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खतरे के निशान से ऊपर पहुंची यमुना
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Jul 2018 12:24 AM IST
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सहारनपुर में यमुना का बढ़ा जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला
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सरसावा (सहारनपुर)। हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण यमुना में पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। यमुना नदी के तट पर बने केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय के अनुसार समुद्र तल से नदी का तल 260.00 मीटर है पानी की मानक ऊंचाई 263.00 मीटर मानी गयी है तथा पानी बढ़ने पर चेतावनी लेवल 265.80 है वहीं खतरे का निशान 266.00 का है लेकिन पानी खतरे के निशान को पार कर 40 सेंटीमीटर ऊपर यानि 266.40 मीटर पर बह रहा है।
बता दें कि वर्ष 1978 में यमुना नदी में आयी भीषण बाढ़ ने क्षेत्र में व्यापक रूप से तबाही मचायी थी तथा उस समय पानी का लेवल 268.20 मीटर था। वर्ष 2013 में भी यमुना नदी में पानी का जबरदस्त उफान आया था तथा पानी ने वर्ष 1978 के रिकार्ड को भी तोड़ दिया था तथा पानी का लेवल 268.66 मीटर पर पहुंच गया था। यमुना तट से लगे चोरी मंडी, हैदरपुर, झरौली शाहजहांपुर, हुसैनपुर, घंघोड़, कुतुबपुर, अपलाना, ढिक्का कलां, ढिक्का टपरी, मंधोर, समसपुर, टाबर आदि के ग्रामीण खौफजदा हैं कि यदि यमुना नदी में रात में पानी आया तो उनकी हालत क्या होगी।
हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि यदि पहाड़ों पर बारिश रुक जाती है तो यमुना में बह रहे पानी से कोई खतरा नहीं हैं। एसओ सरसावा ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र के तटवर्ती गांवों के प्रधानों को सतर्क कर दिया है कि किसी भी तरह की विषम परिस्थिति पैदा होने पर तत्काल पुलिस को उसकी जानकारी दी जाए।
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बता दें कि वर्ष 1978 में यमुना नदी में आयी भीषण बाढ़ ने क्षेत्र में व्यापक रूप से तबाही मचायी थी तथा उस समय पानी का लेवल 268.20 मीटर था। वर्ष 2013 में भी यमुना नदी में पानी का जबरदस्त उफान आया था तथा पानी ने वर्ष 1978 के रिकार्ड को भी तोड़ दिया था तथा पानी का लेवल 268.66 मीटर पर पहुंच गया था। यमुना तट से लगे चोरी मंडी, हैदरपुर, झरौली शाहजहांपुर, हुसैनपुर, घंघोड़, कुतुबपुर, अपलाना, ढिक्का कलां, ढिक्का टपरी, मंधोर, समसपुर, टाबर आदि के ग्रामीण खौफजदा हैं कि यदि यमुना नदी में रात में पानी आया तो उनकी हालत क्या होगी।
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हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि यदि पहाड़ों पर बारिश रुक जाती है तो यमुना में बह रहे पानी से कोई खतरा नहीं हैं। एसओ सरसावा ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र के तटवर्ती गांवों के प्रधानों को सतर्क कर दिया है कि किसी भी तरह की विषम परिस्थिति पैदा होने पर तत्काल पुलिस को उसकी जानकारी दी जाए।
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