{"_id":"5fad75478ebc3e5fad3aaccc","slug":"land-theft-of-laxmi-talkies-stamp-theft-fine-imposed-saharanpur-news-mrt5107905179","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस पर हमला, पथराव व फायरिंग के आरोप में भीम आर्मी और आसपा नेताओं सहित 16 के खिलाफ रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस पर हमला, पथराव व फायरिंग के आरोप में भीम आर्मी और आसपा नेताओं सहित 16 के खिलाफ रिपोर्ट
Thu, 12 Nov 2020 11:43 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Nov 2020 11:43 PM IST
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में नागल-टपरी मार्ग पर हादसे में दो युवकों की मौत के बाद हुए हंगामे प्रदर्शन में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के नेताओं सहित 16 नामजद और 50 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
आरोप है कि पुलिस पर हमला किया, पथराव कर सरकारी जीप में तोड़फोड़ और फायरिंग भी की गई। आरोपियों के खिलाफ बलवा, जानलेवा हमला, 7 क्रिमिनल एक्ट और महामारी अधिनियम के संगीन आरोप लगे हैं।
गत मंगलवार को दोपहर अज्ञात वाहन की टक्कर से गांव सुभरी मेहराब निवासी अनुज और वासु की भाटखेड़ी गांव के पास मौत हो गई थी। गुस्साए ग्रामीणों एवं महिलाओं ने नागल टपरी मार्ग पर जाम लगा दिया था।
विज्ञापन
पुलिस प्रशासनिक अधिकारी और पूर्व सांसद राघव लखन पाल शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र सैनी, पूर्व जिलाध्यक्ष विजेंद्र कश्यप, बलिया खेड़ी ब्लाक प्रमुख इमरान मलिक ने लोगों को समझाने का प्रयास किया था। आरोप है कि जब अधिकारी और नेता समझौते के लिए वार्ता कर रहे थे तो आजाद समाज पार्टी (आसपा) और भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर भीड़ को उकसाकर हमला करा दिया था।
इससे अफरातफरी का माहौल हो गया था। इस मामले में नागल थाना प्रभारी केपी सिंह की तरफ से दर्ज कराई रिपोर्ट में भीम आर्मी के मंडल प्रभारी प्रवीण गौतम, आसपा के जिलाध्यक्ष अनिल ओजस्वी, जिला महासचिव अमान खान, कोषाध्यक्ष काशी मौर्य, भीम आर्मी जिला प्रभारी विनय गौतम के अलावा अजय कश्यप, नीतीश कश्यप, अमन कश्यप, पुनीत, बुल्लाशाह, प्रेमदास, महेश बर्मन, विक्की, संजय, अजय एडवोकेट और दीपक बौद्ध को नामजद किया गया है। इसके अलावा करीब 50 आरोपी अज्ञात हैं।
उपनिरीक्षक सहित तीन पुलिसकर्मी घायल
घटना की रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपियों द्वारा डंडों से हमला करने और पथराव करने से उपनिरीक्षक प्रेमपाल धामा, कांस्टेबल रोहित सैन, कांस्टेबल अनिरुद्ध खोखर और कांस्टेबल सन्नी कुमार को चोटें आईं। आरोप है कि पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायर भी किए गए, जिसमें पुलिसकर्मी किसी तरह बचे। वहीं, प्रदर्शन के दौरान भीड़ इकट्ठा की गई और कोविड-19 गाइड लाइन का भी पालन नहीं किया, जिससे रिपोर्ट में महामारी अधिनियम भी लगाया गया है।
विज्ञापन
आरोप है कि पुलिस पर हमला किया, पथराव कर सरकारी जीप में तोड़फोड़ और फायरिंग भी की गई। आरोपियों के खिलाफ बलवा, जानलेवा हमला, 7 क्रिमिनल एक्ट और महामारी अधिनियम के संगीन आरोप लगे हैं।
विज्ञापन
गत मंगलवार को दोपहर अज्ञात वाहन की टक्कर से गांव सुभरी मेहराब निवासी अनुज और वासु की भाटखेड़ी गांव के पास मौत हो गई थी। गुस्साए ग्रामीणों एवं महिलाओं ने नागल टपरी मार्ग पर जाम लगा दिया था।
विज्ञापन
पुलिस प्रशासनिक अधिकारी और पूर्व सांसद राघव लखन पाल शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र सैनी, पूर्व जिलाध्यक्ष विजेंद्र कश्यप, बलिया खेड़ी ब्लाक प्रमुख इमरान मलिक ने लोगों को समझाने का प्रयास किया था। आरोप है कि जब अधिकारी और नेता समझौते के लिए वार्ता कर रहे थे तो आजाद समाज पार्टी (आसपा) और भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर भीड़ को उकसाकर हमला करा दिया था।
इससे अफरातफरी का माहौल हो गया था। इस मामले में नागल थाना प्रभारी केपी सिंह की तरफ से दर्ज कराई रिपोर्ट में भीम आर्मी के मंडल प्रभारी प्रवीण गौतम, आसपा के जिलाध्यक्ष अनिल ओजस्वी, जिला महासचिव अमान खान, कोषाध्यक्ष काशी मौर्य, भीम आर्मी जिला प्रभारी विनय गौतम के अलावा अजय कश्यप, नीतीश कश्यप, अमन कश्यप, पुनीत, बुल्लाशाह, प्रेमदास, महेश बर्मन, विक्की, संजय, अजय एडवोकेट और दीपक बौद्ध को नामजद किया गया है। इसके अलावा करीब 50 आरोपी अज्ञात हैं।
उपनिरीक्षक सहित तीन पुलिसकर्मी घायल
घटना की रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपियों द्वारा डंडों से हमला करने और पथराव करने से उपनिरीक्षक प्रेमपाल धामा, कांस्टेबल रोहित सैन, कांस्टेबल अनिरुद्ध खोखर और कांस्टेबल सन्नी कुमार को चोटें आईं। आरोप है कि पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायर भी किए गए, जिसमें पुलिसकर्मी किसी तरह बचे। वहीं, प्रदर्शन के दौरान भीड़ इकट्ठा की गई और कोविड-19 गाइड लाइन का भी पालन नहीं किया, जिससे रिपोर्ट में महामारी अधिनियम भी लगाया गया है।