{"_id":"6962a00ef18c974fdd0f20d5","slug":"khichdi-will-not-be-made-this-time-on-makar-sankranti-ekadashi-is-falling-saharanpur-news-c-30-1-smrt1014-166941-2026-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: मकर संक्रांति पर इस बार नहीं बनेगी खिचड़ी, पड़ रही एकादशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: मकर संक्रांति पर इस बार नहीं बनेगी खिचड़ी, पड़ रही एकादशी
Sun, 11 Jan 2026 12:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 11 Jan 2026 12:23 AM IST
विज्ञापन
छुटमलपुर। मकर संक्रांति पर्व की पहचान ही खिचड़ी से है, लेकिन इस बार हमें इसका प्रसाद नहीं मिल सकेगा। 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर 19 वर्ष बाद षटतिला एकादशी पड़ रही है।
धार्मिक दृष्टिकोण से एकादशी पर चावल से बनी सामग्री का प्रयोग नहीं होगा। ऐसे में श्रद्धालु कच्चा चावल, गुड़, तिल या फिर साबूदाने से बनी खिचड़ी ही दान कर सकते हैं।
बीते वर्ष भी त्योहारों को लेकर कई बार असमंजस की स्थिति रही। सबसे बड़े पर्व दिवाली की तिथि को लेकर भी संशय बना रहा। नए साल 2026 की शुरुआत में पहले त्योहार में ही तिथि पर संशय बन रहा है। दरअसल, 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन एकादशी पड़ रही है। वैदिक शिव सत्संग मंदिर के पुजारी पंडित आशीष नौटियाल ने बताया कि 14 जनवरी को सूर्यदेव दोपहर बाद 3:06 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। षटतिला एकादशी 13 जनवरी को शाम 3:18 बजे शुरू होगी जो 14 जनवरी की शाम 5:53 बजे तक रहेगी। एकादशी पर खाद्य पदार्थ में चावल इस्तेमाल नहीं होता है। ऐसे में षटतिला एकादशी पर चावल की खिचड़ी नहीं बनाई जा सकेगी। ऐसा संयोग 19 साल बाद पड़ रहा है कि मकर संक्रांति पर षटतिला एकादशी हो।
विज्ञापन
मकर संक्रांति पर खिचड़ी का विशेष महत्व होता है, लेकिन एकादशी के कारण खिचड़ी नहीं बनाई जा सकेगी। इस दिन लोग तिल, गुड़ से बनी सामग्री या साबूदाने की खिचड़ी बना सकेंगे।
पंडित पंकज पाराशर ने बताया कि मकर संक्रांति पर स्नान करना पुण्यदायक माना जाता है। इस दिन कंबल, घी और तिल का दान करना शुभ फल प्रदान करता है। एकादशी होने के चलते भगवान को श्वेत तिल अर्पित किए जा सकेंगे।
विज्ञापन
धार्मिक दृष्टिकोण से एकादशी पर चावल से बनी सामग्री का प्रयोग नहीं होगा। ऐसे में श्रद्धालु कच्चा चावल, गुड़, तिल या फिर साबूदाने से बनी खिचड़ी ही दान कर सकते हैं।
विज्ञापन
बीते वर्ष भी त्योहारों को लेकर कई बार असमंजस की स्थिति रही। सबसे बड़े पर्व दिवाली की तिथि को लेकर भी संशय बना रहा। नए साल 2026 की शुरुआत में पहले त्योहार में ही तिथि पर संशय बन रहा है। दरअसल, 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन एकादशी पड़ रही है। वैदिक शिव सत्संग मंदिर के पुजारी पंडित आशीष नौटियाल ने बताया कि 14 जनवरी को सूर्यदेव दोपहर बाद 3:06 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। षटतिला एकादशी 13 जनवरी को शाम 3:18 बजे शुरू होगी जो 14 जनवरी की शाम 5:53 बजे तक रहेगी। एकादशी पर खाद्य पदार्थ में चावल इस्तेमाल नहीं होता है। ऐसे में षटतिला एकादशी पर चावल की खिचड़ी नहीं बनाई जा सकेगी। ऐसा संयोग 19 साल बाद पड़ रहा है कि मकर संक्रांति पर षटतिला एकादशी हो।
विज्ञापन
मकर संक्रांति पर खिचड़ी का विशेष महत्व होता है, लेकिन एकादशी के कारण खिचड़ी नहीं बनाई जा सकेगी। इस दिन लोग तिल, गुड़ से बनी सामग्री या साबूदाने की खिचड़ी बना सकेंगे।
पंडित पंकज पाराशर ने बताया कि मकर संक्रांति पर स्नान करना पुण्यदायक माना जाता है। इस दिन कंबल, घी और तिल का दान करना शुभ फल प्रदान करता है। एकादशी होने के चलते भगवान को श्वेत तिल अर्पित किए जा सकेंगे।