{"_id":"5f57c6ca8ebc3e368e23f003","slug":"not-afraid-of-khaki-among-criminals-traders-asked-for-security-saharanpur-news-mrt5003320121","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपराधियों में नहीं खाकी का खौफ, कारोबारियों ने मांगी सुरक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपराधियों में नहीं खाकी का खौफ, कारोबारियों ने मांगी सुरक्षा
विज्ञापन
सहारनपुर के सर्राफा बाजार में पुलिस की कोई गश्त नही
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। पिछले दो तीन महीने से जिले सहित प्रदेश भर में सराफा से लेकर अन्य व्यापारियों के साथ लूट और हत्या की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। अपराधियों में खाकी का खौफ ही नहीं रहा है। लगातार हो रही घटनाएं व्यापारियों की चिंता बढ़ा रही हैं। ऐसा ही माहौल रहा तो कारोबार करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। यह कहना है शहर के सराफा कारोबारियों का, जो इस समय सूबे में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर बेहद चिंतित हैं।
दो दिन में ही दो बड़ी घटनाएं, सुरक्षा की चिंता बढ़ी
मेरठ में सराफा कारोबारी की हत्या के बाद शहर में इस व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों से बातचीत की तो सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता साफ नजर आई। शहर के पुुराने और वरिष्ठ सराफा व्यापारी राम राजीव सिंघल ने बताया कि दो दिन में ही दो बड़ी घटनाएं सामने आ गई हैं। शहर के ही सराफ प्रवीण गर्ग उर्फ पप्पी के साथ गाजियाबाद में लूट की जानकारी मिली तो अब मेरठ में व्यापारी की हत्या ही कर दी। जिले में भी पिछले कुछ साल में व्यापारी अपराधियों के निशाने पर रहे हैं। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार ने कुछ समय तक अपराधियों पर अच्छी लगाम लगाई, मगर अब खाकी का खौफ कम हो रहा है। यह चिंता का विषय है।
जाम के समय ही दिखती है पुलिस, बाकी समय नहीं
सराफा कारोबारी विपिन अग्रवाल कहते हैं कि शहर में सराफा कारोबार अब भी सबसे अधिक पुराने शहर में ही है। सराफा बाजार में 150 से अधिक छोटी बड़ी दुकानें हैं। इसके बाद भी जाम लगने के समय ही पुलिस टीम बाजार में दिखती है। बाकी समय कोई नजर नहीं आता है। कभी कभी तो होमगार्ड ही आते हैं। व्यापारियों की सुरक्षा के लिए नियमित रूप से चेकिंग होनी चाहिए।
विज्ञापन
ज्यादातर समय में खाली ही रहती है चौकी
सराफा कारोबारी जितेंद्र अग्रवाल कहते हैं कि कहने को बाजारों में पुलिस चौकी तो हैं, लेकिन अधिकतर समय चौकी खाली ही रहती हैं। चौकी पर हर समय कम से कम दो लोग तो रहने ही चाहिए ताकि किसी व्यापारी या राहगीर के साथ कुछ अपराध हो तो त्वरित कार्रवाई हो सके।
सभी व्यापारियों को सुरक्षा की जरूरत
कारोबारी पवन गोयल का कहना है कि कोरोना काल में पहले तो कारोबार करना ही मुश्किल रहा। अब अपराध बढ़ने से व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। सराफा ही नहीं, अन्य कारोबार करने वाले व्यापारियों को भी सुरक्षा की उतनी ही जरूरत है। पिछले कुछ महीनों से जिस तरह तेजी से अपराध बढ़ रहे हैं। उन पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस प्रशासन और सरकार को कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा सराफा बाजार, नेहरू मार्केट, चौकी सराय, शहीद गंज, रायवाला जैसे बाजार में अधिक गश्त और सुरक्षा प्रबंधों की जरूरत है।
पुलिस टीमों के साथ नियमित रूप से करते हैं भ्रमण
एसएसपी डॉ. एस चनप्पा ने कहा सप्ताह में अधिकतर दिन खुद ही पुलिस टीमों के साथ शहर और देहात का भ्रमण करते हैं। मकसद यही है कि अपराधियों में खौफ रहे और व्यापारियों की समस्याएं सामने आती रहीं। जाम से निजात दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं। पूर्व में भी ड्यूटी में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है।
जिले में हुई कुछ प्रमुख घटनाएं
थाना जनकपुरी क्षेत्र में कुछ सप्ताह पहले ही एक गारमेंट फैक्टरी से चौकीदार को बंधक बनाकर बदमाश लाखों का माल लेकर चले गए थे। बाद में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर कुछ माल बरामद किया।
29 जनवरी को देवबंद रोड स्थित प्राइवेट फाइनेंस कंपनी सेटिंग क्रेडिट केयर नेटवर्क लिमिटेड के दो कर्मचारियों से हथियारबंद बदमाशों ने 4,65,500 रुपये से भरा बैग लूटा था। बाद में आरोपियों को पकड़ा गया।
22 अगस्त को बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने अंबेहटा में मेडिकल स्टोर संचालक सुरेंद्र अरोड़ा से 25 हजार रुपये लूटे थे। पुलिस ने प्रकरण की पूरी जांच करने से पहले ही घटना को संदिग्ध मान लिया था।
28 अगस्त को बाबैल बुजुर्ग के पास हाईवे किनारे बिजोपुरा निवासी आलम की लाश पड़ी मिली। उसकी हत्या की। उनके पिता इमरान की तहरीर पर पुलिस ने दो भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू की।
विज्ञापन
दो दिन में ही दो बड़ी घटनाएं, सुरक्षा की चिंता बढ़ी
मेरठ में सराफा कारोबारी की हत्या के बाद शहर में इस व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों से बातचीत की तो सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता साफ नजर आई। शहर के पुुराने और वरिष्ठ सराफा व्यापारी राम राजीव सिंघल ने बताया कि दो दिन में ही दो बड़ी घटनाएं सामने आ गई हैं। शहर के ही सराफ प्रवीण गर्ग उर्फ पप्पी के साथ गाजियाबाद में लूट की जानकारी मिली तो अब मेरठ में व्यापारी की हत्या ही कर दी। जिले में भी पिछले कुछ साल में व्यापारी अपराधियों के निशाने पर रहे हैं। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार ने कुछ समय तक अपराधियों पर अच्छी लगाम लगाई, मगर अब खाकी का खौफ कम हो रहा है। यह चिंता का विषय है।
विज्ञापन
जाम के समय ही दिखती है पुलिस, बाकी समय नहीं
सराफा कारोबारी विपिन अग्रवाल कहते हैं कि शहर में सराफा कारोबार अब भी सबसे अधिक पुराने शहर में ही है। सराफा बाजार में 150 से अधिक छोटी बड़ी दुकानें हैं। इसके बाद भी जाम लगने के समय ही पुलिस टीम बाजार में दिखती है। बाकी समय कोई नजर नहीं आता है। कभी कभी तो होमगार्ड ही आते हैं। व्यापारियों की सुरक्षा के लिए नियमित रूप से चेकिंग होनी चाहिए।
विज्ञापन
ज्यादातर समय में खाली ही रहती है चौकी
सराफा कारोबारी जितेंद्र अग्रवाल कहते हैं कि कहने को बाजारों में पुलिस चौकी तो हैं, लेकिन अधिकतर समय चौकी खाली ही रहती हैं। चौकी पर हर समय कम से कम दो लोग तो रहने ही चाहिए ताकि किसी व्यापारी या राहगीर के साथ कुछ अपराध हो तो त्वरित कार्रवाई हो सके।
सभी व्यापारियों को सुरक्षा की जरूरत
कारोबारी पवन गोयल का कहना है कि कोरोना काल में पहले तो कारोबार करना ही मुश्किल रहा। अब अपराध बढ़ने से व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। सराफा ही नहीं, अन्य कारोबार करने वाले व्यापारियों को भी सुरक्षा की उतनी ही जरूरत है। पिछले कुछ महीनों से जिस तरह तेजी से अपराध बढ़ रहे हैं। उन पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस प्रशासन और सरकार को कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा सराफा बाजार, नेहरू मार्केट, चौकी सराय, शहीद गंज, रायवाला जैसे बाजार में अधिक गश्त और सुरक्षा प्रबंधों की जरूरत है।
पुलिस टीमों के साथ नियमित रूप से करते हैं भ्रमण
एसएसपी डॉ. एस चनप्पा ने कहा सप्ताह में अधिकतर दिन खुद ही पुलिस टीमों के साथ शहर और देहात का भ्रमण करते हैं। मकसद यही है कि अपराधियों में खौफ रहे और व्यापारियों की समस्याएं सामने आती रहीं। जाम से निजात दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं। पूर्व में भी ड्यूटी में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है।
जिले में हुई कुछ प्रमुख घटनाएं
थाना जनकपुरी क्षेत्र में कुछ सप्ताह पहले ही एक गारमेंट फैक्टरी से चौकीदार को बंधक बनाकर बदमाश लाखों का माल लेकर चले गए थे। बाद में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर कुछ माल बरामद किया।
29 जनवरी को देवबंद रोड स्थित प्राइवेट फाइनेंस कंपनी सेटिंग क्रेडिट केयर नेटवर्क लिमिटेड के दो कर्मचारियों से हथियारबंद बदमाशों ने 4,65,500 रुपये से भरा बैग लूटा था। बाद में आरोपियों को पकड़ा गया।
22 अगस्त को बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने अंबेहटा में मेडिकल स्टोर संचालक सुरेंद्र अरोड़ा से 25 हजार रुपये लूटे थे। पुलिस ने प्रकरण की पूरी जांच करने से पहले ही घटना को संदिग्ध मान लिया था।
28 अगस्त को बाबैल बुजुर्ग के पास हाईवे किनारे बिजोपुरा निवासी आलम की लाश पड़ी मिली। उसकी हत्या की। उनके पिता इमरान की तहरीर पर पुलिस ने दो भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू की।

नेहरू मार्केट में बिना पुलिस के खाली पड़ी चौकी- फोटो : SAHARANPUR

सर्राफ राम राजीव सिंघल- फोटो : SAHARANPUR

सर्राफ विपिन अग्रवाल- फोटो : SAHARANPUR

सर्राफ जितेन्द्र अग्रवाल- फोटो : SAHARANPUR

सर्राफ पवन गोयल- फोटो : SAHARANPUR