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Saharanpur News: खारा जल विद्युत परियोजना डेढ़ घंटा ठप, नहीं हुआ बिजली उत्पादन
Sat, 27 Jul 2024 02:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 27 Jul 2024 02:54 AM IST
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सहारनपुर। महत्वपूर्ण खारा जल विद्युत परियोजना पावर हाउस में बृहस्पतिवार देर शाम करीब डेढ़ घंटा बिजली उत्पादन ठप रहा। तकनीकी खराबी के चलते ओवरफ्लो का गेट नहीं खुला, जिस कारण पानी की सप्लाई देने वाली शक्ति नहर ओवरफ्लो हो गई और उसकी सुरक्षा दीवार चार जगह से क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि समय रहते अधिकारियों ने उसे देख लिया, अन्यथा बिजली उत्पादन लंबे समय तक ठप हो सकता था। दरअसल, खारा जल विद्युत परियोजना में बिजली उत्पादन के लिए शक्ति नहर से 7000 क्यूसेक पानी की आपूर्ति की जाती है। यदि पानी ओवरफ्लो है तो दो गेट के माध्यम से बाहर पूर्वी यमुना नहर में निकाल दिया जाता है। बृहस्पतिवार देर शाम ओवरफ्लो का एक गेट तकनीकी खराबी के चलते नहीं खुला। ऐसे में पानी ओवरफ्लो होता चला गया और परियोजना के पीछे शक्ति नहर के किनारे पर बनी सड़क के ऊपर तक आ गया, जो सड़क पार कर यमुना में चला गया। इस वजह से शक्ति नहर की सुरक्षा दीवार चार स्थानों से ध्वस्त हो गई। एक स्थान पर तो यमुना के किनारे और शक्ति नहर के बीच करीब छह मीटर की दूरी रह गई। इस दौरान परियोजना का बिजली उत्पादन भी करीब डेढ़ घंटा ठप रहा। हालांकि परियोजना के अधिकारियों ने आनन-फानन में ओवरफ्लो के गेट को ठीक कराते हुए बिजली उत्पादन सुचारु कराया।
63 पैसे प्रति यूनिट होता है उत्पादन
वर्ष 1992 में खारा जल विद्युत परियोजना की स्थापना हुई थी। इससे प्रतिदिन 72 मेगावाट बिजली उत्पादन होता है। जिसमें 24-24 मेगावाट की तीन टरबाइन लगी है। इसकी सप्लाई मोहनपुर गाड़ा के 220 केवीए और कलसिया के 220 केवीए पर होती है। उत्तराखंड के आसन्न बैराज से पानी की सप्लाई होती है। वहां से पानी कुल्हाल पावर परियोजना तक आता है। जिसके बाद खारा परियोजना में पानी की सप्लाई होती है। यहां पर हर माह करीब 1.86 करोड़ का बिजली उत्पादन हो रहा है। इसकी खासियत यह है कि ग्रीन हाइड्रो प्रोजेक्ट के माध्यम से बिना प्रदूषण के 63 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली का उत्पादन हो रहा है।
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यह बोले अधिकारी
किसी तकनीकी फाल्ट के चलते बिजली उत्पादन करीब डेढ़ घंटे के लिए बंद हो गया था। तुरंत ही फाल्ट को सही कराकर बिजली उत्पादन शुरू कराया गया।
- ऋषिकेश झा एसडीओ जल विद्युत परियोजना खारा
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परियोजना का ओवरफ्लो गेट बंद होने के चलते ही अतिरिक्त पानी से सुरक्षा दीवार ध्वस्त हुई है। हालांकि निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है।
- सुभाष चंद्रा, एक्सईएन सिंचाई विभाग लिंक चैनल
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63 पैसे प्रति यूनिट होता है उत्पादन
वर्ष 1992 में खारा जल विद्युत परियोजना की स्थापना हुई थी। इससे प्रतिदिन 72 मेगावाट बिजली उत्पादन होता है। जिसमें 24-24 मेगावाट की तीन टरबाइन लगी है। इसकी सप्लाई मोहनपुर गाड़ा के 220 केवीए और कलसिया के 220 केवीए पर होती है। उत्तराखंड के आसन्न बैराज से पानी की सप्लाई होती है। वहां से पानी कुल्हाल पावर परियोजना तक आता है। जिसके बाद खारा परियोजना में पानी की सप्लाई होती है। यहां पर हर माह करीब 1.86 करोड़ का बिजली उत्पादन हो रहा है। इसकी खासियत यह है कि ग्रीन हाइड्रो प्रोजेक्ट के माध्यम से बिना प्रदूषण के 63 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली का उत्पादन हो रहा है।
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यह बोले अधिकारी
किसी तकनीकी फाल्ट के चलते बिजली उत्पादन करीब डेढ़ घंटे के लिए बंद हो गया था। तुरंत ही फाल्ट को सही कराकर बिजली उत्पादन शुरू कराया गया।
- ऋषिकेश झा एसडीओ जल विद्युत परियोजना खारा
परियोजना का ओवरफ्लो गेट बंद होने के चलते ही अतिरिक्त पानी से सुरक्षा दीवार ध्वस्त हुई है। हालांकि निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है।
- सुभाष चंद्रा, एक्सईएन सिंचाई विभाग लिंक चैनल