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Saharanpur News: यहां 48 घंटे तो छोड़िए, एक महीने में भी नहीं बदलते ट्रांसफार्मर
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-एक महीने का बकाया होने पर उपभोक्ता का काट दिया जाता है कनेक्शन
-गांवों का बुरा हाल, फुंके ट्रांसफार्मर को बदलवाने के लिए चक्कर काटने को मजबूर लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। एक ओर जहां जिले में विद्युत आपूर्ति बेपटरी है, वहीं दूसरी ओर 48 घंटे में फुंके ट्रांसफार्मरों को बदलने के दावे की हवा निकल गई है। सारी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी उपभोक्ता वर्कशॉप के चक्कर लगा रहे हैं। विभागीय अव्यवस्था के कारण भीषण गर्मी में लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं।
शहर में ट्रांसफार्मर बदलने का शेड्यूल 12 घंटे और देहात में 48 घंटे का है। शहर में तो 12 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर बदल दिया जाता है, लेकिन गांवों का बुरा हाल है। हालत यह है कि शिकायत का संज्ञान लेने में ही दो से तीन दिन लग जाते हैं। ग्रामीणों की भागदौड़ के बाद जैसे-तैसे ट्रांसफार्मर बदला जाता है। 20 से 25 दिन तक ट्रांसफार्मर न बदलना आम बात है।
इसके कई उदाहरण सामने हैं। नीरज चौधरी का कहना है कि रामपुर मनिहारान के गांव घसौती में तीन दिनों से ट्रांसफार्मर फुंका है, लेकिन अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है। वहीं, बड़गांव क्षेत्र के गांव अब्दयालपुर में पिछले दो महीने से ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं। दीपक का कहना है कि कई बार विद्युत निगम के अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है। लोग भीषण गर्मी से बिजली संकट से जूझ रहे हैं।
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-- वर्जन
देहात में शेड्यूल के अनुसार ही ट्रांसफार्मर बदल दिए जाते हैं, लेकिन कई बार वर्कशॉप से समय लगता है, जिसके चलते तय समय में ट्रांसफार्मर नहीं बदला जाता है।
- ज्ञानेंद्र कुमार, अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण), विद्युत निगम
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-गांवों का बुरा हाल, फुंके ट्रांसफार्मर को बदलवाने के लिए चक्कर काटने को मजबूर लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। एक ओर जहां जिले में विद्युत आपूर्ति बेपटरी है, वहीं दूसरी ओर 48 घंटे में फुंके ट्रांसफार्मरों को बदलने के दावे की हवा निकल गई है। सारी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी उपभोक्ता वर्कशॉप के चक्कर लगा रहे हैं। विभागीय अव्यवस्था के कारण भीषण गर्मी में लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं।
शहर में ट्रांसफार्मर बदलने का शेड्यूल 12 घंटे और देहात में 48 घंटे का है। शहर में तो 12 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर बदल दिया जाता है, लेकिन गांवों का बुरा हाल है। हालत यह है कि शिकायत का संज्ञान लेने में ही दो से तीन दिन लग जाते हैं। ग्रामीणों की भागदौड़ के बाद जैसे-तैसे ट्रांसफार्मर बदला जाता है। 20 से 25 दिन तक ट्रांसफार्मर न बदलना आम बात है।
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इसके कई उदाहरण सामने हैं। नीरज चौधरी का कहना है कि रामपुर मनिहारान के गांव घसौती में तीन दिनों से ट्रांसफार्मर फुंका है, लेकिन अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है। वहीं, बड़गांव क्षेत्र के गांव अब्दयालपुर में पिछले दो महीने से ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं। दीपक का कहना है कि कई बार विद्युत निगम के अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है। लोग भीषण गर्मी से बिजली संकट से जूझ रहे हैं।
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देहात में शेड्यूल के अनुसार ही ट्रांसफार्मर बदल दिए जाते हैं, लेकिन कई बार वर्कशॉप से समय लगता है, जिसके चलते तय समय में ट्रांसफार्मर नहीं बदला जाता है।
- ज्ञानेंद्र कुमार, अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण), विद्युत निगम