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मुजफ्फरनगर-सहारनपुर हाईवे ढाई घंटे जाम, यात्री परेशान
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सहारनपुर। आईटीबीपी जवाना का शव हाईवे पर रख तलहेड़ी में जाम लगाते ग्रामीण
- फोटो : DEVBAND
मुजफ्फरनगर-सहारनपुर हाईवे ढाई घंटे जाम, यात्री परेशान
देवबंद। छत्तीसगढ़ में तैनात आईटीबीपी के जवान मोनू कुमार के शव को मुजफ्फरनगर-सहारनपुर हाईवे पर रखकर ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। ढाई घंटे लगे जाम में यात्री बुरी तरह परेशान हो गए। अंबोली के ग्रामीणों ने मोनू कुमार को शहीद का दर्जा देने और परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। मौके पर पहुंचे डीएम और एसएसपी ने ग्रामीणों को समझाया, तब जाकर जाम खोला गया।
छत्तीसगढ़ के यूरेंडा बेडा गांव में तैनात अंबोली गांव निवासी मोनू कुमार की शुक्रवार को ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी। रविवार को छत्तीसगढ़ के कोंडगांव से आईटीबीपी के जवान मोनू कुमार का शव लेकर पहुंचे। आईटीबीपी का ट्रक हाईवे पर तलहेड़ी बुजुर्ग गांव पहुंचा, तो वहां पहले से सैकड़ों ग्रामीण हाथों में तिरंगा झंडा लेकर खड़े थे। उन्होंने वंदेमातरम और भारत माता की जय के नारे लगाने शुरू कर दिए। लोगों ने मोनू कुमार को शहीद का दर्जा दिए जाने, परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग करते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सूचना पर एसडीएम राकेश कुमार व सीओ रजनीश कुमार उपाध्याय पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन गांव वाले अपनी मांग पर अड़े रहे और जाम खोलने से इनकार कर दिया। करीब ढाई घंटे बाद डीएम अखिलेश कुमार और एसएससी डा. एस. चनप्पा अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों से वार्ता के बाद परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम खोला गया।
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सैनिक सम्मान के साथ किया अंतिम संस्कार
शव को अंबोली स्थित श्मशान घाट ले जाया गया, जहां सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। भाई मोहित कुमार ने मुखाग्नि दी। डीएम और एसएसपी ने मोनू कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान बसपा सांसद फजलुर्रहमान, भीम आर्मी के महासचिव कमल वालिया, राहुल कुमार, पूर्व ग्राम प्रधान मास्टर शीशपाल चौधरी, नीटू चौधरी, सपा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष नरेंद्र पंवार, अमित, भाजपा नेता सोनू सैनी, मास्टर सईद अहमद, विपिन आर्य, जिला पंचायत सदस्य कंवरपाल सैनी, अजय कुमार आदि मौजूद रहे।
शहीद स्मारक बनाने की मांग
मोनू कुमार का तिरंगे में लिपटा शव जब गांव पहुंचा, तो हर आंख नम हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि महज 18 साल की उम्र में आईटीबीपी में नौकरी पाने वाले मोनू कुमार बेहद खुशमिजाज थे। जब छुट्टी पर गांव आते, तो हर किसी से मिलते थे। ग्रामीणों ने मोनू कुमार की याद में शहीद स्मारक व शहीद द्वार बनवाए जाने की मांग की।
आईटीबीपी देगा 40 लाख रुपये की सहायता
डीएम अखिलेश कुमार ने बताया कि भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) जवान मोनू कुमार के परिवार को 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगा। मोनू कुमार ने आत्महत्या की या नहीं, मौत की क्या वजह रही आदि की भी विभाग जांच करा रहा है। शहीद का दर्जा देने या न देने की प्रक्रिया भी जांच के बाद पूरी की जाएगी।
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देवबंद। छत्तीसगढ़ में तैनात आईटीबीपी के जवान मोनू कुमार के शव को मुजफ्फरनगर-सहारनपुर हाईवे पर रखकर ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। ढाई घंटे लगे जाम में यात्री बुरी तरह परेशान हो गए। अंबोली के ग्रामीणों ने मोनू कुमार को शहीद का दर्जा देने और परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। मौके पर पहुंचे डीएम और एसएसपी ने ग्रामीणों को समझाया, तब जाकर जाम खोला गया।
छत्तीसगढ़ के यूरेंडा बेडा गांव में तैनात अंबोली गांव निवासी मोनू कुमार की शुक्रवार को ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी। रविवार को छत्तीसगढ़ के कोंडगांव से आईटीबीपी के जवान मोनू कुमार का शव लेकर पहुंचे। आईटीबीपी का ट्रक हाईवे पर तलहेड़ी बुजुर्ग गांव पहुंचा, तो वहां पहले से सैकड़ों ग्रामीण हाथों में तिरंगा झंडा लेकर खड़े थे। उन्होंने वंदेमातरम और भारत माता की जय के नारे लगाने शुरू कर दिए। लोगों ने मोनू कुमार को शहीद का दर्जा दिए जाने, परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग करते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
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सूचना पर एसडीएम राकेश कुमार व सीओ रजनीश कुमार उपाध्याय पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन गांव वाले अपनी मांग पर अड़े रहे और जाम खोलने से इनकार कर दिया। करीब ढाई घंटे बाद डीएम अखिलेश कुमार और एसएससी डा. एस. चनप्पा अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों से वार्ता के बाद परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम खोला गया।
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सैनिक सम्मान के साथ किया अंतिम संस्कार
शव को अंबोली स्थित श्मशान घाट ले जाया गया, जहां सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। भाई मोहित कुमार ने मुखाग्नि दी। डीएम और एसएसपी ने मोनू कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान बसपा सांसद फजलुर्रहमान, भीम आर्मी के महासचिव कमल वालिया, राहुल कुमार, पूर्व ग्राम प्रधान मास्टर शीशपाल चौधरी, नीटू चौधरी, सपा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष नरेंद्र पंवार, अमित, भाजपा नेता सोनू सैनी, मास्टर सईद अहमद, विपिन आर्य, जिला पंचायत सदस्य कंवरपाल सैनी, अजय कुमार आदि मौजूद रहे।
शहीद स्मारक बनाने की मांग
मोनू कुमार का तिरंगे में लिपटा शव जब गांव पहुंचा, तो हर आंख नम हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि महज 18 साल की उम्र में आईटीबीपी में नौकरी पाने वाले मोनू कुमार बेहद खुशमिजाज थे। जब छुट्टी पर गांव आते, तो हर किसी से मिलते थे। ग्रामीणों ने मोनू कुमार की याद में शहीद स्मारक व शहीद द्वार बनवाए जाने की मांग की।
आईटीबीपी देगा 40 लाख रुपये की सहायता
डीएम अखिलेश कुमार ने बताया कि भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) जवान मोनू कुमार के परिवार को 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगा। मोनू कुमार ने आत्महत्या की या नहीं, मौत की क्या वजह रही आदि की भी विभाग जांच करा रहा है। शहीद का दर्जा देने या न देने की प्रक्रिया भी जांच के बाद पूरी की जाएगी।