नर्सरी विकसित ंहोगी। मनरेगा के तहत कार्य होगा। साथ स्वयं सहायता समूहों को नर्सरियों से जोड़ा जाएगा, जो पौध तैयार कर बेच सकेंगे।
ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी ग्राम समाज और सिंचाई विभाग की भूमि चिन्हित कर नर्सरियां बनाई जाएंगी। इसको लेकर जिला विकास व जिला पंचायत राज विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेगा। दोनों विभागों को सिंचाई विभाग की भूमि लेने के लिए अनापत्ति पत्र भी लेना होगा। नर्सरी विकसित करने में मनरेगा के श्रमिक काम करेंगे। इसके साथ ही जनपद में कार्य कर रहे 800 स्वयं सहायता समूह नर्सरियों की देखरेख करेंगे। इनको सरकार की ओर विभिन्न पौधे तैयार करने के लिए बीज दिया जाएगा। पौधा बिकने पर जो पैसा आएगा, वह स्वयं सहायता समूहों को ही मिलेगा।
जल्द शुरू होगा सर्वे
नर्सरी विकसित करने के लिए त्योहारी सीजन के बाद अगले सप्ताह से जिला पंचायत राज विभाग और जिला विकास विभाग द्वारा सर्वे कराया जाएगा। इसको लेकर विभागों ने रूपरेखा तैयार कर ली है।
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यह पौध होंगी तैयार
नर्सरी में स्वयं सहायता समूहों द्वारा आम, अमरूद, नींबू, लीची, आडू, शहतूत, चीकू, बरगद, गेंदा, गुलाब, सदा बहार, सूरजमुखी, चमेली का फूल सहित कई तरह की पौध तैयार होगी।
वर्जन
ग्राम पंचायतों में नर्सरी विकसित कर इससे रोजगार से जोड़ा जाएगा। मनरेगा के तहत कार्य होगा और स्वयं सहायता समूहों की देखरेख में नर्सरियां रहेंगी। विजय कुमार, सीडीओ।
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फोटो 22
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जनपद की 884 ग्राम पंचायतों में नर्सरी विकसित ंहोगी। मनरेगा के तहत कार्य होगा। साथ स्वयं सहायता समूहों को नर्सरियों से जोड़ा जाएगा, जो पौध तैयार कर बेच सकेंगे।
ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी ग्राम समाज और सिंचाई विभाग की भूमि चिन्हित कर नर्सरियां बनाई जाएंगी। इसको लेकर जिला विकास व जिला पंचायत राज विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेगा। दोनों विभागों को सिंचाई विभाग की भूमि लेने के लिए अनापत्ति पत्र भी लेना होगा। नर्सरी विकसित करने में मनरेगा के श्रमिक काम करेंगे। इसके साथ ही जनपद में कार्य कर रहे 800 स्वयं सहायता समूह नर्सरियों की देखरेख करेंगे। इनको सरकार की ओर विभिन्न पौधे तैयार करने के लिए बीज दिया जाएगा। पौधा बिकने पर जो पैसा आएगा, वह स्वयं सहायता समूहों को ही मिलेगा।
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जल्द शुरू होगा सर्वे
नर्सरी विकसित करने के लिए त्योहारी सीजन के बाद अगले सप्ताह से जिला पंचायत राज विभाग और जिला विकास विभाग द्वारा सर्वे कराया जाएगा। इसको लेकर विभागों ने रूपरेखा तैयार कर ली है।
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यह पौध होंगी तैयार
नर्सरी में स्वयं सहायता समूहों द्वारा आम, अमरूद, नींबू, लीची, आडू, शहतूत, चीकू, बरगद, गेंदा, गुलाब, सदा बहार, सूरजमुखी, चमेली का फूल सहित कई तरह की पौध तैयार होगी।
वर्जन
ग्राम पंचायतों में नर्सरी विकसित कर इससे रोजगार से जोड़ा जाएगा। मनरेगा के तहत कार्य होगा और स्वयं सहायता समूहों की देखरेख में नर्सरियां रहेंगी। विजय कुमार, सीडीओ।