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15 वर्ष से अधिक आयु का कोई व्यक्ति नहीं रहेगा निरक्षर

Wed, 20 Jan 2021 11:23 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jan 2021 11:23 PM IST
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No person over 15 years of age will remain illiterate
सहारनपुर। 15 वर्ष से अधिक आयु के किशोर-किशोरी तथा महिला एवं पुरुष अब निरक्षर नहीं रहेंगे। उनको साक्षर बनाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पढ़ना लिखना अभियान शुरू किया है। सबसे पहले 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर लोगों का चिह्निकरण किया जाना है, जिसकी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
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निरक्षरों के चिह्निकरण का कार्य परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के द्वारा किया जाएगा। प्रधानाचार्य अपने-अपने क्षेत्रों के निरक्षरों की सूची तैयार कर खंड शिक्षा अधिकारियों को देंगे। खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से वह सूची जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को आएंगी, जहां से वह डायट प्राचार्य को भेजी जाएगी। डायट प्राचार्य पूरे जनपद की लिस्ट शासन को भेजेंगे, जिनमें महिला, पुरुष तथा किशोर और किशोरियों की अलग-अलग संख्या भी अंकित होगी। चिह्निकरण के बाद निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए विद्यालयों में अलग से कक्षाओं का संचालन होगा। जनपद में निरक्षरों के चिह्निकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है।
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प्रदेश को मिला लक्ष्य
विभागीय सूत्रों ने बताया कि योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 में उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में 15 वर्ष से अधिक आयु के 4,20,000 लोगों को बेसिक साक्षरता प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 75 फीसदी महिलाएं और 25 फीसदी पुरुष रहेंगे।
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साक्षरता कक्षाओं का होगा निरीक्षण
पढ़ना लिखना अभियान पर नजर रखने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों के सहयोग से जिला गुणवत्ता निगरानी प्रणाली के तहत वर्ष में तीन बार साक्षरता कक्षाओं का निरीक्षण हुआ करेगा। इसकी रिपोर्ट भी तैयार हुआ करेगी। निगरानी की समीक्षा के लिए जिला एवं विकास खंड स्तर पर बैठकों का आयोजन भी समय-समय पर हुआ करेगा।
परीक्षाएं भी होंगी
पढ़ना लिखना अभियान कितना सफल हो रहा है। इसके लिए मूल्यांकन परीक्षाएं हुआ करेेंगी। परीक्षाओं के माध्यम से यह पता चल सकेगा कि कितने फीसदी लोग किस स्तर पर साक्षर हुए हैं।

पढ़ना लिखना अभियान सरकार की अच्छी पहल है। यह अभी शुरुआती दौर में है। सबसे पहले 15 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का चिह्निकरण किया जाना है। इसमें अभी समय लगेगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से चिह्नित लोगों की रिपोर्ट जब आएगी तो उसे शासन को भेजेंगे। उसके बाद कार्ययोजना जारी होगी।
- राज सिंह यादव, नोडल अधिकारी/डायट प्राचार्य।
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