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Saharanpur News: रास्तम गांव में लिंक नहर की पटरी टूटी, सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद

Sat, 21 Jan 2023 11:27 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sat, 21 Jan 2023 11:27 PM IST
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Link canal track broken in Rastam village, hundreds of bighas of crop destroyed
रास्तम गांव में लिंक नहर की टूटी पटरी से खेतों की तरफ जाता पानी
देवबंद(सहारनपुर)। रास्तम गांव में शुक्रवार की रात रुड़की लिंक नहर की पटरी टूटने से सैकड़ों बीघा जमीन में खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं। इतना ही नहीं एक डेरे में बैठी करीब 50 भेड़ भी पानी में बह गईं। किसानों की सूचना पर शनिवार की सुबह सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंंचकर नहर का पानी बंद कराते हुए टूटे तटबंध को दुरुस्त कराने का काम शुरू करा दिया। रास्तम गांव के किसान संजीव कुमार, अनिल कुमार, सुनील कुमार, प्रेम, प्रमोद, कुंता, बालकिशन, संजय और विवेक आदि ने बताया कि पिछले करीब एक पखवाड़े से बंद चल रही लिंक नहर में बृहस्पतिवार की सुबह ही पानी छोड़ा गया था। नहर के दोनों तरफ पटरी बनाने का काम चल रहा है। जो पिछले कुछ दिन से बंद पड़ा है। शुक्रवार की रात्रि करीब तीन बजे नहर की पटरी अचानक टूट गई। जिससे आसपास के खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों व गन्ना आदि फसलों में पानी भर गया। किसानों का आरोप है कि रात्रि तीन बजे से ही वह सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फोन कर रहे हैं, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। पानी का बहाव इतना तेज था कि सुनील के खेत में भेड़ वाले ने अपना डेरा जमा रखा था। जिसमें मौजूद 50 भेड़ें पानी में बह गईं। भेड़ मालिक अनिल धारियो भी मौके पर नहीं मिला है। सुबह करीब 9.30 बजे सिंचाई विभाग के बेलदार अनिल कुमार व पतरोल बॉबी कुमार मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। सुबह करीब 11 बजे नहर का पानी बंद कराया गया, साथ ही नहर में आ रहे पानी को काली नदी में छोड़कर टूटी पटरी को ठीक कराने का काम शुरू किया गया। वहीं, किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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उधर, एसडीएम संजीव कुमार ने बताया कि नहरी विभाग के जेई समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। नहर का पानी बंद कराकर टूटी पटरी की मरम्मत का कार्य आरंभ करा दिया है। उन्होंने बताया कि लेखपाल को भेजकर नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही सही पता चलेगा कि किस किसान का कितना नुकसान हुआ है। उसके बाद ही मुआवजा दिलाने का कार्रवाई आरंभ की जाएगी।
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रास्तम गांव में नहर के क्षतिग्रस्त होने से पानी खेतों में भरने से सुनील की गेहूं और गन्ने की 18 बीघा, बालेंद्र की 10 बीघा, सुखविंद्र की छह बीघा, बाला, बीरम व महक सिंह की तीन-तीन बीघा, प्रमोद, प्रवीन और प्रेम की छह-छह बीघा समेत अन्य किसानों की सैकड़ो बीघा फसले बर्बाद हो गई। किसानों का आरोप है कि बीते 15 दिनों से खेतों में सिचाईं के लिए पानी उपलब्ध नहीं था। जबकि उस समय पानी की जरूरत थी। अब खड़ी फसलों में ज्यादा पानी भर जाने से उनका भारी नुकसान हुआ है। जबकि अधिकारियों का कहना है कि सेह या फिर चूहों आदि द्वारा मिट्टी का कटाव किए जाने से पटरी क्षतिग्रस्त हुई होगी।

रास्तम गांव में लिंक नहर की टूटी पटरी से खेतों की तरफ जाता पानी

रास्तम गांव में लिंक नहर की टूटी पटरी से खेतों की तरफ जाता पानी

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