सहारनपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी सुमिता ने सोमवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता के बारे में जागरूक किया। जिन बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता की जरूरत है, वह उन्हें निशुल्क उपलब्ध कराई जाए। उनका आवेदन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में भेजते रहें। जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि संदिग्ध मिलने पर बंदियों की करोना जांच कराते रहें।
प्राधिकरण की सचिव ने बैरक में जाकर बंदियों की समस्याएं सुनीं। बंदियों को प्रत्येक माह दो बार आयोजित होने वाली जेल लोक अदालत के बारे में बताया। कुछ बंदियों ने बताया कि उन्हें सरकारी वकील की जरूरत है। इसके लिए आवेदन भिजवाने को कहा गया। कुछ बंदियों ने सही चिकित्सा न मिलने की बात भी कही। इस पर सचिव ने जेल चिकित्सालय में नियुक्त डाक्टर को निर्देश दिए कि चिकित्सा सेवा में कोई ढिलाई न बरती जाए। जेल के टीबी वार्ड में एक बंदी ने भी बेहतर चिकित्सा की मांग की। सचिव ने निर्देश दिए कि जिन बंदियों की जमानत हो चुकी है एवं जमानतदार उपलब्ध नही हैं, उसकी सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भिजवाएं। वर्तमान में जिला कारागार में 1558 बंदी हैं। सचिव ने रसोईघर का भी निरीक्षण किया। यहां स्थिति संतोषजनक मिली। कोरोना को दृष्टिगत रखते हुए बंदियों को मास्क उपलब्ध कराने का कहा गया। निरीक्षण के समय अधीक्षक कारागार (जेलर) राजेश पांडेय, डिप्टी जेलर केके दीक्षित, हिमांशु रोतेला, डॉ. प्रवीन पुंडीर, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।