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Saharanpur News: जेल में बंद ग्राम विकास अधिकारी के ठिकानों पर मेरठ विजिलेंस टीम का छापा
Wed, 25 Feb 2026 12:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 25 Feb 2026 12:44 AM IST
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साकेत कॉलोनी में ग्राम विकास अधिकारी के घर जांच करने पहुंची मेरठ विजिलेंस की टीम
सहारनपुर। रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित और जेल में बंद ग्राम विकास अधिकारी संजय कुमार वालिया के ठिकानों पर मेरठ विजिलेंस की टीम ने छापा मारा। आठ घंटे से अधिक रहकर टीम ने एक-एक दस्तावेज को बारीकी से खंगाला। इसके साथ ही संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात अपने साथ ले गई।
थाना गागलहेड़ी क्षेत्र में तैनात रहे ग्राम विकास अधिकारी संजय कुमार वालिया को चार माह पूर्व 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। वर्तमान में वह जेल में बंद हैं। अब उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच चल रही है। मंगलवार को मेरठ से आई विजिलेंस की टीम सुबह करीब सात बजे थाना सदर बाजार क्षेत्र के थाना सदर बाजार की साकेत कॉलोनी और गागलहेड़ी पहुंची। यहां उनके आवास और प्रॉपर्टी कार्यालय पर एक साथ दबिश दी। करीब आठ घंटे से अधिक तक चली कार्रवाई के दौरान टीम ने फाइलें, बैंक खातों का विवरण, जमीन-जायदाद और निवेश से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। कई अहम कागजात अपने कब्जे में लिए गए हैं। अब टीम दस्तावेजों के हिसाब से रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजेगी।
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-- ठेकेदार ने एंटी करप्शन में की थी शिकायत
बता दें कि परागपुर निवासी ठेकेदार अरविंद ने शिकायत की थी कि गांव में आंगनबाड़ी केंद्र और ढाला में फूडग्रेन शॉप का निर्माण कराने के बाद भी दो वर्ष से भुगतान लंबित था, जबकि अन्य ठेकेदारों का भुगतान हो चुका था। आरोप था कि बकाया भुगतान जारी करने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। शिकायत के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर अधिकारी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।
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-- बकाया भुगतान के एवज में 15 प्रतिशत के कमीशन का खेल
जांच में यह भी सामने आया था कि बकाया भुगतान के एवज में करीब 15 प्रतिशत तक कमीशन लेने का खेल चल रहा था। अब यह खंगाला जा रहा है कि कथित रूप से रिश्वत से अर्जित धन को कहां और किस माध्यम से निवेश किया गया। प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही।
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थाना गागलहेड़ी क्षेत्र में तैनात रहे ग्राम विकास अधिकारी संजय कुमार वालिया को चार माह पूर्व 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। वर्तमान में वह जेल में बंद हैं। अब उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच चल रही है। मंगलवार को मेरठ से आई विजिलेंस की टीम सुबह करीब सात बजे थाना सदर बाजार क्षेत्र के थाना सदर बाजार की साकेत कॉलोनी और गागलहेड़ी पहुंची। यहां उनके आवास और प्रॉपर्टी कार्यालय पर एक साथ दबिश दी। करीब आठ घंटे से अधिक तक चली कार्रवाई के दौरान टीम ने फाइलें, बैंक खातों का विवरण, जमीन-जायदाद और निवेश से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। कई अहम कागजात अपने कब्जे में लिए गए हैं। अब टीम दस्तावेजों के हिसाब से रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजेगी।
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बता दें कि परागपुर निवासी ठेकेदार अरविंद ने शिकायत की थी कि गांव में आंगनबाड़ी केंद्र और ढाला में फूडग्रेन शॉप का निर्माण कराने के बाद भी दो वर्ष से भुगतान लंबित था, जबकि अन्य ठेकेदारों का भुगतान हो चुका था। आरोप था कि बकाया भुगतान जारी करने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। शिकायत के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर अधिकारी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।
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जांच में यह भी सामने आया था कि बकाया भुगतान के एवज में करीब 15 प्रतिशत तक कमीशन लेने का खेल चल रहा था। अब यह खंगाला जा रहा है कि कथित रूप से रिश्वत से अर्जित धन को कहां और किस माध्यम से निवेश किया गया। प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही।