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सैकड़ों वर्षों से बाबा फकीरादास की शिक्षाओं का पालन कर रहे मिरगपुरवासी
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सैकड़ों वर्षों से बाबा फकीरादास की शिक्षाओं का पालन कर रहे मिरगपुरवासी
देवबंद (सहारनपुर)। मिरगपुर गांव सैकड़ों वर्षों से गुरु बाबा फकीरादास द्वारा दी गई शिक्षाओं का पालन कर रहा है। बाबा ने ग्रामीणों को मांस, मदिरा, तंबाकू, प्याज व लहसुन जैसी कई तामसिक वस्तुओं का सेवन नहीं करने की शिक्षा दी थी।
मिरगपुर गांव में लोग पूर्णतया नशाबंदी का पालन करते हुए सिर्फ सात्विक भोजन करते हैं। ग्रामीणों की माने तो करीब 550 वर्ष पूर्व जहांगीर के शासन काल में समाज सुधारक बाबा फकीरादास गांव मिरगपुर पहुंचे थे। बाबा फकीरादास संगरूर (पंजाब) स्थित घराचों के राजा मस्तुराम के पुत्र थे। वह गुरुनानक देव जी के पुत्र श्रीचंद के शिष्य थे। बाबा फकीरादास ने मिरगपुर में कई दिन तक प्रवास कर ग्रामीणों को एक संकल्प दिलाया था कि यदि वे सब तरह के नशे से मुक्त रहते हैं और बिना प्याज व लहसुन के भोजन करते हैं तो इस गांव में हमेशा सुख, शांति, समृद्धि बनी रहेगी। इस गांव से पूरा देश प्रेरणा लेगा। इस गांव में 90 फीसदी आबादी हिंदू गुर्जरों की है जिनका मुख्य व्यवसाय खेती है। तभी से ग्रामीण बाबा की संकल्प को जीवन में ग्रहण किए हुए हैं और सिरका, शलजम, लाल मूली, प्याज, लहसुन, शराब, अंडा, मांस, बीड़ी, सिगरेट, भांग, धतूरा आदि से दूर हैं। गांव में ही बाबा की तपोस्थली बनी है।
बाबा ने दिखाया था चमत्कार
देवबंद। अंतरराष्ट्रीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी विरेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया मिरगपुर में प्रवास दौरान बाबा फकीरादास ने खीर खाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने एक ग्रामीण से बिन ब्यायी गाय के नीचे से दूध निकालने को कहा, ग्रामीण अचंभे में पड़ गए यह कैसे दूध देगी, लेकिन बाबा के चमत्कार से गाय ने दूध दे दिया। जिसकी बाद में खीर बनाकर उसका प्रसाद पूरे गांव में बांटा गया, लेकिन खीर तब भी खत्म नहीं हुई।
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हर वर्ष तपोस्थली पर लगता है भव्य मेला
देवबंद। उत्तर प्रदेश जनकल्याण मंच के प्रदेशाध्यक्ष चौधरी ओमपाल सिंह ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट, पूर्व मंत्री यशपाल सिंह और पूर्व उपमुख्यमंत्री चौधरी नारायण सिंह का भी मिरगपुर गांव से गहरा नाता रहा है। गांव में प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास की दशमी तिथि को बाबा फकीरादास की तपोस्थली पर भव्य मेला आयोजित किया जाता है। इस मेले को ग्रामीण उत्सव की तरह मनाते हैं। ग्रामीणों के सभी रिश्तेदार मिरगपुर पहुंचकर बाबा फकीरादास के मेले का आनंद उठाते हैं। इस दिन प्रत्येक घर में देशी घी का हलुआ व पेडे़ का प्रसाद वितरित किया जाता है।
बाबा की प्रतिज्ञा का उल्लंघन करने वाले को पहुंचता है आर्थिक नुकसान
देवबंद। ग्रामीण चौधरी भंवर सिंह बताते है कि बाबा फकीरादास द्वारा दी गई प्रतिज्ञा का कोई व्यक्ति उल्लंघन नहीं करता है। यदि पूर्व में किसी ने उल्लंघन किया तो उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
सख्त कार्रवाई करे प्रशासन
ग्राम प्रधान संतोष देवी के पुत्र अर्जुन चौधरी ने बताया कि मांस फेंक कर हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है। ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए। प्रशासन इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
