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मॉक ड्रिल: गैस रिसाव, दौड़ी टीमें और बचाए आठ लोग
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सहारनपुर। स्टार पेपर मिल में बुधवार को आपदा के समय बचाव एवं राहत कार्य को लेकर मॉक ड्रिल हुई। गाजियाबाद से आए एनडीआरएफ 8वीं वाहिनी के सदस्यों ने स्थानीय टीमों के साथ मिलकर रेस्क्यू करने और गैस रिसाव की चपेट में आए लोगों को सकुशल बाहर निकालने का रिहर्सल किया।
बुधवार को पूर्वाह्न करीब 11:35 बजे स्टार पेपर मिल में क्लोरीन गैस के रिसाव की सूचना कंट्रोल रूम को दी गई। सांकेतिक लिकेज को पेपर मिल की रेस्क्यू एंड कंट्रोल टीम ने एहतियातन गैस सिलिंडर को वाटर स्क्रीन बनाकर कंट्रोल करने का प्रयास किया। इसी दौरान फायर ब्रिगेड, पुलिस, परिवहन, नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी पहुंचीं। पेपर मिल के अंदर बनाए गए स्टेजिंग एरिया में सभी संसाधन तथा बचाव उपकरण व मशीनरी एकत्रित की गई।
अफसरों ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एनडीआरएफ से सम्पर्क किया। एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर गैस सिलिंडरों की सांकेतिक लीकेज का जायजा लिया और राहत कार्यों में जुट गई। टीम का नेतृत्व सहायक कमांडेंट पंकज मिश्रा कर रहे थे। टीम ने सबसे पहले गैस लीकेज पर काबू पाया और आठ व्यक्तियों को प्लांट परिसर में बनाए अस्थाई मेडिकल पोस्ट में प्राथमिक उपचार देकर एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया।
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अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) विनोद कुमार ने बताया कि मॉक ड्रिल कर देखा गया कि आपदा के वक्त टीमों को इकट्ठा करके किस तरह से बचाव एवं राहत कार्य किए जा सकते हैं। इस दौरान पुलिस अधीक्षक यातायात प्रेमचन्द, चीफ ऑफिसर फायर तेजवीर सिंह, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) आरपी मिश्रा, श्रम प्रवर्तन अधिकारी एनके चौधरी, एसीएमओ डॉक्टर गीताराम के अलावा आईआईए के चेयरमैन रविंद्र मिग्लानी आदि रहे।
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बुधवार को पूर्वाह्न करीब 11:35 बजे स्टार पेपर मिल में क्लोरीन गैस के रिसाव की सूचना कंट्रोल रूम को दी गई। सांकेतिक लिकेज को पेपर मिल की रेस्क्यू एंड कंट्रोल टीम ने एहतियातन गैस सिलिंडर को वाटर स्क्रीन बनाकर कंट्रोल करने का प्रयास किया। इसी दौरान फायर ब्रिगेड, पुलिस, परिवहन, नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी पहुंचीं। पेपर मिल के अंदर बनाए गए स्टेजिंग एरिया में सभी संसाधन तथा बचाव उपकरण व मशीनरी एकत्रित की गई।
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अफसरों ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एनडीआरएफ से सम्पर्क किया। एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर गैस सिलिंडरों की सांकेतिक लीकेज का जायजा लिया और राहत कार्यों में जुट गई। टीम का नेतृत्व सहायक कमांडेंट पंकज मिश्रा कर रहे थे। टीम ने सबसे पहले गैस लीकेज पर काबू पाया और आठ व्यक्तियों को प्लांट परिसर में बनाए अस्थाई मेडिकल पोस्ट में प्राथमिक उपचार देकर एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया।
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अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) विनोद कुमार ने बताया कि मॉक ड्रिल कर देखा गया कि आपदा के वक्त टीमों को इकट्ठा करके किस तरह से बचाव एवं राहत कार्य किए जा सकते हैं। इस दौरान पुलिस अधीक्षक यातायात प्रेमचन्द, चीफ ऑफिसर फायर तेजवीर सिंह, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) आरपी मिश्रा, श्रम प्रवर्तन अधिकारी एनके चौधरी, एसीएमओ डॉक्टर गीताराम के अलावा आईआईए के चेयरमैन रविंद्र मिग्लानी आदि रहे।