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अब बहु विवाह पर कानून बनाने की मांग उठी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 15 Jan 2018 12:27 AM IST
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तीन तलाक पर वार्ता करती फरहा फैज।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में राष्ट्रवादी मुस्लिम महिला संघ के अध्यक्ष फरहा फैज ने कहा कि सुुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध लगाने के बावजूद तीन तलाक आज भी जारी है। एक ठोस कानून के अभाव में पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड तीन तलाक पर लाए जाने वाले कानून का विरोध एक सोची समझी रणनीति के तहत करा रहा है। उनके दबाव में ही कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इस बिल को राज्यसभा में लटकवा दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी मुस्लिम महिला संघ जल्द ही सहारनपुर में एक सम्मेलन का आयोजन करेगा।
रविवार को दिल्ली रोड स्थित सभागार में हुई पत्रकार वार्ता में सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज ने आरोप लगाया कि तलाक पीड़ित महिलाओं की आवाज दबाने के लिए बोर्ड द्वारा पोषित देवबंद के मदरसों की महिला शिक्षिकाओं का इस्तेमाल करके इस बिल को मुस्लिम महिला विरोधी बता रहा है।
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उन्होंने कहा कि तीन तलाक पर प्रभावी कानून बनाने के साथ ही हलाला और बहु विवाह पर भी सख्त कानून होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी मुस्लिम महिला संघ जल्द ही सहारनपुर में एक सम्मेलन का आयोजन कर तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं के दर्द को सबके सामने रखेगा। इस दौरान तीन तलाक पीडिताएं शाहगुल, रशखंदा,निशात, मुनीशा आदि रहीं।
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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड तीन तलाक पर लाए जाने वाले कानून का विरोध एक सोची समझी रणनीति के तहत करा रहा है। उनके दबाव में ही कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इस बिल को राज्यसभा में लटकवा दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी मुस्लिम महिला संघ जल्द ही सहारनपुर में एक सम्मेलन का आयोजन करेगा।
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रविवार को दिल्ली रोड स्थित सभागार में हुई पत्रकार वार्ता में सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फरहा फैज ने आरोप लगाया कि तलाक पीड़ित महिलाओं की आवाज दबाने के लिए बोर्ड द्वारा पोषित देवबंद के मदरसों की महिला शिक्षिकाओं का इस्तेमाल करके इस बिल को मुस्लिम महिला विरोधी बता रहा है।
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उन्होंने कहा कि तीन तलाक पर प्रभावी कानून बनाने के साथ ही हलाला और बहु विवाह पर भी सख्त कानून होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी मुस्लिम महिला संघ जल्द ही सहारनपुर में एक सम्मेलन का आयोजन कर तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं के दर्द को सबके सामने रखेगा। इस दौरान तीन तलाक पीडिताएं शाहगुल, रशखंदा,निशात, मुनीशा आदि रहीं।