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Saharanpur News: बदला लेने के लिए किया था बच्चे का अपहरण
Tue, 28 Jan 2025 12:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 28 Jan 2025 12:48 AM IST
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पुलिस गिरफ्त में फिरौती मांगने वाले आरोपी।
सहारनपुर। मदरसा संचालक के बेटे का अपहरण कर 25 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले शिक्षक समेत दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मदरसे में ही पढ़ाता था। उसे एक महीने का वेतन न देने और बेइज्जत कर मदरसे से निकाल दिया था। इसका बदला लेने के लिए शिक्षक ने मदरसा संचालक के बेटे के अपहरण करने का प्लान बनाया था। आरोपी शिक्षक ने बच्चे को नशे के पान खिलाकर लखनऊ ले गया था।
सोमवार को पुलिस लाइन में एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि थाना गंगोह के गांव कुंडाकलां निवासी इसरार ने 24 जनवरी को बेटे के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि मदरसे में पढ़ने वाला मोहम्मद उसामा उसके बेटे शाद (10) का अपहरण कर ले गया है। बच्चे का अपहरण कर शिक्षक 25 लाख रुपये मांग रहा है। इसके बाद गंगोह पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
आरोपी शिक्षक मोहम्मद उसामा निवासी मोहल्ला मौलवीगंज व उसके दोस्त मोहम्मद उस्मान निवासी मोहल्ला अमन विहार लखनऊ को सांगाठेड़ा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने रुपयों के लिए तीन बैंक खाते नंबर दिए, लेकिन पुलिस ने दो दिन बैंक की छुट्टी होने की बात कही।
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व्हाट्सएप ग्रुप में देखा था शिक्षक की नौकरी का विज्ञापन : पूछताछ में आरोपी शिक्षक मोहम्मद उसामा ने बताया कि वह 12वीं तक पढ़ा है। मोबाइल ठीक करने का काम करता था। उसने वाट्सएप ग्रुप में विज्ञापन देखा था कि मौलाना इसरार के मदरसे में एक मौलवी की जरूरत है, जो अंग्रेजी व हिंदी पढ़ाता हो। इसके बाद मदरसा संचालक इसरार से संपर्क किया और उन्होंने शिक्षक के पद रख लिया था। तीन महीने तक ही मदरसा में पढ़ाया। इसके बाद मदरसे संचालक ने मदरसे से निकाल दिया। एक महीने का भी वेतन नहीं दिया और बेइज्जती भी की गई। वह कुछ दिन अपने एक जानने वाले के घर पर रुका था।
24 जनवरी को मदरसा छात्र उजैफा, उवैश और मदरसा संचालक के बेटे शाद को बाइक पर बैठाकर लखनौती तिराहे पर ले गया और थोड़ी देर वहां पर रुका। उसके बाद मेटाडोर स्टैंड की ओर लेकर चला गया। वहां तीनों को पान खिलाया, जिसमें नशे की गोलियां मिला रखी थीं। वहां से उजैफा और उवैश को वापस भेज दिया। बच्चे शाद को नशे की हालत में लेकर सहारनपुर पहुंचा। उसके बाद नौचंदी ट्रेन में बैठकर अगले दिन सुबह लखनऊ रेलवे स्टेशन पहुंच गया।
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सोमवार को पुलिस लाइन में एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि थाना गंगोह के गांव कुंडाकलां निवासी इसरार ने 24 जनवरी को बेटे के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि मदरसे में पढ़ने वाला मोहम्मद उसामा उसके बेटे शाद (10) का अपहरण कर ले गया है। बच्चे का अपहरण कर शिक्षक 25 लाख रुपये मांग रहा है। इसके बाद गंगोह पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
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आरोपी शिक्षक मोहम्मद उसामा निवासी मोहल्ला मौलवीगंज व उसके दोस्त मोहम्मद उस्मान निवासी मोहल्ला अमन विहार लखनऊ को सांगाठेड़ा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने रुपयों के लिए तीन बैंक खाते नंबर दिए, लेकिन पुलिस ने दो दिन बैंक की छुट्टी होने की बात कही।
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व्हाट्सएप ग्रुप में देखा था शिक्षक की नौकरी का विज्ञापन : पूछताछ में आरोपी शिक्षक मोहम्मद उसामा ने बताया कि वह 12वीं तक पढ़ा है। मोबाइल ठीक करने का काम करता था। उसने वाट्सएप ग्रुप में विज्ञापन देखा था कि मौलाना इसरार के मदरसे में एक मौलवी की जरूरत है, जो अंग्रेजी व हिंदी पढ़ाता हो। इसके बाद मदरसा संचालक इसरार से संपर्क किया और उन्होंने शिक्षक के पद रख लिया था। तीन महीने तक ही मदरसा में पढ़ाया। इसके बाद मदरसे संचालक ने मदरसे से निकाल दिया। एक महीने का भी वेतन नहीं दिया और बेइज्जती भी की गई। वह कुछ दिन अपने एक जानने वाले के घर पर रुका था।
24 जनवरी को मदरसा छात्र उजैफा, उवैश और मदरसा संचालक के बेटे शाद को बाइक पर बैठाकर लखनौती तिराहे पर ले गया और थोड़ी देर वहां पर रुका। उसके बाद मेटाडोर स्टैंड की ओर लेकर चला गया। वहां तीनों को पान खिलाया, जिसमें नशे की गोलियां मिला रखी थीं। वहां से उजैफा और उवैश को वापस भेज दिया। बच्चे शाद को नशे की हालत में लेकर सहारनपुर पहुंचा। उसके बाद नौचंदी ट्रेन में बैठकर अगले दिन सुबह लखनऊ रेलवे स्टेशन पहुंच गया।