फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Mosques being removed today will be inhabited once again: Madani

आज हटाई जा रहीं मस्जिदें, फिर होंगी आबाद : मदनी

Wed, 28 Oct 2026 01:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Wed, 28 Oct 2026 01:01 AM IST
विज्ञापन
Mosques being removed today will be inhabited once again: Madani
देवबंद(सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि आज जो मस्जिदें हटाई जा रही हैं, वह फिर आबाद होंगी। सत्ता में बैठे लोग हमेशा नहीं रहेंगे, लेकिन इस्लाम कायम रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा दौर में मुसलमानों के साथ-साथ इस्लाम और उनकी धार्मिक पहचान को भी निशाना बनाया जा रहा है।
विज्ञापन

दारुल उलूम में आयोजित कुलहिंद राब्ता-ए-मदारिस इस्लामिया के सम्मेलन में देशभर से आए मदरसों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मौलाना मदनी ने कहा कि नई पीढ़ी की धार्मिक और नैतिक शिक्षा की जिम्मेदारी केवल मदरसों की नहीं है। माता-पिता को भी बच्चों के ईमान, आस्था, चरित्र और नैतिकता पर ध्यान देना चाहिए। मौलाना मदनी ने कहा कि मदरसे इस्लाम और ईमान के रक्षक और कौम की धार्मिक पहचान के अमानतदार हैं। दारुल उलूम के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संस्थान के बुजुर्गों और उलमा ने देश की आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कुर्बानियां दीं।
विज्ञापन

इसके बावजूद मदरसों की छवि को गलत तरीके से पेश करने की कोशिशें गलत हैं। मौलाना मदनी ने मस्जिदों और धार्मिक संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई पर चिंता जताते हुए कहा कि पहले की सरकारें मुसलमानों को निशाना बनाती थीं, जबकि मौजूदा सरकार में इस्लाम और धार्मिक पहचान को भी निशाना बनाया जा रहा है। मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि सत्ता और ताकत के बल पर किसी कौम की आस्था को खत्म नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन

दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि मौजूदा हालात में नई पीढ़ी की धार्मिक शिक्षा, शैक्षिक संस्थानों की मजबूती और आपसी एकता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसलिए सभी मदरसों के जिम्मेदार विशेष रूप से ध्यान रखें कि दीनी इदारों के असल मकसद से हटकर नहीं बल्कि इस्लाम के बुनियादी उसूलों पर चलते हुए छात्रों को तालीम दी जाए। ताकि वह इस्लाम की सही तस्वीर दुनिया के सामने पेश कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed