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केंद्रीय मंत्री, संगठन मंत्री को घेरा, हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 02 Nov 2016 12:43 AM IST
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पार्टी की बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री के समक्ष हंगामा करते भाजपाई।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पांच नवंबर को भाजपा की होने जा रही परिवर्तन रैली की तैयारियों की समीक्षा बैठक के बाद टिकट बंटवारे पर गुस्साए कुछ भाजपाइयों ने संगठन मंत्री सुनील बंसल और केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री संजीव बालियान का घेराव कर जबरदस्त हंगामा किया।
इस दौरान नौबत खींचतान तक पहुंच गई थी। ऐसे में टिकट बंटवारे पर चल रहे घमासान के बीच भाजपाइयों की इस तरह हरकत पार्टी के लिए बड़ी समस्या बन सकती है। मौजूदा हालात में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली से पहले पार्टी में बड़े पैमाने पर विद्रोह के आसार दिखाई दे रहे हैं। इस आग की चिंगारी मंगलवार को भड़कती दिखाई दी।
दरअसल, भाजपा अपनी जमीन मजबूत करने के लिए पांच नवंबर को सहारनपुर से परिवर्तन रैली की शुरुआत कर रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह इस यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे। ऐसे में टिकट के दावेेदारों की निगाह भी इस रैली पर टिकी है। कारण, इस रैली के जरिए ही भाजपा अपना चुनावी अभियान शुरू कर रही है। ऐसे में भाजपा के लोग अपने टिकट के लिए गुटों में तब्दील हो चुके हैं।
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मंगलवार को भी भाजपा में पनप रहे विद्रोह की आग सामने आई। कुछ लोग जनकपुरी चौक स्थित सभागार में परिवर्तन रैली की समीक्षा बैठक में पहुंच गए। यहां बाहर जा रहे केन्द्रीय मंत्री संजीव बालियान और पार्टी के संगठन मंत्री सुनील बंसल का घेराव कर जबरदस्त हंगामा किया। उनकी मांग थी कि नकुड़ सीट पर स्थानीय प्रत्याशी को उतारा जाए। हालांकि इस दौरान कुछ लोगों ने संगठन मंत्री से खींचतान की कोशिश भी की। हालांकि भाजपाइयों के हस्तक्षेप के बाद माहौल शांत हुआ।
तीन मौजूदा विधायक भी मुसीबत में ः भाजपा के दावेदारों के सामने दूसरी पार्टियों से आए विधायक भी ब्रेकर बनेंगे। कारण, नकुड़, बेहट और गंगोह के मौजूदा विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया है। ऐसे में इनके टिकट को लेकर मजबूत दावेदारी मानी जा रही है। इसके अलावा दूसरी पार्टी से आए पूर्व विधायक और पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री भी अलग-अलग विधानसभाओं के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। देवबंद सीट पर थानाभवन विधायक सुरेश राणा के आने की चर्चा है। ऐसे में पार्टी के दावेदारों में विद्रोह होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों की मांग को लेकर कुछ लोगों वहां पहुंचे थे। उनकी मांग को पार्टी पदाधिकारियों ने सुना है और उस पर विचार का आश्वासन दिया है। किसी तरह का हंगामा नहीं हुआ है।
- विजेंद्र कश्यप, जिलाध्यक्ष भाजपा
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इस दौरान नौबत खींचतान तक पहुंच गई थी। ऐसे में टिकट बंटवारे पर चल रहे घमासान के बीच भाजपाइयों की इस तरह हरकत पार्टी के लिए बड़ी समस्या बन सकती है। मौजूदा हालात में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली से पहले पार्टी में बड़े पैमाने पर विद्रोह के आसार दिखाई दे रहे हैं। इस आग की चिंगारी मंगलवार को भड़कती दिखाई दी।
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दरअसल, भाजपा अपनी जमीन मजबूत करने के लिए पांच नवंबर को सहारनपुर से परिवर्तन रैली की शुरुआत कर रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह इस यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे। ऐसे में टिकट के दावेेदारों की निगाह भी इस रैली पर टिकी है। कारण, इस रैली के जरिए ही भाजपा अपना चुनावी अभियान शुरू कर रही है। ऐसे में भाजपा के लोग अपने टिकट के लिए गुटों में तब्दील हो चुके हैं।
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मंगलवार को भी भाजपा में पनप रहे विद्रोह की आग सामने आई। कुछ लोग जनकपुरी चौक स्थित सभागार में परिवर्तन रैली की समीक्षा बैठक में पहुंच गए। यहां बाहर जा रहे केन्द्रीय मंत्री संजीव बालियान और पार्टी के संगठन मंत्री सुनील बंसल का घेराव कर जबरदस्त हंगामा किया। उनकी मांग थी कि नकुड़ सीट पर स्थानीय प्रत्याशी को उतारा जाए। हालांकि इस दौरान कुछ लोगों ने संगठन मंत्री से खींचतान की कोशिश भी की। हालांकि भाजपाइयों के हस्तक्षेप के बाद माहौल शांत हुआ।
तीन मौजूदा विधायक भी मुसीबत में ः भाजपा के दावेदारों के सामने दूसरी पार्टियों से आए विधायक भी ब्रेकर बनेंगे। कारण, नकुड़, बेहट और गंगोह के मौजूदा विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया है। ऐसे में इनके टिकट को लेकर मजबूत दावेदारी मानी जा रही है। इसके अलावा दूसरी पार्टी से आए पूर्व विधायक और पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री भी अलग-अलग विधानसभाओं के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। देवबंद सीट पर थानाभवन विधायक सुरेश राणा के आने की चर्चा है। ऐसे में पार्टी के दावेदारों में विद्रोह होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों की मांग को लेकर कुछ लोगों वहां पहुंचे थे। उनकी मांग को पार्टी पदाधिकारियों ने सुना है और उस पर विचार का आश्वासन दिया है। किसी तरह का हंगामा नहीं हुआ है।
- विजेंद्र कश्यप, जिलाध्यक्ष भाजपा