तैयारियां जोरों पर: किसान महापंचायत के लिए तीन सितंबर से मुजफ्फरनगर में चलेगा भाकियू का भंडारा
मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में होने वाली किसान महापंचायत में आने वाले किसानों के लिए सुबह चाय नाश्ते से लेकर दोपहर और रात के खाने की व्यवस्था की जा रही है। भाकियू के कार्यकर्ता तीन सितंबर से भंडारा शुरू कर देंगे।
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तीन कृषि कानूनों के विरोध में पिछले नौ महीने से चल रहे किसान आंदोलन का पारा सितंबर में खूब चढ़ेगा। पांच सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा की मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत होगी। मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में होने वाली किसान महापंचायत को लेकर भाकियू की सहारनपुर जिला इकाई ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
भाकियू की जिला इकाई की ओर से मुजफ्फरनगर के महावीर चौक के निकट तीन सितंबर से भंडारा शुरू कर दिया जाएगा, जो तीन दिनों तक चलेगा। वहीं, पनियाली स्थित गुरुद्वारा प्रबंध समिति की तरफ से भी महापंचायत के दौरान लंगर लगाने की तैयारी है।
संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आहूत किसान महापंचायत को लेकर भारतीय किसान यूनियन की जिला इकाई ने कमर कस ली है। उन्होंने महापंचायत में आने वाले किसानों के लिए तीन दिन तक लगातार भंडारा चलाने की व्यवस्था की है।
महापंचायत में आने वाले किसानों के लिए सुबह चाय नाश्ते से लेकर दोपहर और रात के खाने की व्यवस्था की जा रही है। जिले से भाकियू के कार्यकर्ता तीन सितंबर से भंडारा शुरू कर देंगे। इसमें किसानों के लिए चाय नाश्ता, दाल चावल, कढ़ी, कचौरी, छोले, आलू की सब्जी से लेकर मठ्ठा और रायता भी रहेगा। जिला संगठन ने तीन दिनों में 25 हजार किसानों के लिए भोजन की व्यवस्था की है। इसके अलावा किसान अपने घरों से खीर, उबले हुए चने आदि भी लेकर जाएंगे।
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार ने बताया कि भंडारे के लिए सभी इंतजाम कर लिए गए हैं। एक सितंबर को भाकियू कार्यकर्ता प्रस्तावित भंडारा स्थल पर पहुंचेंगे। दो सितंबर को भंडारा की पूरी व्यवस्था महावीर चौक के निकट कर दी जाएगी। जिससे तीन सितंबर की सुबह से भंडारा शुरू हो सके।
ट्रैक्टर से पहुंचेंगे मुजफ्फरनगर
महापंचायत को लेेकर किसानों में उत्साह है। पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान के किसान जहां बसों के जरिए पहुंचेंगे, वहीं पश्चिमी यूपी के किसान अपने ट्रैक्टरों पर सवार होकर महापंचायत में जाएंगे। भाकियू तैयारी में जुटी है।
पंजाब की तर्ज पर मांग रहे गन्ना मूल्य
पंजाब सरकार ने गन्ना मूल्य बढ़ा दिया है। किसान संगठनों ने इसे आंदोलन की जीत बताया है। यूपी में पिछले तीन पेराई सत्र से गन्ने का रेट नहीं बढ़ा है। पेराई सत्र 2021-22 के लिए गन्ना मूल्य की घोषणा होनी है। किसान आंदोलन के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी कर रहे हैं।