{"_id":"5ef798aa8ebc3e42fd1f648e","slug":"negligence-in-treatment-barely-life-left-saharanpur-news-mrt4885242152","type":"story","status":"publish","title_hn":"इलाज में बरती लापरवाही, बमुश्किल बची जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इलाज में बरती लापरवाही, बमुश्किल बची जान
विज्ञापन
सहारनपुर। गर्भवती महिला के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर परिजनों ने अस्पताल के संबंधित स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद भी प्रशासन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
दिल्ली रोड पर स्थित शिवाजी नगर में कांग्रेस के पूर्व महामंत्री संजय वालिया के साथ पंत विहार निवासी पीड़ित के भाई विशाल चौधरी ने पत्रकार वार्ता कर जिला प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। विशाल चौधरी ने कहा कि उसकी बहन गर्भवती थी, उसे 18 मई को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल की ओर से इमरजेंसी फीस के अलावा अन्य सभी खर्च लिए गए, लेकिन इलाज ठीक नहीं किया और परिजनों को अस्पताल का स्टाफ भ्रमित करता रहा। हालत ज्यादा खराब होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी। इसके बाद परिजन पीड़ित को लेकर दूसरे चिकित्सक के यहां ले गए। उन्होंने अल्ट्रासाउंड कर पेट में ट्यूब फटने की जानकारी दी और ऑपरेशन कर बमुश्किल उसकी जान बचाई, लेकिन चिकित्सक बच्चे की जान नहीं बचा पाए। विशाल चौधरी ने कहा जिस अस्पताल में पहले भर्ती कराया, वहां के स्टाफ ने पैसे लेने के बाद भी पूरी तरह लापरवाही बरती, इस कारण ही उसकी बहन के पेट की ट्यूब फटी और बच्चे की जान नहीं बच पाई। इसकी शिकायत मुख्य चिकित्साधिकारी और मंडलायुक्त से की गई। उन्होंने शिकायत की जांच कराई। उन्होंने बताया कि जांच में संबंधित अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही सामने आई, लेकिन आज तक संबंधित अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि संबंधित अस्पताल की ओर से पीड़ित परिवार को धमकी भी दी जा रही है। उन्होंने प्रशासन से दोषी अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान आदेश त्यागी, पप्पू चौधरी, बलदेव चौधरी, आशीष चौधरी, संजय चौधरी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
दिल्ली रोड पर स्थित शिवाजी नगर में कांग्रेस के पूर्व महामंत्री संजय वालिया के साथ पंत विहार निवासी पीड़ित के भाई विशाल चौधरी ने पत्रकार वार्ता कर जिला प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। विशाल चौधरी ने कहा कि उसकी बहन गर्भवती थी, उसे 18 मई को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल की ओर से इमरजेंसी फीस के अलावा अन्य सभी खर्च लिए गए, लेकिन इलाज ठीक नहीं किया और परिजनों को अस्पताल का स्टाफ भ्रमित करता रहा। हालत ज्यादा खराब होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी। इसके बाद परिजन पीड़ित को लेकर दूसरे चिकित्सक के यहां ले गए। उन्होंने अल्ट्रासाउंड कर पेट में ट्यूब फटने की जानकारी दी और ऑपरेशन कर बमुश्किल उसकी जान बचाई, लेकिन चिकित्सक बच्चे की जान नहीं बचा पाए। विशाल चौधरी ने कहा जिस अस्पताल में पहले भर्ती कराया, वहां के स्टाफ ने पैसे लेने के बाद भी पूरी तरह लापरवाही बरती, इस कारण ही उसकी बहन के पेट की ट्यूब फटी और बच्चे की जान नहीं बच पाई। इसकी शिकायत मुख्य चिकित्साधिकारी और मंडलायुक्त से की गई। उन्होंने शिकायत की जांच कराई। उन्होंने बताया कि जांच में संबंधित अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही सामने आई, लेकिन आज तक संबंधित अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि संबंधित अस्पताल की ओर से पीड़ित परिवार को धमकी भी दी जा रही है। उन्होंने प्रशासन से दोषी अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान आदेश त्यागी, पप्पू चौधरी, बलदेव चौधरी, आशीष चौधरी, संजय चौधरी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन