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फूड फोरेस्ट विकसित होने से बढ़ेगा आम का रकबा

Sat, 14 May 2022 11:21 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 14 May 2022 11:21 PM IST
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Mango area will increase due to the development of food forest
सहारनपुर। जनपद को बेहतरीन आम, अमरूद और लीची के उत्पादन के लिए जाना जाता है। सरकार ने जनपद के बेहट क्षेत्र को आम की फल पट्टी घोषित कर रखा है। अब सरकार ने 15 जनपदों में फूड फॉरेस्ट विकसित करने का निर्णय लिया है। इसमें जनपद को भी शामिल किया गया है। फूड फॉरेस्ट विकसित होने से जनपद में न सिर्फ आम का उत्पादन बढे़गा बल्कि प्रसंस्करण इकाइयों को भी कच्चा माल उपलब्ध हो सकेगा, साथ ही निर्यात योग्य आम भी आसानी से मिल सकेगा।
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प्रदेश सरकार फूड फॉरेस्ट विकसित कर हरियाली बढ़ाकर पर्यावरण संरक्षण की पहल कर रही है। इसके लिए प्रदेश में 15 जिलों की फल पट्टियों को शामिल किया गया है। इसमें जनपद की आम फल पट्टी भी शामिल है। योजना धरातल पर उतरी तो न सिर्फ जनपद में गुणवत्तायुक्त आम का उत्पादन बढे़गा बल्कि आम के निर्यात और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को कच्चा माल आसानी से उपलब्ध होगा। सरकार ने जनपद में बेहट फल पट्टी घोषित कर रखी है। फल पट्टी में बेहट, साढ़ौली, हथौली, चेंची, नादराना, चक फाजिलपुर, शाहबुद्दीनपुर, मरवा, मीरपुर गंदेवड़, फतेहउल्लापुर, मुतर्जापुर, हौजपुर, मलकपुर आदि शामिल हैं। जनपद की फल पट्टी में आम का फूड फॉरेस्ट विकसित करने से वहां उच्च गुणवत्तायुक्त आम का उत्पादन के साथ ही क्षेत्रफल में भी बढ़ोतरी होगी।
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फल पट्टी में मिलती हैं विशेष सुविधाएं
उद्यान विभाग फल पट्टी में विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराता है। इसमें आम के बागवानों को उद्यान विभाग प्रतिवर्ष प्रशिक्षण दिलाता है। इसके अलावा फल पट्टी के बागवानों को पॉवर टैंकर, मैंगो पैक हाउस, पुराने बागों के जीर्णोद्धार आदि योजनाएं चलाई जा रही हैं।
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खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मिलेगा कच्चा माल
जनपद में आम का अचार, जैम, जेली बनाने वाली करीब दो दर्जन इकाइयों हैं। शासन द्वारा प्रस्तावित आम का फूड फॉरेस्ट विकसित करने से इन इकाइयों को पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा निर्यात के लिए भी उच्च गुणवत्ता का आम भी आसानी से मिल सकेगा।

फूड फॉरेस्ट विकसित करने की योजना से निश्चित तौर पर जनपद में आम का क्षेत्रफल बढे़गा। इससे खाद्य प्रसंस्करण करने वाली इकाइयों को भी कच्चा माल उपलब्ध होने में आसानी रहेगी। हालांकि अभी तक इस योजना को लेकर शासन से कोई दिशा निर्देश नहीं आए हैं। इनके जल्द आने की उम्मीद है। शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही कार्रवाई शुरू की जाएगी।
-- अरुण कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।
जिले में बागों का रकबा ( हेक्टेयर में)
फल क्षेत्रफल
आम 25000
अमरूद 2700
लीची 2550
आडू़ 200
नोट: उद्यान विभाग के आंकड़ों के अनुसार।
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