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Saharanpur News: नगर आयुक्त बैठक छोड़कर चले गए, सदस्य हुए नाराज
Fri, 19 Dec 2025 12:39 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 19 Dec 2025 12:39 AM IST
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निगम सभागार में निगम बोर्ड की बैठक लेते मेयर डॉ़ अजय कुमार सिंह
सहारनपुर। नगर निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक में एक अस्थायी कर्मचारी के वेतन को लेकर समिति सदस्यों और अधिकारियों में मतभेद की स्थिति आ गई। इसी बीच अचानक नगर आयुक्त बैठक छोड़कर चले गए। इस पर समिति सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त की और महापौर को लिखकर भी दिया है। नतीजा, लंबी चर्चा और विवाद के कारण सभी प्रस्तावों पर समिति की मुहर नहीं लग सकी। इसलिए आगे की बैठक शुक्रवार को करने का निर्णय लिया गया।
कार्यकारिणी की बैठक महापौर कार्यालय में अपराह्न तीन बजे शुरू हुई। अध्यक्षता महापौर डॉ. अजय कुमार कर रहे थे। नगर आयुक्त शिपू गिरि सहित सभी 12 सदस्य और अन्य अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नगर निगम के एक अस्थायी कर्मचारी के वेतन का प्रस्ताव अधिकारियों के द्वारा एजेंडे में शामिल किया गया था। कर्मचारी जब नगर निगम में नियुक्त हुआ था तो उसका वेतन 25 हजार रुपये था, जो अब बढ़कर 55 हजार रुपये हो गया है।
बताया गया है कि अधिकारी उसका चेतन 75 हजार रुपये कराना चाहते हैं, जिसका प्रस्ताव जबरन एजेंडे में शामिल कराया गया, जब इसको लेकर चर्चा हुई तो समिति सदस्य पार्षदों ने इसका विरोध किया। विरोध इतना बढ़ा कि एक अधिकारी बैठक छोड़कर चले गए। इस पर समिति ने नाराजगी जाहिर की और समिति सदस्यों ने इसे अनुशासनहीनता माना है। पार्षदों ने महापौर को लिखकर भी दिया है।
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कार्यकारिणी की बैठक महापौर कार्यालय में अपराह्न तीन बजे शुरू हुई। अध्यक्षता महापौर डॉ. अजय कुमार कर रहे थे। नगर आयुक्त शिपू गिरि सहित सभी 12 सदस्य और अन्य अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नगर निगम के एक अस्थायी कर्मचारी के वेतन का प्रस्ताव अधिकारियों के द्वारा एजेंडे में शामिल किया गया था। कर्मचारी जब नगर निगम में नियुक्त हुआ था तो उसका वेतन 25 हजार रुपये था, जो अब बढ़कर 55 हजार रुपये हो गया है।
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बताया गया है कि अधिकारी उसका चेतन 75 हजार रुपये कराना चाहते हैं, जिसका प्रस्ताव जबरन एजेंडे में शामिल कराया गया, जब इसको लेकर चर्चा हुई तो समिति सदस्य पार्षदों ने इसका विरोध किया। विरोध इतना बढ़ा कि एक अधिकारी बैठक छोड़कर चले गए। इस पर समिति ने नाराजगी जाहिर की और समिति सदस्यों ने इसे अनुशासनहीनता माना है। पार्षदों ने महापौर को लिखकर भी दिया है।
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