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जेलों की सुरक्षा में कोई चूक नहीं : आईजी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 23 Jan 2016 12:37 AM IST
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देश में बढ़ती आतंकी घटनाओं और जेलों से ही बड़े अपराधियों द्वारा कराए जा रहे अपराधों के बीच आईजी जेल देवेंद्र सिंह चौहान ने दावा किया है कि जेलों की सुरक्षा में कोई चूक नहीं चलने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि संवेदनशील जेलों में जैमर लगाए जाएंगे ताकि मोबाइल या अन्य माध्यमों से कारागार से ही बाहर कोई क्राइम आपरेट न हो सके। हालांकि सहारनपुर को अभी इस श्रेणी में नहीं रखा गया है।
शुक्रवार दोपहर जिला कारागार का वार्षिक निरीक्षण करने के बाद आईजी ने पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने बताया कि जेलों में सश्रम सजा काटने वाले बंदियों को उनकी मेहनत का पैसा उनके बैंक खातों में पहुंचे, इसके लिए उनके खाते खुलवाने के निर्देश दिए गए। कैदियों की फरार होने और बाल बंदियों के उत्पात जैसी घटनाओं पर काबू करने की कोशिशों के साथ ही उन्होंने दावा किया कि जेलों के सुरक्षा तंत्र में कोई छेद नहीं हैं।
गार्ड ऑफ आनर के बाद आईजी ने कारागार की पाकशाला, बैरकों की स्थिति, बंदियों की संख्या, उनके आपराधिक रिकार्ड, कैदियों की पेशी और मुलाकात के दौरान की व्यवस्थाओं के साथ ही अन्य जानकारियां ली। आईजी को बताया गया कि इस समय जेल में 1200 से अधिक बंदी हैं।
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इनमें 30 फीसदी से ज्यादा अधिक सजा वाले कैदी हैं। उन्होंने सर्द मौसम में कैदियों की विशेष देखभाल रखने के निर्देश दिए।
जेलों में लगवाए जाएंगे आरओ सिस्टम
आईजी ने बताया कि जेलों में आरओ सिस्टम भी लगवाए जाएंगे। इसके अलावा बड़े अपराधों में कैदियों की आनलाइन पेशी के प्रयास किए जा रहे हैं जिससे पेशी के समय सुरक्षा प्रबंधों पर ज्यादा मशक्कत न करना पड़े।
जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक रामसेवक ने बताया कि यहां न्यायालय में आनलाइन पेशी की सुविधा अब हो गई है। इसके अलावा कैदियों को नि:शुल्क कानूनी सहायता के लिए विधिक प्राधिकरण की मदद ली जा रही है। इस दौरान डिप्टी जेलर एके सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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शुक्रवार दोपहर जिला कारागार का वार्षिक निरीक्षण करने के बाद आईजी ने पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने बताया कि जेलों में सश्रम सजा काटने वाले बंदियों को उनकी मेहनत का पैसा उनके बैंक खातों में पहुंचे, इसके लिए उनके खाते खुलवाने के निर्देश दिए गए। कैदियों की फरार होने और बाल बंदियों के उत्पात जैसी घटनाओं पर काबू करने की कोशिशों के साथ ही उन्होंने दावा किया कि जेलों के सुरक्षा तंत्र में कोई छेद नहीं हैं।
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गार्ड ऑफ आनर के बाद आईजी ने कारागार की पाकशाला, बैरकों की स्थिति, बंदियों की संख्या, उनके आपराधिक रिकार्ड, कैदियों की पेशी और मुलाकात के दौरान की व्यवस्थाओं के साथ ही अन्य जानकारियां ली। आईजी को बताया गया कि इस समय जेल में 1200 से अधिक बंदी हैं।
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इनमें 30 फीसदी से ज्यादा अधिक सजा वाले कैदी हैं। उन्होंने सर्द मौसम में कैदियों की विशेष देखभाल रखने के निर्देश दिए।
जेलों में लगवाए जाएंगे आरओ सिस्टम
आईजी ने बताया कि जेलों में आरओ सिस्टम भी लगवाए जाएंगे। इसके अलावा बड़े अपराधों में कैदियों की आनलाइन पेशी के प्रयास किए जा रहे हैं जिससे पेशी के समय सुरक्षा प्रबंधों पर ज्यादा मशक्कत न करना पड़े।
जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक रामसेवक ने बताया कि यहां न्यायालय में आनलाइन पेशी की सुविधा अब हो गई है। इसके अलावा कैदियों को नि:शुल्क कानूनी सहायता के लिए विधिक प्राधिकरण की मदद ली जा रही है। इस दौरान डिप्टी जेलर एके सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।