फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Municipal corporation removed 35-year-old occupation

नगर निगम ने हटवाए 35 साल पुराने कब्जे

Tue, 24 Dec 2019 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 24 Dec 2019 12:09 AM IST
विज्ञापन
Municipal corporation removed 35-year-old occupation
मकान खाली करने के दौरान अपनी किताबे सम्भालती बच्ची - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में नगर निगम ने सोमवार को खलासी लाइन स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय परिसर से अपनी संपत्ति को कब्जामुक्त कराया। कब्जे करीब 35 वर्ष तक पुराने थे। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय परिसर में कई परिवार रहते हैं। इसकी वजह से विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा को खतरा रहता है। बीते दिनों एसडीएम सदर और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण करते हुए परिसर में रह रहे परिवारों को नोटिस जारी किए थे। नोटिस के माध्यम से उनसे परिसर में रहने के कागजात मांगे गए थे। मगर तीन परिवार कोई सुबूत नहीं दे सके थे। जांच में भी उनका वहां रहना अवैध पाया गया था। सोमवार को नगर निगम के सहायक नगरायुक्त संजय कुमार, उप नगरायुक्त दिनेश यादव, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रवीश चौधरी, कर अधीक्षक विनय कुमार शर्मा और प्रवर्तन दल अधिकारी बीएस नेगी अपने दल के साथ विद्यालय परिसर कब्जे हटवाने पहुंचे। टीम पुलिस बल के साथ ही जेसीबी लेकर पहुंची थी। कुछ ही देर बार सिटी मजिस्ट्रेट डॉक्टर पंकज कुमार वर्मा भी मौके पर पहुंचे। दल और बल को देखते ही परिवारों ने कमरे खाली करना शुरू कर दिया। तीन परिवारों को पांच कमरे खाली करने में करीब ढाई घंटे का समय लगा। इसके बाद निगम की टीम ने पांचों कमरों को सील कर दिया। टीम में नरेशचंद, हेमराज, प्रदीप, शिव कुमार, थाना सदर से लोकेंद्र सिंह, विपिन, अंशु और नीलम आदि शामिल रही।
विज्ञापन

साहब, सर्दी-सर्दी रहने दो, हम कहां जाएंगे
नगर निगम की टीम न्यूनतम 05 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच तीनों परिवारों से संपत्ति खाली कराने पहुंची थी। चूंकि तीनों ही परिवार गरीब हैं। ऐसे में उनकी महिलाएं अधिकारियों से गर्मी आने तक रहने की गुहार लगाती रहीं। उनका कहना था कि इतनी ठंड में वह कहां जाकर रहेंगे। बड़ों को रोता बिलखता देख बच्चे भी तड़पते नजर आए। मगर अधिकारियों का कहना था कि उच्चाधिकारियों का आदेश है, जिसमें वह कुछ नहीं कर सकते। बाहर निकाले गए परिवारों का आरोप था कि विद्यालय परिसर में अन्य परिवार भी रह रहे हैं, जिनको बाहर नहीं किया गया है। अंत में बीएस नेगी ने करीब आठ माह के बच्चे को गोद में लेकर घर की वृद्ध महिला के साथ फोटो भी खिंचवाए और उन्हें खुद को संभालने की बात कही।
विज्ञापन

किताबें समेटते नजर आए बच्चे
तीनों परिवारों को कमरे खाली करने में करीब ढाई घंटे का समय लगा। एक ओर जहां परिवार के बड़े घरेलू सामान समेट रहे थे, वहीं एक सात साल की बच्ची कमरे से अपनी किताबें समेटकर बाहर रखे बैग में रखती नजर आई। इसके बाद वह अंदर गई और अपनी सफेद रंग की गुड़िया लेकर बाहर आकर खड़ी हो गई।

कस्तूरबा गांधी परिसर खलासी लाइन क्षेत्र में मकान खाली कराने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट व निगम अधिका

कस्तूरबा गांधी परिसर खलासी लाइन क्षेत्र में मकान खाली कराने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट व निगम अधिका- फोटो : SAHARANPUR

कस्तूरबा गांधी परिसर खलासी लाइन क्षेत्र में मकान खाली कराते  निगम अधिकारी

कस्तूरबा गांधी परिसर खलासी लाइन क्षेत्र में मकान खाली कराते निगम अधिकारी- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed