UP: इस्लामिक संस्थान दारुल-उलूम में अब नहीं ले जा सकेंगे ये वस्तु, पकड़े जाने पर निष्कासन तय
देवबंद के दारुल उलूम में इस्लामिक शिक्षा हासिल कर रहे छात्रों को अब नए नियम का पालन करना होगा। यदि कोई छात्र इस नियम को तोड़ता है तो उसका शिक्षण संस्थान से निष्कासन पक्का है।
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मंगलवार को संस्था में छात्रावास के प्रभारी मौलाना मुफ़्ती अशरफ अब्बास की ओर से चस्पा आदेश पत्र में छात्रों को मल्टीमीडिया मोबाइल का इस्तेमाल न करने को कहा गया है, साथ ही कहा गया कि यदि तलाशी के दौरान किसी (नए या पुराने) छात्र के पास से मल्टीमीडिया मोबाइल बरामद होता है तो उसके खिलाफ तुरंत अखराज (नाम काटने) की कार्रवाई की जाएगी।
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इतना ही नहीं प्रबंधन ने सख्ती बरतते हुए आदेश पत्र में यह भी कहा है कि जिस किसी के पास मोबाइल मिलेगा वे उसी का माना जाएगा, वो चाहे इस्तेमाल में हो या न हो। ऎसे छात्रों पर कार्रवाई की जाएगी।
मुफ्ती अशरफ अब्बास का कहना है कि छात्रों को अनुशासन में रखने और पढ़ाई की तरफ ध्यान आकर्षित कराने के लिए मल्टीमीडिया मोबाइल के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई गई है, जिससे छात्र जिस उद्देश्य के लिए यहां आए हैं उसे मेहनत और लगन के साथ पूरा कर सकें।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी प्रबंधतंत्र ने आदेश जारी कर मल्टीमीडिया मोबाइल के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई थी। इतना ही नहीं छात्रावास में रहने वाले छात्रों के कमरों की तलाशी दौरान बरामद हुए मोबाइलों को जब्त कर लिया गया था।