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यूपी-हरियाणा के अफसरों के बीच सीमा को लेकन विवाद गहराया
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बेहट (सहारनपुर)। तीन दिन पूर्व यमुना नदी में अवैध खनन को लेकर प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई पर हरियाणा ने एतराज जताया। वहां के अफसरों ने अवैध खनन होना तो स्वीकार किया है, लेकिन उनका कहना है कि जिस क्षेत्र में यूपी के प्रशासन ने कार्रवाई की है वह क्षेत्र हरियाणा का है। जवाब में यूपी के अधिकारियों ने दो टूक कहा, पहले से सीमांकन हुआ है। ये क्षेत्र यूपी में है। सीमा विवाद की स्थिति में तय किया गया कि फिर से दोनों राज्यों की राजस्व टीम को लगा कर सीमांकन कराया जाएगा। दोनों प्रदेशों के अधिकारी अपने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट देंगे।
20 मई को प्रशासन ने यमुना नदी में हरियाणा के माफिया की ओर से अवैध खनन को लेकर बड़ी कार्रवाई की थी। अमर उजाला ने इस पर प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की थी। आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था और 17 खनन माफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। कार्रवाई पर हरियाणा ने एतराज जताया था। शनिवार को दोनों राज्यों के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की हरियाणा के खिजराबाद क्षेत्र के भूड़ कलां में बैठक हुई। बैठक में यूपी की तरफ से एसडीएम बेहट दीप्ति देव, सीओ विजयपाल सिंह एवं जिला खनन अधिकारी आशीष कुमार एवं हरियाणा की तरफ से एसडीएम नवीन आहूजा, जिला खनन अधिकारी अशोक कुमार ने भाग लिया। एसडीएम बेहट ने बताया कि तीन दिन पूर्व हुई कार्रवाई पर हरियाणा ने एतराज जताया है। उनका कहना है कि खनन तो वास्तव में अवैध है लेकिन जिस क्षेत्र में अवैध खनन किया जा रहा था, वह क्षेत्र हरियाणा का है। इस पर एसडीएम ने कहा, कि पहले सीमांकन हुआ है, जिस क्षेत्र में कार्रवाई की गई है वह यूपी का है। सीमा विवाद गहराने पर तय हुआ है, कि दोनों राज्यों कि राजस्व टीम को लगाकर फिर से सीमांकन करा लिया जाए। इसके लिए दोनों राज्यों के अधिकारी अपने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट करेंगे। इसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई होगी। एसडीएम दीप्ति देव ने बताया कि बिना सी फार्म के खनिज सामग्री बेचने वाले चार स्टोन क्रशरों नेशनल, बाबा सीताराम, महाराजा और एक अन्य को नोटिस जारी किया जाएगा।
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20 मई को प्रशासन ने यमुना नदी में हरियाणा के माफिया की ओर से अवैध खनन को लेकर बड़ी कार्रवाई की थी। अमर उजाला ने इस पर प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की थी। आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था और 17 खनन माफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। कार्रवाई पर हरियाणा ने एतराज जताया था। शनिवार को दोनों राज्यों के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की हरियाणा के खिजराबाद क्षेत्र के भूड़ कलां में बैठक हुई। बैठक में यूपी की तरफ से एसडीएम बेहट दीप्ति देव, सीओ विजयपाल सिंह एवं जिला खनन अधिकारी आशीष कुमार एवं हरियाणा की तरफ से एसडीएम नवीन आहूजा, जिला खनन अधिकारी अशोक कुमार ने भाग लिया। एसडीएम बेहट ने बताया कि तीन दिन पूर्व हुई कार्रवाई पर हरियाणा ने एतराज जताया है। उनका कहना है कि खनन तो वास्तव में अवैध है लेकिन जिस क्षेत्र में अवैध खनन किया जा रहा था, वह क्षेत्र हरियाणा का है। इस पर एसडीएम ने कहा, कि पहले सीमांकन हुआ है, जिस क्षेत्र में कार्रवाई की गई है वह यूपी का है। सीमा विवाद गहराने पर तय हुआ है, कि दोनों राज्यों कि राजस्व टीम को लगाकर फिर से सीमांकन करा लिया जाए। इसके लिए दोनों राज्यों के अधिकारी अपने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट करेंगे। इसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई होगी। एसडीएम दीप्ति देव ने बताया कि बिना सी फार्म के खनिज सामग्री बेचने वाले चार स्टोन क्रशरों नेशनल, बाबा सीताराम, महाराजा और एक अन्य को नोटिस जारी किया जाएगा।
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