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Saharanpur News: 80 एकड़ में बनेगी नई जेल, दो हजार होगी क्षमता
Sat, 18 Apr 2026 01:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 18 Apr 2026 01:18 AM IST
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सहारनपुर। जिले में नई जेल निर्माण के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। नागल के गांव दंघेड़ा में करीब 80 एकड़ जमीन में जेल का निर्माण होगा। खास बात यह है कि नई जेल की क्षमता दो हजार कैदियों और बंदियों को रखने की होगी। जेल आधुनिक तकनीक से युक्त होगी।
नई जेल के निर्माण और उसके जमीन चिह्नित करने की कवायद पिछले चार-पांच वर्षों से जारी है। इसके लिए जनपद के अलग-अलग ब्लॉकों में जमीन देखी गई। इसके बाद माटकी झरौली और नागल के दंघेड़ा में जमीन के प्रस्तावों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। दिसंबर 2023 में दोनों जमीन के प्रस्तावों पर 19 बिंदुओं पर चर्चा के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी ने भूमि क्रय निर्धारण समिति का भी गठन किया था। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल रहे। इसके बाद करीब तीन वर्षों तक चली कवायद के बाद नागल के गांव दंघेड़ा में जमीन को फाइनल किया गया। जेल निर्माण के लिए करीब 50 करोड़ की राशि भी प्राप्त हुई है।
n क्षमता से अधिक है कैदी और बंदी : वर्तमान में जिला कारागार महानगर के बीच में स्थित है। यहां पर क्षमता से अधिक कैदी और बंदी हैं। जेल की क्षमता 765 है, लेकिन वर्तमान में यहां पर 1200 कैदी और बंदी हैं। हर दिन जिला कारागार में बंदी निरुद्ध किए जा रहे हैं। ऐसे में बैरकों में भी क्षमता से अधिक बंदी और कैदी हैं।
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n निर्माण पर पाबंदी, कम पड़ रहे संसाधन : वर्तमान जेल ऐतिहासिक रोहिल्ला किले में है। यह इमारत संरक्षित है। ऐसे में नियमानुसार किले में कोई भी नया निर्माण नहीं किया जा सकता।
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नई जेल के निर्माण और उसके जमीन चिह्नित करने की कवायद पिछले चार-पांच वर्षों से जारी है। इसके लिए जनपद के अलग-अलग ब्लॉकों में जमीन देखी गई। इसके बाद माटकी झरौली और नागल के दंघेड़ा में जमीन के प्रस्तावों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। दिसंबर 2023 में दोनों जमीन के प्रस्तावों पर 19 बिंदुओं पर चर्चा के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी ने भूमि क्रय निर्धारण समिति का भी गठन किया था। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल रहे। इसके बाद करीब तीन वर्षों तक चली कवायद के बाद नागल के गांव दंघेड़ा में जमीन को फाइनल किया गया। जेल निर्माण के लिए करीब 50 करोड़ की राशि भी प्राप्त हुई है।
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n क्षमता से अधिक है कैदी और बंदी : वर्तमान में जिला कारागार महानगर के बीच में स्थित है। यहां पर क्षमता से अधिक कैदी और बंदी हैं। जेल की क्षमता 765 है, लेकिन वर्तमान में यहां पर 1200 कैदी और बंदी हैं। हर दिन जिला कारागार में बंदी निरुद्ध किए जा रहे हैं। ऐसे में बैरकों में भी क्षमता से अधिक बंदी और कैदी हैं।
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n निर्माण पर पाबंदी, कम पड़ रहे संसाधन : वर्तमान जेल ऐतिहासिक रोहिल्ला किले में है। यह इमारत संरक्षित है। ऐसे में नियमानुसार किले में कोई भी नया निर्माण नहीं किया जा सकता।