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Saharanpur News: फर्जी रजिस्ट्री कराकर करोड़ों की जमीन बेचने वाले केपी सिंह की जेल में मौत
Fri, 20 Oct 2023 12:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 20 Oct 2023 12:24 AM IST
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सहारनपुर। फर्जी रजिस्ट्री कराकर करोड़ों रुपये की जमीन बेचने के आरोपी केपी सिंह को जिला जेल में तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वह दो माह पहले ही पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल गया था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
नकुड़ के मोहल्ला सुजादपुरा निवासी केपी सिंह (39) पर फर्जीवाड़ा करते हुए करोड़ों की जमीन बेचने का आरोप था। केपी सिंह के खिलाफ कोतवाली सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। देहरादून में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज थे। उत्तराखंड पुलिस केपी सिंह की तलाश में दबिश दे रही थी। इसपर केपी सिंह पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया था।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमीता दुबे ने बताया कि केपी सिंह दो माह से जिला कारागार में बंद था। बृहस्पतिवार की सुबह केपी सिंह को सीने में दर्द होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। देहरादून में केपी सिंह के परिजनों को सूचना दी गई।
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कई सवाल छोड़ गई रजिस्ट्री फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड की मौत
देहरादून। रजिस्ट्री फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड कुंवर पाल सिंह उर्फ केपी सिंह की जेल में मौत की वजह जेल प्रशासन की ओर से हार्ट अटैक बताई है। उसकी मौत से कई सवाल भी उठने लगे हैं। केपी सिंह का देहरादून के वकील कमल विरमानी से गठजोड़ था और दून में बड़ी-बड़ी जमीनों के फर्जीवाड़े में शामिल था।
रजिस्ट्री फर्जीवाड़े से जुड़े तीन लोगों की बीते चार सालों में संदिग्ध परिस्थितियों में अलग-अलग हादसों में मौत हो चुकी है। इनमें दो की शराब पीने और एक की सड़क हादसे में मौत हुई। पुलिस ने जब इन मौतों का कारण जानने के लिए जांच की तो पता चला कि तीनों में से किसी का भी पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था। इसलिए तीनों बाइंडरों की मौत को किसी साजिश का हिस्सा मानते हुए पुलिस की जांच चल रही है। अब जेल में बंद केपी सिंह की मौत से फिर कई सवाल उठने लगे हैं। हर कोई अपने अपने कयास लगा रहा है।
मौत सामान्य या किसी की साजिश का हिस्सा
केपी सिंह की मौत सामान्य है या किसी की साजिश का हिस्सा, इस सवाल का जवाब पुलिस के लिए ढूंढना किसी चुनौती से कम नहीं है। रजिस्ट्री फर्जीवाड़े मामले में अब तक 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें केपी सिंह भी एक था। पिछले दिनों जब केपी सिंह की देहरादून पुलिस ने तलाश शुरू की तो वह नाटकीय ढंग से पुराने मामले में सहारनपुर में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया था। केपी के खिलाफ सहारनपुर में भी मुकदमा दर्ज था जबकि वह देहरादून के दो मुकदमों में नामजद था।
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नकुड़ के मोहल्ला सुजादपुरा निवासी केपी सिंह (39) पर फर्जीवाड़ा करते हुए करोड़ों की जमीन बेचने का आरोप था। केपी सिंह के खिलाफ कोतवाली सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। देहरादून में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज थे। उत्तराखंड पुलिस केपी सिंह की तलाश में दबिश दे रही थी। इसपर केपी सिंह पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया था।
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वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमीता दुबे ने बताया कि केपी सिंह दो माह से जिला कारागार में बंद था। बृहस्पतिवार की सुबह केपी सिंह को सीने में दर्द होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। देहरादून में केपी सिंह के परिजनों को सूचना दी गई।
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कई सवाल छोड़ गई रजिस्ट्री फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड की मौत
देहरादून। रजिस्ट्री फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड कुंवर पाल सिंह उर्फ केपी सिंह की जेल में मौत की वजह जेल प्रशासन की ओर से हार्ट अटैक बताई है। उसकी मौत से कई सवाल भी उठने लगे हैं। केपी सिंह का देहरादून के वकील कमल विरमानी से गठजोड़ था और दून में बड़ी-बड़ी जमीनों के फर्जीवाड़े में शामिल था।
रजिस्ट्री फर्जीवाड़े से जुड़े तीन लोगों की बीते चार सालों में संदिग्ध परिस्थितियों में अलग-अलग हादसों में मौत हो चुकी है। इनमें दो की शराब पीने और एक की सड़क हादसे में मौत हुई। पुलिस ने जब इन मौतों का कारण जानने के लिए जांच की तो पता चला कि तीनों में से किसी का भी पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था। इसलिए तीनों बाइंडरों की मौत को किसी साजिश का हिस्सा मानते हुए पुलिस की जांच चल रही है। अब जेल में बंद केपी सिंह की मौत से फिर कई सवाल उठने लगे हैं। हर कोई अपने अपने कयास लगा रहा है।
मौत सामान्य या किसी की साजिश का हिस्सा
केपी सिंह की मौत सामान्य है या किसी की साजिश का हिस्सा, इस सवाल का जवाब पुलिस के लिए ढूंढना किसी चुनौती से कम नहीं है। रजिस्ट्री फर्जीवाड़े मामले में अब तक 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें केपी सिंह भी एक था। पिछले दिनों जब केपी सिंह की देहरादून पुलिस ने तलाश शुरू की तो वह नाटकीय ढंग से पुराने मामले में सहारनपुर में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया था। केपी के खिलाफ सहारनपुर में भी मुकदमा दर्ज था जबकि वह देहरादून के दो मुकदमों में नामजद था।