छुटमलपुर (सहारनपुर)। फतेहपुर कोविड-19 लेवल वन अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स रोनिका सिंह ने रक्षाबंधन के मौके पर अपनों से दूर कोरोना वार्ड में भर्ती सभी तीस रोगियों को पवित्र रक्षासूत्र बांध कर उनके शीघ्र स्वस्थ तथा दीर्घायु होने की कामना की। खास बात यह रही कि वार्ड में अपनी मां के साथ भर्ती डेढ़ माह के बच्चे की पहली रक्षाबंधन पर कलाई सूनी नहीं रही।
कोविड-19 अस्पताल में फिलहाल तीस रोगी भर्ती हैं। सोमवार को रक्षाबंधन का पर्व था, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते इनमें से किसी के लिए भी उनकी बहनों ने यहां राखी नहीं भिजवाई थी। इस कमी को पूरा करने के लिए स्टाफ नर्स रोनिका सिंह ने सिस्टर के मायनों को चरितार्थ करते हुए सभी के लिए बाजार से राखी, मिठाई और रोली खरीदी। इसके बाद वे पीपीई किट पहन कर अस्पताल इंचार्ज डॉ. नवदीप गुप्ता, नीरज सिंह और उपासक के साथ कोविड वार्ड के अंदर पहुंचीं। जब उन्होंने रोगियों को रक्षाबंधन की बधाई देते हुए राखी बांधनी शुरू की तो वे हतप्रभ रह गए। रोनिका ने एक एक करके सभी को रोली का टीका लगाया। रक्षासूत्र बांध कर मुंह मीठा कराते हुए उनके शीघ्र ही स्वस्थ होकर घर जाने और दीर्घायु होने की कामना की। इनमें अंजलि की आंखें उस वक्त भर आईं, जब उसके डेढ़ माह के बेटे नन्नू को रोनिका ने रक्षासूत्र बांध कर अपनी गोदी में लेकर दुलार किया। अंजलि का कहना था कि रोनिका की वजह से पहले रक्षाबंधन पर उसके बेटे की कलाई सूनी नहीं रही। वह उम्र भर इसे याद रखेगी। रोनिका सिंह ने बताया कि रात उन्हें अनायास ही यह ख्याल आया कि वार्ड में भर्ती रोगियों की भी तो रक्षाबंधन है। इसके बाद उन्होंने तुरंत सारा प्लान किया। कोरोना संक्रमण के बाद अस्पताल में रह कर रोगियों की सेवा कर रहीं रोनिका कहती हैं कि उन्हें भी रोगियों में अपने भाई और भाभी नजर आए।