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रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही बदल गया पड़ोसियों का रवैया
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सहारनपुर। कोरोना पीड़ित के परिजनों से भेदभाव का मामला सामने आया है। एक ओर जहां पड़ोसियों ने अपना रवैया बदल लिया है, वहीं दुकानदारों ने सामान देना बंद कर दिया है। इसे लेकर परिजन आहत हैं।
हकीकतनगर निवासी परिवार ने जागरूकता के चलते कोरोना जांच कराई थी। जिनकी रिपोर्ट बीती 18 अप्रैल को पॉजिटिव आई। परिवार के अन्य सदस्यों की रिपोर्ट नेगेटिव रही। इसके बाद से दंपति को होम आइसोलेट कर दिया। परिजन भी पूरी सावधानी बरत रहे हैं। कोरोना संक्रमित की जानकारी मिलने के बाद नगर निगम की ओर से संक्रमित व्यक्ति के घर के आसपास सैनिटाइजेशन कराने के साथ बैरिकेडिंग की गई। इससे परिवार मोहल्ले में चिह्नित हो गया। इसके बाद पड़ोसियों ने परिवार से न केवल किनारा कर लिया बल्कि परिजनों को जरूरी काम के लिए भी घर से नहीं निकलने दे रहे हैं। सोमवार को घर से गाड़ी निकालते समय मोहल्लावासियों ने विरोध किया। वह पैदल ही घर की जरूरत का सामान लेने पड़ोस की दुकान पर गए। इस पर दुकानदार ने सामान देने से इनकार कर दिया। इससे परिजन आहत हैं।
विभाग पर लापरवाही का आरोप
परिजनों ने बताया कि उनके परिजन की रिपोर्ट पॉजिटिव आए 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, मगर अभी तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से फोन कॉल नहीं आई है। न ही दवा मुहैया कराई गई है। इस पर विभागीय अधिकारी दावा कर रहे हैं कि होम आइसोलेशन में रखे जा रहे मरीजों को दवा दी जा रही है। दिन में दो बार कॉल करके हाल पूछा जाता है।
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हकीकतनगर निवासी परिवार ने जागरूकता के चलते कोरोना जांच कराई थी। जिनकी रिपोर्ट बीती 18 अप्रैल को पॉजिटिव आई। परिवार के अन्य सदस्यों की रिपोर्ट नेगेटिव रही। इसके बाद से दंपति को होम आइसोलेट कर दिया। परिजन भी पूरी सावधानी बरत रहे हैं। कोरोना संक्रमित की जानकारी मिलने के बाद नगर निगम की ओर से संक्रमित व्यक्ति के घर के आसपास सैनिटाइजेशन कराने के साथ बैरिकेडिंग की गई। इससे परिवार मोहल्ले में चिह्नित हो गया। इसके बाद पड़ोसियों ने परिवार से न केवल किनारा कर लिया बल्कि परिजनों को जरूरी काम के लिए भी घर से नहीं निकलने दे रहे हैं। सोमवार को घर से गाड़ी निकालते समय मोहल्लावासियों ने विरोध किया। वह पैदल ही घर की जरूरत का सामान लेने पड़ोस की दुकान पर गए। इस पर दुकानदार ने सामान देने से इनकार कर दिया। इससे परिजन आहत हैं।
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विभाग पर लापरवाही का आरोप
परिजनों ने बताया कि उनके परिजन की रिपोर्ट पॉजिटिव आए 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, मगर अभी तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से फोन कॉल नहीं आई है। न ही दवा मुहैया कराई गई है। इस पर विभागीय अधिकारी दावा कर रहे हैं कि होम आइसोलेशन में रखे जा रहे मरीजों को दवा दी जा रही है। दिन में दो बार कॉल करके हाल पूछा जाता है।
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