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लंबी रूटों पर चली ज्यादा बसें, छोटे पर रहा टोटा
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अग्रसैन चौक स्थित बस अड़डे बसो लिये पहुंचे यात्री
- फोटो : SAHARANPUR
लंबी रूटों पर चली ज्यादा बसें, छोटे पर रहा टोटा
सहारनपुर। त्योहारों पर गंतव्य तक पहुंचने के लिए अधिकतर यात्रियों के लिए रोडवेज की बसें ही सहारा रहीं। पंजाब आंदोलन के कारण ट्रेनों की संख्या सीमित होने के कारण अधिकतर मुसाफिरों को बसों में महंगा सफर करने को मजबूर होना पड़ा। शुक्रवार को भी रोडवेज रीजन की बसों में करीब एक लाख यात्रियों ने सफर किया। हालांकि, अधिकतर बसों के लंबी रूट पर जाने और उत्तराखंड के शहरों के लिए बसों की कमी के कारण यात्रियों को परेशानी भी झेलनी पड़ी। उन्हें गाड़ियों के लिए ज्यादा इंतजार करना पड़ा।
धनतेरस से ही रोडवेज बसों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है। दीपावली से भैया दूज तक के लिए अलग-अलग गंतव्य तक जाने के लिए मुसाफिर अधिक संख्या में हरिद्वार और दिल्ली बस अड्डे पर पहुंचे। रोडवेज प्रबंधन की ओर से लखनऊ, सीतापुर, आगरा, दिल्ली, मेरठ, आनंद विहार सहित अन्य शहरों के लिए अधिक बसों को चलाया गया। परिवहन निगम की ओर से रीजन में 250 अतिरिक्त बसों का संचालन कराया गया है।
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प्रोत्साहन योजना के लाभ के लिए लंबी दूरी पर दौड़ा रहे बसें
- अधिकतर चालक और परिचालक प्रोत्साहन योजना के लिए बसों को लंबी दूरी के लिए दौड़ा रहे हैं। इससे 70 से 90 किलोमीटर की दूरी तक के शहरों में जाने के लिए यात्रियों के लिए बसें कम रही हैं। कुछ यात्री हरियाणा और उत्तराखंड निगम की बसों से भी गंतव्य के लिए रवाना हुए। हालांकि ऐसी बसों की संख्या कम रही।
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--- वर्जन --
- त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ी है। कोरोना काल के बाद अनलॉक पीरियड में यात्रियों की संख्या 20 से 30 प्रतिशत तक थी। लेकिन त्योहारों पर दबाव में सुधार हुआ है। कुछ ट्रेेेनों के नहंी चलने की जानकारी है। शायद इस कारण भी यात्री बढ़े हैं। -नीरज सक्सेना, क्षेत्रीय प्रबंधक
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सहारनपुर। त्योहारों पर गंतव्य तक पहुंचने के लिए अधिकतर यात्रियों के लिए रोडवेज की बसें ही सहारा रहीं। पंजाब आंदोलन के कारण ट्रेनों की संख्या सीमित होने के कारण अधिकतर मुसाफिरों को बसों में महंगा सफर करने को मजबूर होना पड़ा। शुक्रवार को भी रोडवेज रीजन की बसों में करीब एक लाख यात्रियों ने सफर किया। हालांकि, अधिकतर बसों के लंबी रूट पर जाने और उत्तराखंड के शहरों के लिए बसों की कमी के कारण यात्रियों को परेशानी भी झेलनी पड़ी। उन्हें गाड़ियों के लिए ज्यादा इंतजार करना पड़ा।
धनतेरस से ही रोडवेज बसों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है। दीपावली से भैया दूज तक के लिए अलग-अलग गंतव्य तक जाने के लिए मुसाफिर अधिक संख्या में हरिद्वार और दिल्ली बस अड्डे पर पहुंचे। रोडवेज प्रबंधन की ओर से लखनऊ, सीतापुर, आगरा, दिल्ली, मेरठ, आनंद विहार सहित अन्य शहरों के लिए अधिक बसों को चलाया गया। परिवहन निगम की ओर से रीजन में 250 अतिरिक्त बसों का संचालन कराया गया है।
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प्रोत्साहन योजना के लाभ के लिए लंबी दूरी पर दौड़ा रहे बसें
- अधिकतर चालक और परिचालक प्रोत्साहन योजना के लिए बसों को लंबी दूरी के लिए दौड़ा रहे हैं। इससे 70 से 90 किलोमीटर की दूरी तक के शहरों में जाने के लिए यात्रियों के लिए बसें कम रही हैं। कुछ यात्री हरियाणा और उत्तराखंड निगम की बसों से भी गंतव्य के लिए रवाना हुए। हालांकि ऐसी बसों की संख्या कम रही।
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--- वर्जन --
- त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ी है। कोरोना काल के बाद अनलॉक पीरियड में यात्रियों की संख्या 20 से 30 प्रतिशत तक थी। लेकिन त्योहारों पर दबाव में सुधार हुआ है। कुछ ट्रेेेनों के नहंी चलने की जानकारी है। शायद इस कारण भी यात्री बढ़े हैं। -नीरज सक्सेना, क्षेत्रीय प्रबंधक