{"_id":"62828bb880c0626424465b3d","slug":"now-children-will-be-able-to-play-at-anganwadi-centers-saharanpur-news-mrt5888617163","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब आंगनबाड़ी केंद्रों खेलकूद कर सकेंगे बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब आंगनबाड़ी केंद्रों खेलकूद कर सकेंगे बच्चे
विज्ञापन
रसूलपुर कला में आंगनबाड़ी केंद्रों के सुंदरीकरण के बाद बनी पेटिंग
- फोटो : SAHARANPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों से जहां बच्चों का कुपोषण दूर होगा, वहीं अब उनके खेलने-कूदने की भी अच्छी व्यवस्था रहेगी। इसी के तहत जिले में 23 आंगनबाड़ी केंद्रों का सुंदरीकरण कराया गया है, जिनमें बच्चों के लिए खिलौने के अलावा प्लास्टिक कुर्सियां व मेज सहित अन्य सामान भी उपलब्ध कराया गया है।
जिले में 3410 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से करीब 344 जर्जर अवस्था में थे, जिनको ग्राम पंचायत निधि से मनरेगा के तहत सुंदरीकरण कराने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब काम शुरू हो गया है। इसके तहत पहले चरण में 23 आंगनबाड़ी केंद्रों का सुंदरीकरण किया गया है, जिनमें मरम्मत कराने के साथ तरह-तरह की पेंटिंग बनाई गई है। इसके साथ बच्चों के खेलने के लिए प्लास्टिक के कई तरह के खिलौने भी आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसके अलावा बच्चों के बैठने के लिए छोटी मेज और कुर्सी का इंतजाम किया गया है। इसी तरह केंद्रों पर नए गिलास, प्लेट सहित अन्य बर्तन भी उपलब्ध कराए गए हैं।
लगेेंगी अत्याधुनिक मशीनें
आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के वजन एवं लंबाई मापने के लिए भी अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। इसको लेकर बाल विकास एवं पुष्टाहार विकास ने पूरा खाका तैयार कर लिया है।
विज्ञापन
सभी केंद्रों का होगा कायाकल्प
जिले में 3410 आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प होगा। इसको लेकर पिछले दिनों सहारनपुर में तीन दिवसीय दौरे पर आईं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी समीक्षा की थी। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के सुधार के बारे में विस्तार से जानकारी देने के साथ टिप्स भी दिए थे। उन्होंने नागरिकों से भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुविधाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया था। विभाग ने अब सभी केंद्रों का कायाकल्प कराने की योजना तैयार की है।
पांच साल में घटी कुपोषित बच्चों की संख्या
वर्ष---- कुपोषित ---------- अति कुपोषित
2018------ 41869----------12547
2019------ 33825-----------6910
2020------ 21315 ----------4375
2021-------18345-----------3854
2022 अप्रैल तक--12534----4544
आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के खेलने के लिए खिलौने उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही सुंदरीकरण कार्य भी हुआ है। धीरे-धीरे सभी केंद्रों का कायाकल्प किया जाएगा। केंद्रों पर बच्चे अब खेल भी सकेंगे।
आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी
विज्ञापन
जिले में 3410 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से करीब 344 जर्जर अवस्था में थे, जिनको ग्राम पंचायत निधि से मनरेगा के तहत सुंदरीकरण कराने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब काम शुरू हो गया है। इसके तहत पहले चरण में 23 आंगनबाड़ी केंद्रों का सुंदरीकरण किया गया है, जिनमें मरम्मत कराने के साथ तरह-तरह की पेंटिंग बनाई गई है। इसके साथ बच्चों के खेलने के लिए प्लास्टिक के कई तरह के खिलौने भी आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसके अलावा बच्चों के बैठने के लिए छोटी मेज और कुर्सी का इंतजाम किया गया है। इसी तरह केंद्रों पर नए गिलास, प्लेट सहित अन्य बर्तन भी उपलब्ध कराए गए हैं।
विज्ञापन
लगेेंगी अत्याधुनिक मशीनें
आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के वजन एवं लंबाई मापने के लिए भी अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। इसको लेकर बाल विकास एवं पुष्टाहार विकास ने पूरा खाका तैयार कर लिया है।
विज्ञापन
सभी केंद्रों का होगा कायाकल्प
जिले में 3410 आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प होगा। इसको लेकर पिछले दिनों सहारनपुर में तीन दिवसीय दौरे पर आईं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी समीक्षा की थी। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के सुधार के बारे में विस्तार से जानकारी देने के साथ टिप्स भी दिए थे। उन्होंने नागरिकों से भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुविधाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया था। विभाग ने अब सभी केंद्रों का कायाकल्प कराने की योजना तैयार की है।
पांच साल में घटी कुपोषित बच्चों की संख्या
वर्ष---- कुपोषित ---------- अति कुपोषित
2018------ 41869----------12547
2019------ 33825-----------6910
2020------ 21315 ----------4375
2021-------18345-----------3854
2022 अप्रैल तक--12534----4544
आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के खेलने के लिए खिलौने उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही सुंदरीकरण कार्य भी हुआ है। धीरे-धीरे सभी केंद्रों का कायाकल्प किया जाएगा। केंद्रों पर बच्चे अब खेल भी सकेंगे।
आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी

आंगनबाड़ी केंद्र पर रखी प्लास्टिक की कुर्सियां व मेज एवं खिलौने- फोटो : SAHARANPUR