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मेडिकल छात्रों ने उठाई कॉलेज स्थानांतरण की मांग
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सहारनपुर। ग्लोकल मेडिकल कॉलेज के वर्ष 2016 के एमबीबीएस छात्रों ने फिर से कॉलेज स्थानांतरण की मांग शुरू कर दी। छात्र और छात्राओं ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा कॉलेज स्थानांतरण नहीं होने से एक ओर जहां उनका भविष्य चौपट हो रहा है। वहीं उनके उनके परिजन भी मानसिक तनाव में हैं।
छात्रों ने बताया वर्ष 2016 में नीट पास कर उनको ग्लोकल मेडिकल कॉलेज आवंटित किया। पहले वर्ष उनकी कक्षाएं चलीं और परीक्षा भी हुई। मगर दूसरे वर्ष व्यवस्था बिगड़ती चली गई। कुछ माह पहले छात्रों ने कॉलेज स्थानांतरण की मांग की। कई दिन तक धरना और प्रदर्शन किया। ऐसे में 24 छात्रों को अन्य कॉलेज में स्थानांतरित किया, मगर 50 छात्र अब भी ग्लोकल मेडिकल कॉलेज ही में हैं, जिनकी ना तो कक्षाएं चल रही हैं ना ही कोई प्रेक्टिकल हो रहे हैं। कॉलेज बदलने की मांग को उन्होंने कोर्ट में भी याचिका दायर की तो, पता चला कि कॉलेज ने छात्र छात्राओं का रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया था, इसका ब्योरा एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑ फ इंडिया) के पास भी नहीं था।
छात्रों ने बताया कि ज्यादातर छात्र एजूकेशन लोन लेकर एमबीबीएस कर रहे हैं। यदि निर्धारित समय में उनकी एमबीबीएस पूर्ण नहीं होने पर लोन चुकाना नामुमकिन रहेगा। इसी बात को सोचकर वह और उनके परिजन मानसिक तनाव में हैं। छात्रों ने उनके भविष्य और परिजनों की पीड़ा को देख कॉलेज स्थानांतरण की मांग शासन और प्रशासन से की है।
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छात्रों ने बताया वर्ष 2016 में नीट पास कर उनको ग्लोकल मेडिकल कॉलेज आवंटित किया। पहले वर्ष उनकी कक्षाएं चलीं और परीक्षा भी हुई। मगर दूसरे वर्ष व्यवस्था बिगड़ती चली गई। कुछ माह पहले छात्रों ने कॉलेज स्थानांतरण की मांग की। कई दिन तक धरना और प्रदर्शन किया। ऐसे में 24 छात्रों को अन्य कॉलेज में स्थानांतरित किया, मगर 50 छात्र अब भी ग्लोकल मेडिकल कॉलेज ही में हैं, जिनकी ना तो कक्षाएं चल रही हैं ना ही कोई प्रेक्टिकल हो रहे हैं। कॉलेज बदलने की मांग को उन्होंने कोर्ट में भी याचिका दायर की तो, पता चला कि कॉलेज ने छात्र छात्राओं का रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया था, इसका ब्योरा एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑ फ इंडिया) के पास भी नहीं था।
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छात्रों ने बताया कि ज्यादातर छात्र एजूकेशन लोन लेकर एमबीबीएस कर रहे हैं। यदि निर्धारित समय में उनकी एमबीबीएस पूर्ण नहीं होने पर लोन चुकाना नामुमकिन रहेगा। इसी बात को सोचकर वह और उनके परिजन मानसिक तनाव में हैं। छात्रों ने उनके भविष्य और परिजनों की पीड़ा को देख कॉलेज स्थानांतरण की मांग शासन और प्रशासन से की है।
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