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पार्किंग से कमाई में घालमेल, अपर नगरायुक्त कर रहे जांच
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सहारनपुर। नगर निगम द्वारा जीपीओ रोड पर रेलवे स्टेशन के बाहर संचालित दुपहिया वाहनों की पार्किंग से हो रही कमाई में घालमेल की शिकायत के बाद अपर नगरायुक्त राजेश यादव ने जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि निगम के कर्मचारी बीते आठ माह से प्रत्येक वाहन से 20 रुपया वसूल रहे हैं, जबकि नगर निगम में मात्र दस रुपये जमा कराए जा रहे हैं।
जीपीओ रोड स्थित पार्किंग का ठेका करीब आठ माह पहले खत्म हो चुका है। तब से नगर निगम ने अपने कर्मचारी पार्किंग में छोड़े हुए हैं, जो संपत्ति अधिकारी और वसूली अधिकारी की देखरेख में कार्य कर रहे हैं। लोगों के पास पार्किंग में वसूले गए 20 रुपये की रसीदें हैं, लेकिन निगम अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारी दस रुपये प्रति वाहन के हिसाब से जमा करा रहे हैं। खास बात यह है कि वाहन स्वामियों को काटकर दी जा रही रसीद अलग है, जबकि निगम में जमा कराई जा रही रसीद इससेे अलग हैं। इतना ही नहीं, पार्किंग में खड़ी की जा रहे वाहनों पर भी कोई रसीद चस्पा नहीं की जा रही है। बताया गया कि कर्मचारी प्रतिदिन के 400 से 500 रुपये निगम में जमा करा रहे है, जबकि पार्किंग में प्रतिदिन 200 तक वाहन खड़े हो रहे हैं। अधिकारियों को शिकायत मिलने के बाद नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने जांच बिठा दी है। अपर नगरायुक्त राजेश यादव मामले की जांच कर रहे हैं।
बेशक संपत्ति अधिकारी मुझे बनाया गया है, लेकिन पार्किंग से होने वाली कमाई की वसूली की जिम्मेदारी एक अन्य अधिकारी पर है। ऐसे में पार्किंग से हो रही कमाई कितनी है और कितना जमा कराया जा रहा है। इसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता हूं।
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दिनेश यादव, संपत्ति अधिकारी, नगर निगम।
रेलवे स्टेेशन के बाहर जीपीओ रोड पर संचालित पार्किंग से होने वाली कमाई में गड़बड़ी की शिकायत नगरायुक्त से की गई है, जिसके बाद हमें जांच सौंपी गई है। जांच की जा रही है। जल्द ही जांच कर रिपोर्ट नगरायुक्त को सौंपी जाएगी।
राजेश यादव, अपर नगरायुक्त।
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जीपीओ रोड स्थित पार्किंग का ठेका करीब आठ माह पहले खत्म हो चुका है। तब से नगर निगम ने अपने कर्मचारी पार्किंग में छोड़े हुए हैं, जो संपत्ति अधिकारी और वसूली अधिकारी की देखरेख में कार्य कर रहे हैं। लोगों के पास पार्किंग में वसूले गए 20 रुपये की रसीदें हैं, लेकिन निगम अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारी दस रुपये प्रति वाहन के हिसाब से जमा करा रहे हैं। खास बात यह है कि वाहन स्वामियों को काटकर दी जा रही रसीद अलग है, जबकि निगम में जमा कराई जा रही रसीद इससेे अलग हैं। इतना ही नहीं, पार्किंग में खड़ी की जा रहे वाहनों पर भी कोई रसीद चस्पा नहीं की जा रही है। बताया गया कि कर्मचारी प्रतिदिन के 400 से 500 रुपये निगम में जमा करा रहे है, जबकि पार्किंग में प्रतिदिन 200 तक वाहन खड़े हो रहे हैं। अधिकारियों को शिकायत मिलने के बाद नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने जांच बिठा दी है। अपर नगरायुक्त राजेश यादव मामले की जांच कर रहे हैं।
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बेशक संपत्ति अधिकारी मुझे बनाया गया है, लेकिन पार्किंग से होने वाली कमाई की वसूली की जिम्मेदारी एक अन्य अधिकारी पर है। ऐसे में पार्किंग से हो रही कमाई कितनी है और कितना जमा कराया जा रहा है। इसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता हूं।
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दिनेश यादव, संपत्ति अधिकारी, नगर निगम।
रेलवे स्टेेशन के बाहर जीपीओ रोड पर संचालित पार्किंग से होने वाली कमाई में गड़बड़ी की शिकायत नगरायुक्त से की गई है, जिसके बाद हमें जांच सौंपी गई है। जांच की जा रही है। जल्द ही जांच कर रिपोर्ट नगरायुक्त को सौंपी जाएगी।
राजेश यादव, अपर नगरायुक्त।