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Saharanpur News: अब जनपद में भी खुशबू बिखेरेगा केसर आम

Tue, 16 Jul 2024 03:46 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Tue, 16 Jul 2024 03:46 AM IST
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Now the saffron mango will spread its fragrance in the district too
सहारनपुर। गुजरात का मशहूर केसर आम अब जनपद में भी खुशबू बिखरेगा। जिले में ट्रायल के तौर पर लगाए गए इसके दो वर्ष के पौधों पर इस बार अच्छी फलत आई है। अब प्रगतिशील बागवान करुण गुरेजा इस प्रजाति का बाग करीब 30 बीघा जमीन में लगाएंगे।
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जनपद की पहचान आम की बागवानी के तौर पर है। यहां के आम न सिर्फ घरेलू बाजार में धूम मचा रहे हैं, बल्कि विश्व के कई देशों में इनका निर्यात भी हो रहा है। जिले में दशहरी, लंगड़ा, चौसा, रामकेला, गुलाब जामुन, मालदा सहित अन्य प्रजातियों की बड़े स्तर पर बागवानी हो रही है। अब यहां केसर की बागवानी भी व्यावसायिक तौर पर शुरू होगी। इसके लिए दो वर्ष पूर्व गुजरात से केसर प्रजाति के दो पौधों को ग्राम मरवा स्थित बाग में रोपा गया था।
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इस बार इन पौधों पर 10 से 12 आम आए, जिनका स्वाद से लेकर साइज तक काफी बढि़या रहा। इसके चलते हाल में लखनऊ आम महोत्सव में मुख्यमंत्री से सम्मानित जिले के प्रगतिशील बागवान करुण कुमार गुरेजा इस बार 30 बीघा में केसर आम का बाग लगाएंगे। इसे 20 गुणा 20 की दूरी पर लगाया जाएगा। इसमें एक एकड़ में करीब 120 पौधे लगेंगे।
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देश ही नहीं विदेशों में भी मांग
बागवान करुण गुरेजा ने बताया कि केसर का औसत भाव 100 से 150 रुपये प्रति किलो रहता है। घरेलू बाजार के साथ ही विदेशों में भी केसर की काफी मांग है। निर्यात के लिए इस प्रजाति की काफी डिमांड रहती है। सघन बागवानी के लिए भी यह प्रजाति उपयुक्त है। केसर अगेती प्रजाति है, इसके फल का साइज भी 400 से 600 ग्राम तक होता है। इस प्रजाति का 10 से 15 टन औसत उत्पादन रहता है।

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आम की केसर प्रजाति के लिए भी जिले का मौसम उपयुक्त है। कई किसानों की केसर प्रजाति का बाग लगाने की योजना है। केसर का पेड़ हर वर्ष फल देता है और निर्यात के लिए भी इसकी काफी मांग है। बागवानों के लिए केसर प्रजाति की बागवानी काफी लाभकारी रहेगी।
- गमपाल सिंह, जिला उद्यान अधिकारी
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