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मायावती ने वोटरों को साधने का किया प्रयास

Sun, 06 Feb 2022 12:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Feb 2022 12:30 AM IST
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Mayawati tried to woo voters
टपरी में बसपा की चुनावी जनसभा में राष्ट्रीय अध्यक्ष बसपा सुप्रीमो बहन कुमारी मायावती को हाथी भे? - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। बसपा सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने चुनावी जनसभा में वोटरों को साधने का प्रयास किया। उन्होंने भाजपा की मौजूदा सरकार में एक ओर जहां किसान, नौजवान और यहां तक की उच्च वर्ग के परेशान होने की बात कही। वहीं कांग्रेस पर मुस्लिम और दलित वोटरों का इस्तेमाल करने और सपा की पूर्व की सरकार में दंगाइयों का बोलबाला होने का आरोप लगाया। 33 मिनट के भाषण में मायावती तीनों विपक्षी दलों पर जमकर बरसीं।
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मायावती ने कहा, कांग्रेस जब सत्ता में होती है तो उसे मुसलमान और दलित याद नहीं आते, लेकिन सत्ता से बाहर होने के बाद उसे दलित और मुस्लिमों की चिंता हो रही है। कांग्रेस पर जातिवादी पार्टी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर को भारत रत्न नहीं दिया था। कांशीराम के निधन पर भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया गया था। इससे कांग्रेस की दलित विरोधी मानसिकता का पता चलता है। समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में गुंडे और अराजक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। प्रदेश में कहीं ना कहीं हर दिन तनाव रहता है। उन्होंने मुजफ्फरनगर के दंगे का उदाहरण रखा। आरोप लगाया कि सपा सरकार में हुए इस दंगे ने मुस्लिमों और जाटों के बीच में खाई पैदा की। विकास भी एक वर्ग विशेष तक सीमित रहा। अखिलेश यादव समझते हैं कि मुस्लिम उनकी जेब में हैं। इसीलिए उन्होंने इस बार मुस्लिमों को कम टिकट दिए हैं। ऐसे में सहारनपुर के मुस्लिमों अब अखिलेश को बता देना कि वह समाजवादी पार्टी या अखिलेश की जेब में नहीं हैं। बसपा ने इस बार के चुनाव में मुसलमानों को पूरा मौका दिया है।
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उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा की मानसिकता संकीर्ण और जातिवादी है। भाजपा की नीतियां आरएसएस तय करता है। यही वजह है कि भाजपा की सरकार आने के बाद दलितों, मुस्लिमों, महिलाओं, किसानों का उत्पीड़न होता है। भाजपा की गलत नीतियों की वजह से महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है। अपराध किसी भी स्तर पर कम नहीं हुआ है।
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शब्बीरपुर जातीय हिंसा की याद दिलाई
मायावती ने कहा कि भाजपा की सरकार बनते ही सहारनपुर में जातीय दंगा हुआ था। शब्बीरपुर में ठाकुर और दलितों के बीच दंगा कराकर उनको बांटने का काम भाजपा सरकार ने किया और उनका भाईचारा खत्म कर दिया। उन्होंने दलित वोटरों को याद दिलाया कि शब्बीरपुर में पीड़ितों का दर्द जानने के लिए वह पहुंची थीं। जब मामला राज्य सभा में उठाया गया तो वहां भाजपाइयों ने उन्हें बोलने नहीं दिया। इसके बाद उन्हें राज्य सभा से इस्तीफा देना पड़ा था। उन्होंने कहा कि सहारनपुर में कुछ बसपा नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में चले गए हैं क्या वह शब्बीरपुर कांड को भूल गए हैं।
इमरान का नाम लिए बिना मुस्लिमों की स्थिति बताई
मायावती ने कहा कि समाजवादी पार्टी मुस्लिमों का इस्तेमाल करती है। सहारनपुर के एक नेता जो अपने आपको बड़ा नेता समझते हैं। वह कांग्रेस छोड़कर सपा में गए थे, लेकिन अखिलेश ने उन्हें खाली लौटा दिया। ऐसे में समझा जा सकता है कि समाजवादी पार्टी में मुस्लिमों की क्या स्थिति है।

इन्होंने भी रखी अपनी बात
बसपा की जन सभा में मायावती के पहुंचने से पहले सांसद हाजी फजलुर्रहमान, बिजनौर सांसद मलूक नागर, पश्चिमी उप्र प्रभारी शमसुद्दीन राईन के अलावा प्रत्याशियों नोमान मसूद, रविंद्र कुमार मोल्हू, रईस मलिक, राजेंद्र सिंह, सलमान सईद, सालिम आदि ने भी संबोधित किया। मंच पर नरेश गौतम, जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद, एमएलसी महमूद अली आदि मौजूद रहे।
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