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मकान के लिए नौ बार किया आवेदन हर बार फेल

Sat, 13 Nov 2021 11:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Nov 2021 11:30 PM IST
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Nine applications for house canceled every time
हकीमपुरा में तिरपाल के नीचे बैठी सविता। - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। बिशनपुर निवासी सोनिया पत्नी अमन अपने परिवार के साथ पीली ईंटों से खड़ी की गई दीवारों पर डाली गई टीनशेड में रहती है। वह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान के लिए नौ बार आवेदन कर चुकी हैं, मगर हर बार उनको अपात्रों की सूची में डालकर आवेदन निरस्त किए जाते रहे हैं। अमर उजाला द्वारा की जा रही पड़ताल में ऐसे एक नहीं, बल्कि कई पीड़ित मिले हैं, जो पात्र होते हुए भी बीते पांच साल में अभी तक योजना का लाभ नहीं ले सके हैं। उनका आवेदन निरस्त करने के पीछे क्या वजह है यह जांच का विषय है। लोगों का आरोप है कि बिना पात्रता की जांच किए ही उनको अपात्रों की सूची में डाल दिया जाता रहा है। ऐसे में वह कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। पेश है रिपोर्ट...
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- गांव बिशनपुर निवासी सोनिया पत्नी अमन ने बताया कि वह 2017 से लगातार आवेदन करती आ रही हैं। मकान के लिए कितनी बार आवेदन किया है उन्हें गिनती याद नहीं है, लेकिन वह बताती हैं कि करीब नौ बार आवेदन कर चुकी हैं। बिना जांच के ही उनके आवेदन को निरस्त किया जा रहा है।
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- तीतरो के गांव फतेहचंदपुर निवासी बेबी पत्नी बिजेंद्र प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए कई बार आवेदन कर चुकी है, लेकिन हर बार उनका आवेदन निरस्त कर दिया जाता है। बेबी ने बताया कि उनके पास कच्चा मकान था, जो बरसात में गिर गया था। अब वह पन्नी डालकर परिवार के साथ रह रही है।
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- बिशनपुर निवासी वंदना के माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। वंदना का एक भाई भी है, जो अविवाहित है। वंदना के पास एक जर्जर कमरा है। वंदना ने बताया कि वह कई बार आवेदन कर चुकी है, मकान पास नहीं हुआ है। ऐसे में वह और उसका भाई अपने चाचा के घर में रहने को मजबूर हैं।
- रामपुर मनिहारान के मोहल्ला इकराम निवासी साकिर पुत्र सलीम मजदूरी करते हैं, जिनका मकान खंडहर अवस्था में है। शाकिर ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए वह तीन बार आवेदन कर चुके हैं, उन्हें हमेशा अपात्र बताकर सूची से बाहर कर दिया जाता है, जबकि बरसात में उनका मकान टपकता है।
- देवबंद क्षेत्र के गांव खेड़ामुगल निवासी नंदलाल की पत्नी राकेश ने बताया कि उसके पास कच्चा मकान है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में पक्के मकान की आस में वह कई बार आवेदन कर चुकी हैं, हर बार आवेदन निरस्त कर दिया जाता है। ऐसे में वह छप्पर डालकर रहने को मजबूर है।
- हकीमपुरा निवासी सविता ने बताया कि उनके पास लिंटर का एक कमरा है, जो जर्जर है। ऐसे में वह परिवार के साथ टीनशेड और छप्पर में रहती हैं। उसने बताया कि वह करीब पांच बार आवेदन कर चुकी हैं, लेकिन जांच के लिए आने वाले लोग हर बार उनको अपात्र बताकर सूची से बाहर कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन करने वाला व्यक्ति पात्र है या अपात्र। इसकी जांच करना नगर निगम की जिम्मेदारी है। नगर निगम की रिपोर्ट के आधार पर ही मकान पास किए जाते हैं। जिन लोगों के आवेदन निरस्त हुए हैं उनकी कोई ना कोई वजह रही होगी।

संदीप कुमार, जिला समन्वयक, प्रधानमंत्री आवास योजना।

माता-पिता को खो चुकी वंदना जर्जर मकान के साथ।

माता-पिता को खो चुकी वंदना जर्जर मकान के साथ।- फोटो : SAHARANPUR

बिशनपुर में टीन डले मकान के सामने खड़ी सोनिया।

बिशनपुर में टीन डले मकान के सामने खड़ी सोनिया।- फोटो : SAHARANPUR

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