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देवबंद (सहारनपुर)। मिरगपुर गांव सैकड़ों वर्षों से गुरु बाबा फकीरादास द्वारा दी गई शिक्षाओं का पालन कर रहा है। बाबा ने ग्रामीणों को मांस, मदिरा, तंबाकू, प्याज व लहसुन जैसी कई तामसिक वस्तुओं का सेवन नहीं करने की शिक्षा दी थी।
मिरगपुर गांव में लोग पूर्णतया नशाबंदी का पालन करते हुए सिर्फ सात्विक भोजन करते हैं। ग्रामीणों की माने तो करीब 550 वर्ष पूर्व जहांगीर के शासन काल में समाज सुधारक बाबा फकीरादास गांव मिरगपुर पहुंचे थे। बाबा फकीरादास संगरूर (पंजाब) स्थित घराचों के राजा मस्तुराम के पुत्र थे। वह गुरुनानक देव जी के पुत्र श्रीचंद के शिष्य थे। बाबा फकीरादास ने मिरगपुर में कई दिन तक प्रवास कर ग्रामीणों को एक संकल्प दिलाया था कि यदि वे सब तरह के नशे से मुक्त रहते हैं और बिना प्याज व लहसुन के भोजन करते हैं तो इस गांव में हमेशा सुख, शांति, समृद्धि बनी रहेगी। इस गांव से पूरा देश प्रेरणा लेगा। इस गांव में 90 फीसदी आबादी हिंदू गुर्जरों की है जिनका मुख्य व्यवसाय खेती है। तभी से ग्रामीण बाबा की संकल्प को जीवन में ग्रहण किए हुए हैं और सिरका, शलजम, लाल मूली, प्याज, लहसुन, शराब, अंडा, मांस, बीड़ी, सिगरेट, भांग, धतूरा आदि से दूर हैं। गांव में ही बाबा की तपोस्थली बनी है।
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बाबा ने दिखाया था चमत्कार
देवबंद। अंतरराष्ट्रीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी विरेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया मिरगपुर में प्रवास दौरान बाबा फकीरादास ने खीर खाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने एक ग्रामीण से बिन ब्यायी गाय के नीचे से दूध निकालने को कहा, ग्रामीण अचंभे में पड़ गए यह कैसे दूध देगी, लेकिन बाबा के चमत्कार से गाय ने दूध दे दिया। जिसकी बाद में खीर बनाकर उसका प्रसाद पूरे गांव में बांटा गया, लेकिन खीर तब भी खत्म नहीं हुई।
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हर वर्ष तपोस्थली पर लगता है भव्य मेला
देवबंद। उत्तर प्रदेश जनकल्याण मंच के प्रदेशाध्यक्ष चौधरी ओमपाल सिंह ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट, पूर्व मंत्री यशपाल सिंह और पूर्व उपमुख्यमंत्री चौधरी नारायण सिंह का भी मिरगपुर गांव से गहरा नाता रहा है। गांव में प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास की दशमी तिथि को बाबा फकीरादास की तपोस्थली पर भव्य मेला आयोजित किया जाता है। इस मेले को ग्रामीण उत्सव की तरह मनाते हैं। ग्रामीणों के सभी रिश्तेदार मिरगपुर पहुंचकर बाबा फकीरादास के मेले का आनंद उठाते हैं। इस दिन प्रत्येक घर में देशी घी का हलुआ व पेडे़ का प्रसाद वितरित किया जाता है।
बाबा की प्रतिज्ञा का उल्लंघन करने वाले को पहुंचता है आर्थिक नुकसान
देवबंद। ग्रामीण चौधरी भंवर सिंह बताते है कि बाबा फकीरादास द्वारा दी गई प्रतिज्ञा का कोई व्यक्ति उल्लंघन नहीं करता है। यदि पूर्व में किसी ने उल्लंघन किया तो उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
सख्त कार्रवाई करे प्रशासन
ग्राम प्रधान संतोष देवी के पुत्र अर्जुन चौधरी ने बताया कि मांस फेंक कर हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है। ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए। प्रशासन इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

मंदिर में गुरू बाबा फकीरादास की पूजा अर्चना करते श्रद्धालु- फोटो : DEVBAND

ग्रामीण चौधरी ओमपाल सिंह- फोटो : DEVBAND

मिरगपुर में गुरू बाबा फकीरादास की तपोस्थली पर स्थित भव्य मंदिर- फोटो : DEVBAND